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सौगत रॉय का स्पष्ट इनकार: 'भाजपा में जाना धर्मनिरपेक्षता से समझौता', बागी सांसदों की टीएमसी वापसी संभव

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सौगत रॉय का स्पष्ट इनकार: 'भाजपा में जाना धर्मनिरपेक्षता से समझौता', बागी सांसदों की टीएमसी वापसी संभव

सारांश

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने साफ कहा — भाजपा में जाना धर्मनिरपेक्षता से समझौता है। कुछ बागी सांसदों की टीएमसी वापसी की संभावना जताई। कांग्रेस के इमरान मसूद ने एलपीजी में ₹200 की कटौती को ₹1,000 की बढ़ोतरी के बाद 'दिखावटी राहत' करार दिया।

मुख्य बातें

सौगत रॉय ने 1 अगस्त को कोलकाता में कहा कि कुछ सांसदों ने भाजपा में शामिल होने से इनकार किया, क्योंकि यह धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से समझौता होगा।
रॉय के अनुसार, बागी सांसद भाजपा में सहज नहीं हैं और उन पर दबाव या धमकी की संभावना है; टीएमसी उनकी वापसी का स्वागत करेगी।
तस्लीमा नसरीन की कोलकाता वापसी को रॉय ने सकारात्मक बताया, कहा — इसमें कोई राजनीति नहीं।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कमर्शियल एलपीजी में ₹200 की कटौती को 'दिखावटी' बताया — पहले ₹1,000 की बढ़ोतरी के मुकाबले।
मसूद ने राहुल गांधी के लोकसभा में बोलने पर हुए हंगामे को विपक्ष की आवाज़ दबाने की कोशिश करार दिया।
BSP प्रमुख मायावती के हालिया रुख को मसूद ने पार्टी की पुरानी राजनीतिक शैली का हिस्सा बताया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय ने 1 अगस्त को कोलकाता में स्पष्ट किया कि कुछ सांसदों ने भाजपा में शामिल होने से इनकार किया है, क्योंकि उनके अनुसार ऐसा करना धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से समझौता करना होगा। इसी दिन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने लोकसभा में विपक्ष की आवाज़ दबाने और एलपीजी कीमतों में 'दिखावटी' राहत को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया।

भाजपा में शामिल होने से इनकार: सौगत रॉय का बयान

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने बताया कि उन्होंने कुछ सांसदों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की है जिन्होंने भाजपा में जाने से मना किया। उनके अनुसार, इन सांसदों का मानना है कि भाजपा में जाने का अर्थ धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को त्यागना होगा। रॉय ने यह भी कहा कि ये सांसद वहाँ सहज महसूस नहीं कर रहे और संभव है कि उन पर दबाव या धमकी हो।

उन्होंने कहा कि टीएमसी ऐसे नेताओं से संपर्क में है और यदि वे वापसी का फैसला करते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी। रॉय ने यह भी बताया कि उन्होंने इस संबंध में पार्टी नेतृत्व से चर्चा की है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलबदल को लेकर अटकलों का दौर चल रहा है।

तस्लीमा नसरीन की वापसी पर प्रतिक्रिया

प्रसिद्ध लेखिका तस्लीमा नसरीन की कोलकाता वापसी पर सौगत रॉय ने कहा कि यह सभी के लिए खुशी की बात है। उन्होंने नसरीन को एक अच्छी कवयित्री और लेखिका बताते हुए स्पष्ट किया कि उनकी वापसी में किसी प्रकार की राजनीति नहीं है।

एलपीजी कीमतों में कटौती: स्वागत, लेकिन राहत अपर्याप्त

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती पर सौगत रॉय ने कहा कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम लोगों को लंबे समय से परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन कीमतों को कम करने की दिशा में कदम उठाती है तो यह स्वागतयोग्य होगा।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनके अनुसार, सरकार ने पहले लगभग ₹1,000 तक कीमतें बढ़ाईं और अब केवल ₹200 की कमी करके इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे आम लोगों को वास्तविक राहत नहीं मिलेगी।

संसद में हंगामे पर इमरान मसूद का हमला

सहारनपुर में इमरान मसूद ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बोलने पर हुए हंगामे को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सच्चाई से बचना चाहती है और विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है। मसूद ने कहा कि सरकार को छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके साथ कथित तौर पर कठोर कार्रवाई क्यों की गई।

बसपा के रुख पर टिप्पणी

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि बसपा का ऐसा रुख नया नहीं है और पार्टी पहले भी इस तरह के राजनीतिक फैसले लेती रही है। उन्होंने इसे बसपा की राजनीतिक शैली का हिस्सा बताया। गौरतलब है कि मायावती के बयान विपक्षी एकता की कोशिशों के बीच आए हैं, जो विरोधाभासी संकेत देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए — जो इस दावे की सत्यापन-योग्यता को कमज़ोर करता है। इमरान मसूद की एलपीजी आलोचना तथ्यात्मक रूप से आंशिक रूप से सही है, लेकिन यह भी नहीं बताती कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ार की उथल-पुथल में सरकार के पास विकल्प कितने सीमित थे। दोनों नेताओं के बयान एक ऐसे विपक्ष की तस्वीर पेश करते हैं जो आक्रामक तो है, लेकिन ठोस वैकल्पिक नीति-रूपरेखा के बिना।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौगत रॉय ने भाजपा में शामिल होने से किसके इनकार की बात कही?
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि उन्होंने कुछ सांसदों से व्यक्तिगत बातचीत की, जिन्होंने भाजपा में जाने से इनकार किया। उनके अनुसार, इन सांसदों का मानना है कि भाजपा में शामिल होना धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से समझौता करना होगा।
क्या टीएमसी से बागी हुए सांसद वापस आ सकते हैं?
सौगत रॉय के अनुसार, संभव है कि कुछ बागी सांसद भाजपा में असहज महसूस कर रहे हों और उन पर दबाव हो। उन्होंने कहा कि यदि वे वापस आते हैं तो टीएमसी उनका स्वागत करेगी और इस बारे में पार्टी नेतृत्व से भी चर्चा हो चुकी है।
इमरान मसूद ने एलपीजी कीमतों में कटौती को 'दिखावटी' क्यों कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का आरोप है कि सरकार ने पहले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें लगभग ₹1,000 तक बढ़ाईं और अब केवल ₹200 की कमी करके इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इससे आम लोगों को वास्तविक राहत नहीं मिलेगी।
तस्लीमा नसरीन की कोलकाता वापसी पर टीएमसी का क्या रुख है?
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने तस्लीमा नसरीन की कोलकाता वापसी को सकारात्मक बताया और कहा कि इसमें किसी प्रकार की राजनीति नहीं है। उन्होंने नसरीन को एक अच्छी कवयित्री और लेखिका बताया।
इमरान मसूद ने लोकसभा में हंगामे पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है और सच्चाई से बचना चाहती है। उन्होंने माँग की कि सरकार छात्रों के खिलाफ कथित कठोर कार्रवाई पर जवाब दे।
राष्ट्र प्रेस
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