स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का योगी आदित्यनाथ को कटाक्ष: संन्यासी और वेतन का प्रश्न

Click to start listening
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का योगी आदित्यनाथ को कटाक्ष: संन्यासी और वेतन का प्रश्न

सारांश

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वासुदेवानंद सरस्वती पर केस दर्ज करवाने का कारण बताते हुए, संन्यासियों के वेतन लेने की प्रथा पर सवाल उठाया है। क्या योगी आदित्यनाथ भी इसी परंपरा का पालन करते हैं?

Key Takeaways

  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने धार्मिक शास्त्रों का हवाला दिया।
  • संन्यासियों को वेतन लेना अनैतिक माना गया।
  • योगी आदित्यनाथ पर प्रश्न उठाए गए हैं।
  • अहिंसा का पालन संन्यासियों के लिए अनिवार्य है।

वाराणसी, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंगलवार को राष्ट्र प्रेस से संवाद करते हुए वासुदेवानंद सरस्वती पर केस दर्ज करने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य उन्हें शंकराचार्य का दावा करने से रोकना था।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब हमसे यह पूछा गया कि ऐसा क्यों करना चाहते हैं, तो हमने शास्त्रों का संदर्भ दिया। शास्त्रों में स्पष्ट रूप से लिखा है कि जो व्यक्ति संन्यासी बनता है, वह ना तो नौकरी कर सकता है और ना ही वेतन ले सकता है। निचली अदालत ने इस मामले की गहराई से जांच की और बाद में अपील कोर्ट तथा हाईकोर्ट ने कहा कि वे संन्यासी नहीं हो सकते।

उन्होंने बताया कि वे सुप्रीम कोर्ट भी गए थे, लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "हमारे धर्म शास्त्रों के अनुसार, कोई भी संन्यासी व्यक्ति नौकरी या वेतन नहीं ले सकता।"

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा, "इसी प्रकार आदित्यनाथ योगी भी अपने आपको संन्यासी बताने का दावा करते हैं और भगवा रंग के वस्त्र पहनते हैं। वे भी तो वेतन ले रहे हैं। यदि वे वेतन ले रहे हैं, तो संन्यासी किस बात के?"

उन्होंने आगे कहा, "एक संन्यासी को अहिंसा का व्रत पूरी तरह से निभाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गलती से भी किसी जीव की हत्या न हो। यह जो परिभाषा हिंदू धर्म की बनाई जा रही है कि गेरुआ रंग के कपड़े पहन लो और सिर मुंडवा लो, इससे कोई संन्यासी नहीं बनता। संन्यासी होने के लिए सही आचरण का पालन आवश्यक है।"

Point of View

योगी आदित्यनाथ का यह दावा कि वे संन्यासी हैं, सवाल उठाता है। यह मुद्दा धार्मिक आचार-व्यवहार के साथ-साथ राजनीतिक विमर्श में भी महत्त्वपूर्ण है।
NationPress
27/02/2026

Frequently Asked Questions

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वासुदेवानंद सरस्वती पर केस क्यों दर्ज करवाया?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि वासुदेवानंद सरस्वती को खुद को शंकराचार्य कहने से रोका जा सके।
क्या संन्यासी नौकरी कर सकते हैं?
शास्त्रों के अनुसार, एक संन्यासी को नौकरी नहीं करनी चाहिए और न ही वेतन लेना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने संन्यासी का दावा क्यों किया?
योगी आदित्यनाथ ने अपने आपको संन्यासी बताते हुए भगवा रंग के कपड़े पहनने का दावा किया है, जो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार विवादित है।
Nation Press