सिक्किम में ऑड-ईवन वाहन नीति लागू, ईंधन बचत में देश का पहला राज्य बना
सारांश
मुख्य बातें
हिमालयी राज्य सिक्किम ने 19 मई 2026 को ईंधन संरक्षण के उद्देश्य से ऑड-ईवन वाहन नीति लागू कर देश में एक नई मिसाल कायम की है। वैश्विक ईंधन संकट की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद यह कदम उठाने वाला सिक्किम भारत का पहला राज्य बन गया है। गंगटोक से लागू इस नीति के तहत राज्य राजमार्गों पर निजी और सरकारी वाहनों के परिचालन पर नई शर्तें लागू की गई हैं।
नीति का स्वरूप और नियम
नई व्यवस्था के अनुसार, विषम (ऑड) पंजीकरण संख्या वाले वाहन मंगलवार को और सम (ईवन) पंजीकरण संख्या वाले वाहन बुधवार को राज्य राजमार्गों पर चल सकेंगे। हालाँकि, टैक्सियों और दोपहिया वाहनों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। शनिवार और रविवार को सभी निजी वाहनों को बिना किसी प्रतिबंध के चलने की अनुमति होगी, ताकि सप्ताहांत में जनता को असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री की पहल और नेतृत्व
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने इस नीति की घोषणा करते हुए स्वयं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग शुरू किया है और आधिकारिक कार्यक्रमों में पैदल जाते देखे गए हैं। यह राज्य सरकार के 'उदाहरण से नेतृत्व' के दृष्टिकोण को दर्शाता है। गौरतलब है कि सिक्किम ने पहले भी पर्यावरण और सतत विकास से जुड़ी राष्ट्रीय नीतियों को अग्रणी रूप से लागू किया है।
जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया
राज्य के निवासियों में इस नीति को लेकर मिली-जुली राय देखने को मिली है। स्थानीय निवासी केशव सपकोटा ने कहा कि यह कदम एक प्रतीकात्मक प्रशासनिक पहल हो सकता है, किंतु सिक्किम की अपेक्षाकृत कम जनसंख्या और सीमित वाहन घनत्व को देखते हुए भारत की समग्र ईंधन खपत पर इसका विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य के अधिकांश भाग में दुर्गम पहाड़ी भूभाग है और केवल कुछ शहरी क्षेत्रों में ही बेहतर सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जिससे कई लोगों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, एक अन्य निवासी रेमन छेत्री ने इस पहल का स्वागत किया। उनके अनुसार, सिक्किम ने सतत विकास और सार्वजनिक अनुशासन से जुड़ी राष्ट्रीय नीतियों को लागू करने में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। छेत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री तमांग का सार्वजनिक परिवहन अपनाना और पैदल चलना नागरिकों को भी इसी राह पर चलने के लिए प्रेरित कर रहा है।
व्यापक संदर्भ और महत्व
यह कदम सिक्किम की उस व्यापक नीति का अंग है जो ईंधन खपत में कटौती और जिम्मेदार परिवहन आदतों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार राज्यों से ईंधन बचत के ठोस उपाय अपनाने का आग्रह कर रही है। सिक्किम का यह प्रयोग अन्य पहाड़ी और छोटे राज्यों के लिए एक संभावित मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, हालाँकि इसकी दीर्घकालिक प्रभावशीलता नीति के निरंतर क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।