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शशि थरूर का चुनाव आयोग पर निशाना: '13 करोड़ मतदाताओं को सूची से नहीं हटा सकते'

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शशि थरूर का चुनाव आयोग पर निशाना: '13 करोड़ मतदाताओं को सूची से नहीं हटा सकते'

सारांश

रामलीला मैदान में 'इंडिया' ब्लॉक की रैली महज विरोध प्रदर्शन नहीं — यह मतदाता सूची की वैधता पर सीधा संवैधानिक सवाल था। थरूर से लेकर अखिलेश तक, विपक्ष ने एक सुर में कहा: 13 करोड़ नागरिकों का मताधिकार छीनना अस्वीकार्य है।

मुख्य बातें

शशि थरूर ने कहा कि चुनाव आयोग को भारत के नागरिकों के संवैधानिक अधिकार नहीं छीनने चाहिए।
'इंडिया' ब्लॉक का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत 13 करोड़ मतदाताओं को सूची से हटाया गया।
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 27 लाख वोट कम होने की बात खुद सीएम ने मानी।
कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने संविधान की रक्षा को कांग्रेस का कर्तव्य बताया।
यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की।
रैली 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में आयोजित हुई।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 'इंडिया' ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि चुनाव आयोग को भारत के नागरिकों के संवैधानिक अधिकार नहीं छीनने चाहिए। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में आयोजित किया गया था, जिसमें विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत 13 करोड़ मतदाताओं को सूची से हटाया गया।

थरूर का बयान: यह पार्टी नहीं, संविधान की लड़ाई है

मीडिया से बातचीत में थरूर ने स्पष्ट किया, 'यह पार्टियों की बात नहीं है, यह कांग्रेस की बात नहीं है — यह एक बहुत ही सीधा सा संदेश है कि चुनाव आयोग को भारत के लोगों के संवैधानिक अधिकारों को नहीं छीनना चाहिए।' उन्होंने जोड़ा, 'आप 13 करोड़ मतदाताओं को सूची से नहीं हटा सकते — यह स्वीकार्य नहीं है, हमें एक बिल्कुल साफ-सुथरी मतदाता सूची चाहिए।'

थरूर ने यह भी कहा कि 'हम देश के लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं।' गौरतलब है कि यह रैली ऐसे समय में हुई जब 'इंडिया' ब्लॉक एसआईआर प्रक्रिया को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरा बता रहा है।

हुड्डा और अखिलेश का स्वर

कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, 'कांग्रेस एक शांतिप्रिय पार्टी है। संविधान हमने ही बनाया है, इसलिए संविधान की रक्षा करना कांग्रेस का कर्तव्य है।'

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में कथित मतदाता कटौती पर सीधे प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, 'खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी मान लिया है कि 1 करोड़ 27 लाख वोट कम हो गए हैं। उन्हें यह बात कब याद आई? जब वह एमएलसी चुनाव हार गए।'

अखिलेश का 'डबल जीरो' पर तंज और डेटा पर सवाल

भाजपा के 'डबल इंजन' नारे पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा, 'जो लोग 'डबल इंजन' की बात करते थे, वे खुद 'डबल जीरो' हो गए हैं। वे सिर्फ 'डबल जीरो' ही नहीं हुए, बल्कि एक बार हारने के बाद उसे स्वीकार भी नहीं कर पाए।'

यादव ने यह भी आरोप लगाया कि इन लोगों ने चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करके दूसरी बार वोटों की गिनती करवाई। डेटा के स्रोत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'क्या याद रखा जा रहा है कि 1 करोड़ 27 लाख वोट हिंदुओं के नहीं हैं? उन्हें यह डेटा किसने दिया? ऐसा डेटा कोई ऐसी चीज नहीं है जो सड़क पर पड़ी मिल जाए।'

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग करते हुए कहा, 'ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा।' 'इंडिया' ब्लॉक ने एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रोकने और चुनाव आयोग से जवाबदेही सुनिश्चित करने की माँग के साथ प्रदर्शन समाप्त किया।

यह विरोध प्रदर्शन उस व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा है जो मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर देशभर में चल रही है — और आने वाले चुनावों से पहले यह मुद्दा और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और चुनाव आयोग का पक्ष इस कवरेज में अनुपस्थित है। अखिलेश यादव का '1 करोड़ 27 लाख वोट हिंदुओं के नहीं' वाला बयान राजनीतिक रूप से तीखा ज़रूर है, परंतु इसकी स्रोत-आधारित पुष्टि नहीं हुई — जो इस पूरी बहस में तथ्य और आरोप की सीमारेखा को धुंधला करता है। असली सवाल यह है कि क्या न्यायिक या संसदीय जाँच के बिना यह विवाद सिर्फ चुनावी बयानबाज़ी बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) क्या है और विपक्ष इसका विरोध क्यों कर रहा है?
एसआईआर (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है। 'इंडिया' ब्लॉक का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत 13 करोड़ मतदाताओं को सूची से हटाया गया, जो नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
रामलीला मैदान की रैली में किन नेताओं ने भाग लिया?
1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 'इंडिया' ब्लॉक की रैली में कांग्रेस सांसद शशि थरूर, कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय शामिल हुए।
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में वोटों की कमी को लेकर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि प्रदेश में 1 करोड़ 27 लाख वोट कम हो गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस डेटा का स्रोत संदिग्ध है और चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत की गई।
'इंडिया' ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त से क्या माँग की?
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की। यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने सीधे कहा कि 'ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा।'
थरूर के अनुसार इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन किसी राजनीतिक दल के हित के लिए नहीं, बल्कि भारत के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। उनके अनुसार, एक स्वच्छ और पारदर्शी मतदाता सूची हर नागरिक का अधिकार है।
राष्ट्र प्रेस
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