सौगत रॉय का स्पष्ट इनकार: 'भाजपा में जाना धर्मनिरपेक्षता से समझौता', बागी सांसदों की टीएमसी वापसी संभव
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय ने 1 अगस्त को कोलकाता में स्पष्ट किया कि कुछ सांसदों ने भाजपा में शामिल होने से इनकार किया है, क्योंकि उनके अनुसार ऐसा करना धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से समझौता करना होगा। इसी दिन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने लोकसभा में विपक्ष की आवाज़ दबाने और एलपीजी कीमतों में 'दिखावटी' राहत को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया।
भाजपा में शामिल होने से इनकार: सौगत रॉय का बयान
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने बताया कि उन्होंने कुछ सांसदों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की है जिन्होंने भाजपा में जाने से मना किया। उनके अनुसार, इन सांसदों का मानना है कि भाजपा में जाने का अर्थ धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को त्यागना होगा। रॉय ने यह भी कहा कि ये सांसद वहाँ सहज महसूस नहीं कर रहे और संभव है कि उन पर दबाव या धमकी हो।
उन्होंने कहा कि टीएमसी ऐसे नेताओं से संपर्क में है और यदि वे वापसी का फैसला करते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी। रॉय ने यह भी बताया कि उन्होंने इस संबंध में पार्टी नेतृत्व से चर्चा की है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलबदल को लेकर अटकलों का दौर चल रहा है।
तस्लीमा नसरीन की वापसी पर प्रतिक्रिया
प्रसिद्ध लेखिका तस्लीमा नसरीन की कोलकाता वापसी पर सौगत रॉय ने कहा कि यह सभी के लिए खुशी की बात है। उन्होंने नसरीन को एक अच्छी कवयित्री और लेखिका बताते हुए स्पष्ट किया कि उनकी वापसी में किसी प्रकार की राजनीति नहीं है।
एलपीजी कीमतों में कटौती: स्वागत, लेकिन राहत अपर्याप्त
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती पर सौगत रॉय ने कहा कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम लोगों को लंबे समय से परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन कीमतों को कम करने की दिशा में कदम उठाती है तो यह स्वागतयोग्य होगा।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनके अनुसार, सरकार ने पहले लगभग ₹1,000 तक कीमतें बढ़ाईं और अब केवल ₹200 की कमी करके इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे आम लोगों को वास्तविक राहत नहीं मिलेगी।
संसद में हंगामे पर इमरान मसूद का हमला
सहारनपुर में इमरान मसूद ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बोलने पर हुए हंगामे को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सच्चाई से बचना चाहती है और विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है। मसूद ने कहा कि सरकार को छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके साथ कथित तौर पर कठोर कार्रवाई क्यों की गई।
बसपा के रुख पर टिप्पणी
बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि बसपा का ऐसा रुख नया नहीं है और पार्टी पहले भी इस तरह के राजनीतिक फैसले लेती रही है। उन्होंने इसे बसपा की राजनीतिक शैली का हिस्सा बताया। गौरतलब है कि मायावती के बयान विपक्षी एकता की कोशिशों के बीच आए हैं, जो विरोधाभासी संकेत देते हैं।