5 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खम्मम में साइबर ठगी नेटवर्क पर तेलंगाना CSB का प्रहार: 2 गिरफ्तार, ₹7.84 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन उजागर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खम्मम में साइबर ठगी नेटवर्क पर तेलंगाना CSB का प्रहार: 2 गिरफ्तार, ₹7.84 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन उजागर

सारांश

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने खम्मम में एक संगठित म्यूल खाता नेटवर्क का पर्दाफाश किया — 2 गिरफ्तार, 25 एफआईआर, ₹7.84 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन और चीनी ऑपरेटरों से जुड़े अवैध गेमिंग का कनेक्शन। इस मामले में अब तक कुल 54 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

मुख्य बातें

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने 3 सितंबर 2026 को बडिसा मुरली कृष्णा और वडलामुडी साईनिवास को गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों ने साइबर ठगों को 10 म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराए थे।
जांच में ₹7.84 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन का पता चला, जिनमें ₹6.23 करोड़ विवादित पाए गए।
खम्मम के 8 पुलिस थानों में 25 एफआईआर दर्ज; 30 बैंक शाखाओं में 121 म्यूल खाते चिह्नित।
इन मामलों में अब तक कुल 54 आरोपी गिरफ्तार; चीनी ऑपरेटरों से जुड़े अवैध ऑनलाइन गेमिंग नेटवर्क का भी खुलासा।
अभियान में 40 पुलिस अधिकारियों की 11 टीमों ने भाग लिया।

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) ने खम्मम जिले में साइबर धोखाधड़ी को सक्रिय रूप से सुविधा देने वाले एक संगठित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 सितंबर 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने साइबर ठगों के लिए 10 म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराए थे, जिनके ज़रिए अवैध धनराशि का लेनदेन किया जाता था। जांच में ₹7.84 करोड़ के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता चला है, जिनमें से ₹6.23 करोड़ विवादित पाए गए हैं।

अभियान का विवरण और कार्रवाई

TGCSB ने खम्मम यूनिट की कानून-व्यवस्था पुलिस के सहयोग से 2 और 3 सितंबर को एक विशेष संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं, एटीएम केंद्रों और संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। 40 पुलिस अधिकारियों की 11 टीमों ने यह समन्वित कार्रवाई अंजाम दी।

म्यूल खातों के विरुद्ध इस अभियान के अंतर्गत खम्मम जिले के आठ पुलिस थानों में कुल 25 एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह कार्रवाई TGCSB द्वारा संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और परस्पर जुड़े साइबर अपराधों के विस्तृत विश्लेषण के आधार पर की गई।

गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका

3 सितंबर को गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान बडिसा मुरली कृष्णा और वडलामुडी साईनिवास के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि इन दोनों ने साइबर ठगों को 10 म्यूल बैंक खाते मुहैया कराए थे, जिनका उपयोग ठगी से अर्जित धन को प्राप्त करने और विभिन्न खातों में भेजकर उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता था। गौरतलब है कि इन दो मामलों में इससे पहले 52 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

विदेशी कनेक्शन और अवैध गेमिंग नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि इन म्यूल खातों का इस्तेमाल विदेशी — विशेष रूप से चीनी ऑपरेटरों द्वारा संचालित टेलीग्राम समूहों के माध्यम से अवैध ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े भुगतान और निकासी के लिए भी किया जा रहा था। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में अवैध ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म और साइबर अपराध के अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ पर जांच एजेंसियों की नज़र है।

जांच में उजागर हुए संदिग्ध खाते और स्थान

TGCSB ने अपनी जांच के दौरान 30 बैंक शाखाओं में 121 म्यूल खाते, बड़ी राशि की एटीएम निकासी से जुड़े 273 खाते, ₹20,000 से अधिक के चेक निकासी वाले 12 खाते और खम्मम क्षेत्र में 25 संदिग्ध स्थानों की पहचान की है। ब्यूरो के अनुसार, इन खातों और स्थानों का संबंध तेलंगाना और देश के कई अन्य साइबर अपराध मामलों से भी पाया गया है।

आगे क्या होगा

TGCSB ने संकेत दिया है कि खम्मम से जुड़े वित्तीय संबंधों की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। अधिकारियों ने आम नागरिकों को सचेत किया है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने बैंक खाते या बैंकिंग विवरण न सौंपें, अन्यथा वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन खातों से गुज़री धनराशि कहाँ पहुँची और उसकी वसूली कितनी हो पाएगी।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने खम्मम में क्या कार्रवाई की?
TGCSB ने 2 और 3 सितंबर 2026 को खम्मम जिले में एक विशेष संयुक्त अभियान चलाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और 8 पुलिस थानों में 25 एफआईआर दर्ज कीं। इस अभियान में 30 बैंक शाखाओं में 121 म्यूल खाते और 25 संदिग्ध स्थानों की पहचान की गई।
म्यूल बैंक खाता क्या होता है और इसका साइबर ठगी से क्या संबंध है?
म्यूल बैंक खाता वह खाता होता है जिसे उसका असली धारक साइबर अपराधियों को किराए पर या मुफ्त में देता है, ताकि ठगी से प्राप्त धन को उसके ज़रिए ट्रांसफर कर धन के स्रोत को छिपाया जा सके। खम्मम मामले में ऐसे खातों का उपयोग अवैध ऑनलाइन गेमिंग भुगतान के लिए भी किया जा रहा था।
इस मामले में कितने आरोपी अब तक गिरफ्तार हुए हैं?
खम्मम के इन मामलों में अब तक कुल 54 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। 3 सितंबर को गिरफ्तार बडिसा मुरली कृष्णा और वडलामुडी साईनिवास से पहले 52 आरोपियों को पहले के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका था।
इस नेटवर्क में चीनी ऑपरेटरों की क्या भूमिका बताई गई है?
जांच के अनुसार, इन म्यूल खातों का उपयोग विदेशी — विशेष रूप से चीनी ऑपरेटरों द्वारा — टेलीग्राम समूहों के माध्यम से संचालित अवैध ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म के भुगतान और निकासी के लिए किया जा रहा था। यह अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क के भारतीय बैंकिंग तंत्र के दुरुपयोग का संकेत देता है।
खम्मम साइबर अभियान में कितनी धनराशि के संदिग्ध लेनदेन उजागर हुए?
TGCSB की जांच में कुल ₹7.84 करोड़ के लेनदेन का पता चला, जिनमें से ₹6.23 करोड़ विवादित पाए गए। इसके अलावा 273 खाते बड़ी एटीएम निकासी से और 12 खाते ₹20,000 से अधिक की चेक निकासी से जुड़े पाए गए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले