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खम्मम में साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़: TGCSB ने 2 गिरफ्तार, ₹7.84 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन उजागर

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खम्मम में साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़: TGCSB ने 2 गिरफ्तार, ₹7.84 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन उजागर

सारांश

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने खम्मम में एक संगठित म्यूल बैंक खाता नेटवर्क का भंडाफोड़ किया — 2 नए गिरफ्तार, कुल 54 आरोपी, 121 म्यूल खाते और ₹7.84 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन। चीनी ऑपरेटरों से जुड़े टेलीग्राम नेटवर्क तक फैले इस मामले की जांच अभी जारी है।

मुख्य बातें

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) ने 3 सितंबर 2026 को खम्मम से बडिसा मुरली कृष्णा और वडलामुडी साईनिवास को गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों ने साइबर ठगों को 10 म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराए थे।
इन्हीं मामलों में पहले से 52 आरोपी गिरफ्तार; खम्मम के 8 थानों में 25 एफआईआर दर्ज।
जांच में 30 बैंक शाखाओं में 121 म्यूल खाते और 25 संदिग्ध स्थान चिह्नित।
कुल ₹7.84 करोड़ के लेनदेन उजागर, जिनमें से ₹6.23 करोड़ विवादित।
खातों का उपयोग चीनी ऑपरेटरों के टेलीग्राम समूहों के ज़रिए अवैध ऑनलाइन गेमिंग भुगतान के लिए भी किया गया।

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) ने खम्मम जिले में साइबर धोखाधड़ी को संगठित रूप से बढ़ावा देने वाले एक नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 सितंबर 2026 को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने साइबर ठगों को 10 म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराए थे, जिनका उपयोग अवैध धन की प्राप्ति और उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया जा रहा था। जांच में ₹7.84 करोड़ के कुल लेनदेन का खुलासा हुआ है, जिनमें से ₹6.23 करोड़ विवादित पाए गए हैं।

अभियान का विवरण और कार्रवाई

TGCSB ने खम्मम यूनिट की कानून-व्यवस्था पुलिस के सहयोग से 2 और 3 सितंबर को जिले के विभिन्न बैंक शाखाओं, एटीएम केंद्रों और संदिग्ध ठिकानों पर एक विशेष संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान में 40 पुलिस अधिकारियों की 11 टीमें शामिल थीं। म्यूल खातों के विरुद्ध इस अभियान के तहत खम्मम जिले के आठ पुलिस थानों में कुल 25 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका

गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों की पहचान बडिसा मुरली कृष्णा और वडलामुडी साईनिवास के रूप में हुई है। जांच के अनुसार, इन दोनों ने साइबर ठगी के लेनदेन को सुगम बनाने के लिए 10 म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। गौरतलब है कि इन्हीं दो मामलों में इससे पहले 52 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

म्यूल खातों का संगठित नेटवर्क

जांच में सामने आया कि इन खातों का उपयोग विदेशी — विशेष रूप से चीनी ऑपरेटरों द्वारा संचालित टेलीग्राम समूहों के माध्यम से अवैध ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े भुगतान और निकासी के लिए भी किया जा रहा था। TGCSB ने 30 बैंक शाखाओं में 121 म्यूल खाते, बड़ी राशि की एटीएम निकासी से संबंधित 273 खाते, ₹20,000 से अधिक के चेक निकासी वाले 12 खाते और क्षेत्र में 25 संदिग्ध स्थानों की पहचान की है।

आम जनता और वित्तीय प्रणाली पर असर

ब्यूरो के अनुसार, इन खातों और स्थानों का संबंध तेलंगाना सहित देश के कई साइबर अपराध मामलों से पाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में म्यूल बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं और आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई को निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और आपस में जुड़े साइबर अपराधों के विस्तृत डेटा-विश्लेषण के आधार पर की गई।

आगे की जांच और कदम

TGCSB ने स्पष्ट किया है कि खम्मम से जुड़े कई वित्तीय संबंध सामने आए हैं, जो एक संगठित साइबर अपराध नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते या बैंकिंग विवरण न सौंपें, अन्यथा वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध तंत्र का हिस्सा है — जहाँ चीनी ऑपरेटर टेलीग्राम के ज़रिए भारतीय बैंक खातों को मनी-लॉन्ड्रिंग की नली बना रहे हैं। असली सवाल यह है कि 121 म्यूल खाते और ₹7.84 करोड़ के लेनदेन इतने समय तक बैंकिंग निगरानी तंत्र की नज़र से कैसे बचे रहे। TGCSB की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जब तक बैंक स्तर पर रियल-टाइम फ्लैगिंग और खाता-धारकों की जागरूकता नहीं बढ़ती, ऐसे नेटवर्क नए रूप में उभरते रहेंगे।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खम्मम में TGCSB ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने 3 सितंबर 2026 को बडिसा मुरली कृष्णा और वडलामुडी साईनिवास को गिरफ्तार किया, क्योंकि उन्होंने साइबर ठगों को 10 म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम प्राप्त करने और उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया जा रहा था।
म्यूल बैंक खाते क्या होते हैं और इनका साइबर ठगी से क्या संबंध है?
म्यूल बैंक खाते वे खाते होते हैं जिन्हें उनके असली मालिक जानबूझकर या लालच में आकर साइबर अपराधियों को सौंप देते हैं। अपराधी इन खातों में ठगी की रकम जमा कर उसे अन्य खातों में भेजते हैं, जिससे धन का असली स्रोत छिप जाता है और जांच मुश्किल हो जाती है।
इस मामले में कुल कितने आरोपी गिरफ्तार हुए और कितनी एफआईआर दर्ज हैं?
इन मामलों में अब तक कुल 54 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं — 3 सितंबर को 2 नए गिरफ्तार और इससे पहले 52 अन्य। खम्मम जिले के 8 पुलिस थानों में कुल 25 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
इस जांच में कितने रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला?
TGCSB की जांच में कुल ₹7.84 करोड़ के लेनदेन का खुलासा हुआ है, जिनमें से ₹6.23 करोड़ विवादित पाए गए हैं। इसके अलावा 30 बैंक शाखाओं में 121 म्यूल खाते और 25 संदिग्ध स्थान चिह्नित किए गए हैं।
क्या इस नेटवर्क का विदेशी कनेक्शन भी है?
जांच के अनुसार, इन म्यूल खातों का उपयोग चीनी ऑपरेटरों द्वारा संचालित टेलीग्राम समूहों के माध्यम से अवैध ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े भुगतान और निकासी के लिए भी किया गया था। यह इस मामले के अंतरराष्ट्रीय आयाम को उजागर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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