शरावती पंप स्टोरेज परियोजना कर्नाटक की बिजली जरूरतों के लिए अनिवार्य: मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 20 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि शरावती पंप स्टोरेज परियोजना राज्य की भविष्य की बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अपरिहार्य है और सरकार किसी भी विरोध के बावजूद इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वे बेंगलुरु के पैलेस रोड स्थित बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी के ज्ञान ज्योति सभागार में कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL) के 57वें स्थापना दिवस समारोह के उद्घाटन के बाद संबोधित कर रहे थे।
परियोजना की स्थिति और सरकार का रुख
शिवकुमार ने कहा कि शरावती पंप स्टोरेज परियोजना की नींव काफी पहले रखी गई थी, किंतु तब यह साकार नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि अब इसे लागू करने के प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं और आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियाँ प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। 'कुछ लोग आपत्ति जता रहे हैं, लेकिन हम इस परियोजना से पीछे नहीं हटेंगे जो राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है' — यह उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा।
येलाहांका और पावागड़ा: पिछली परियोजनाओं से सबक
मुख्यमंत्री ने येलाहांका गैस आधारित विद्युत संयंत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि उस परियोजना का भी शुरुआत में कड़ा विरोध हुआ था, लेकिन राज्य हित में उसे लागू किया गया और वह अब सफलतापूर्वक बिजली उत्पादन कर रही है। इसी क्रम में उन्होंने पावागड़ा सोलर पार्क का ज़िक्र किया, जहाँ किसानों को भूमि अधिग्रहण के बजाय परियोजना में हिस्सेदार बनाया गया — एक मॉडल जो पूरे देश के लिए मिसाल बन गया।
पावागड़ा सोलर पार्क वर्तमान में 2,000 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहा है। शिवकुमार ने बताया कि क्षेत्र के किसान अब विस्तार के लिए स्वेच्छा से 10,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि देने को तैयार हैं और विस्तार कार्य शीघ्र आरंभ होगा।
गृह ज्योति योजना और बिजली सब्सिडी का बोझ
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार गृह ज्योति योजना के तहत 1.61 करोड़ परिवारों को निःशुल्क बिजली प्रदान कर रही है, जिस पर प्रतिवर्ष लगभग ₹10,000 करोड़ व्यय होता है। इसके अतिरिक्त, कृषि पंप सेटों को मुफ्त बिजली देने के लिए सालाना ₹20,000 करोड़ की सब्सिडी दी जाती है। शिवकुमार के अनुसार, इन दोनों पहलों के कारण राज्य के नागरिकों को कुल मिलाकर लगभग ₹30,000 करोड़ की वार्षिक बचत हो रही है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की बिजली माँग तेज़ी से बढ़ रही है और मुफ्त बिजली योजनाओं के कारण KPCL पर वित्तीय दबाव भी बढ़ा है।
KPCL कर्मचारियों को 'टीम कर्नाटक' का आह्वान
समारोह में शिवकुमार ने KPCL के कर्मचारियों को 'टीम कर्नाटक' की भावना से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि KPCL ने गृह ज्योति योजना को सफल बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है और राज्य के विकास एवं समृद्धि के लिए सामूहिक प्रयास जारी रहने चाहिए।
शरावती परियोजना के कार्यान्वयन की समयसीमा और तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं; वैधानिक स्वीकृतियाँ मिलने के बाद आगे की रूपरेखा स्पष्ट होगी।