22 अगस्त 2026
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अमेरिकी संघीय अदालत का बड़ा फैसला: ट्रंप प्रशासन को 1.7 करोड़ कमर्शियल ड्राइवरों का संवेदनशील डेटा हासिल करने से रोका

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अमेरिकी संघीय अदालत का बड़ा फैसला: ट्रंप प्रशासन को 1.7 करोड़ कमर्शियल ड्राइवरों का संवेदनशील डेटा हासिल करने से रोका

सारांश

अमेरिकी संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन को 1.7 करोड़ कमर्शियल ड्राइवरों के सोशल सिक्योरिटी नंबर समेत संवेदनशील डेटा हासिल करने से रोक दिया। वर्जीनिया सहित 20 से अधिक राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने यह लड़ाई लड़ी — यह मामला अब राज्य बनाम केंद्र के डेटा अधिकारों की बड़ी लड़ाई बन चुका है।

मुख्य बातें

अमेरिकी संघीय अदालत ने 22 अगस्त 2026 को ट्रंप प्रशासन को 1.7 करोड़ से अधिक कमर्शियल ड्राइवरों का संवेदनशील डेटा हासिल करने से अस्थायी रूप से रोका।
विवादित डेटाबेस CDLIS में ड्राइवरों के सोशल सिक्योरिटी नंबर , लाइसेंस नंबर , नाम और जन्म तिथि शामिल हैं।
अदालत ने AAMVA की 1 करोड़ डॉलर से अधिक की संघीय फंडिंग रोकने पर भी प्रशासन को रोका।
वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जय जोन्स समेत 20 से अधिक राज्यों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया ने दो अलग मुकदमे दायर किए।
आरोप है कि संघीय एजेंसियाँ बिना सार्वजनिक सूचना के और पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना एक अलग डेटाबेस बनाने की कोशिश कर रही थीं।
जोन्स अब प्रिलिमिनरी इंजंक्शन की माँग करेंगे ताकि मुकदमे के दौरान डेटा स्थानांतरण न हो।

अमेरिका की एक संघीय अदालत ने 22 अगस्त 2026 को ट्रंप प्रशासन को 1.7 करोड़ से अधिक कमर्शियल ड्राइवरों की निजी जानकारी वाला डेटाबेस हासिल करने से अस्थायी रूप से रोक दिया है। न्यायाधीश ने यह रोक उस समय लगाई जब वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जय जोन्स और कई अन्य राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने संघीय एजेंसियों की डेटा-अधिग्रहण की कोशिशों को अदालत में चुनौती दी। इस डेटाबेस में ड्राइवरों के सोशल सिक्योरिटी नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर, नाम और जन्म तिथि जैसी अत्यंत संवेदनशील जानकारी शामिल है।

विवाद की जड़: सीडीएलआईएस डेटाबेस क्या है

कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस इन्फॉर्मेशन सिस्टम (CDLIS) को अमेरिकी कांग्रेस ने 1986 में स्थापित किया था, ताकि राज्य कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों की जानकारी परस्पर साझा कर सकें और यह सुनिश्चित कर सकें कि किसी आवेदक के पास किसी अन्य राज्य में लाइसेंस तो नहीं है। 1988 से इस प्रणाली का संचालन अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ मोटर व्हीकल एडमिनिस्ट्रेटर्स (AAMVA) नामक एक निजी गैर-लाभकारी संस्था कर रही है, जिसे अमेरिकी परिवहन विभाग (DOT) ने यह जिम्मेदारी सौंपी है। डेटाबेस में रखे रिकॉर्ड में ड्राइवर का नाम, जन्म तिथि, सोशल सिक्योरिटी नंबर, लाइसेंस नंबर और संबंधित राज्य का नाम दर्ज होता है।

अदालत का आदेश और इसका दायरा

न्यायाधीश के आदेश के तहत अमेरिकी परिवहन विभाग को रिकॉर्ड हासिल करने से अस्थायी रूप से रोका गया है और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के समन पर भी कानूनी कार्यवाही पूरी होने तक रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रशासन को AAMVA की 1 करोड़ डॉलर से अधिक की संघीय फंडिंग रोकने से भी मना किया है। वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने इसे नागरिकों की निजता की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

राज्यों का पक्ष और कानूनी तर्क

जोन्स ने कहा, "लाखों कमर्शियल ड्राइवरों की प्राइवेसी की सुरक्षा के लिए संघीय अदालत का अस्थायी रोक का आदेश एक बड़ी जीत है।" उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला "राज्य के मालिकाना हक वाली ड्राइवरों की जानकारी से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही प्राइवेसी और गवर्नेंस सुरक्षा को फिर से मजबूत करता है।" मुकदमों में आरोप लगाया गया है कि संघीय एजेंसियाँ AAMVA से प्राप्त राज्यों के रिकॉर्ड का उपयोग कर एक अलग डेटाबेस बनाने की कोशिश कर रही हैं, जिसमें सोशल सिक्योरिटी नंबर और अन्य निजी जानकारी के उपयोग को नियंत्रित करने वाले पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं होंगे। दावा यह भी है कि यह कोशिश बिना किसी सार्वजनिक सूचना के की गई। उल्लेखनीय है कि संघीय सरकार का पक्ष जोन्स के कार्यालय द्वारा जारी जानकारी में शामिल नहीं था।

कितने राज्य इस कानूनी लड़ाई में शामिल

जोन्स और अन्य अटॉर्नी जनरल ने पिछले सप्ताह दो अलग-अलग मुकदमे दायर किए — एक परिवहन विभाग, फेडरल मोटर कैरियर सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (FMCSA) और AAMVA के विरुद्ध, और दूसरा होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की रिकॉर्ड हासिल करने की कोशिशों को चुनौती देते हुए। एरिजोना, कैलिफ़ोर्निया, कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, हवाई, इलिनोइस, मेन, मैरीलैंड, मैसाचुसेट्स, मिशिगन, नेवाडा, न्यू जर्सी, न्यू मैक्सिको, न्यूयॉर्क, ओरेगन, वरमोंट, वाशिंगटन और विस्कॉन्सिन के अटॉर्नी जनरल के साथ-साथ डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया और पेंसिल्वेनिया भी इस कानूनी कार्रवाई में शामिल हुए। मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल होमलैंड सिक्योरिटी से जुड़े मामले में सम्मिलित हुए।

आगे क्या होगा

जोन्स ने स्पष्ट किया है कि वे अब एक प्रिलिमिनरी इंजंक्शन (शुरुआती स्थायी रोक) की माँग करेंगे, ताकि मुकदमे की पूरी सुनवाई के दौरान डेटा का हस्तांतरण न हो सके। यह मामला न केवल ड्राइवरों की निजता बल्कि राज्यों और संघीय सरकार के बीच डेटा अधिकारों की सीमाओं को भी परिभाषित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अमेरिका में राज्यों और संघीय सरकार के बीच डेटा संप्रभुता की बड़ी लड़ाई है। ट्रंप प्रशासन द्वारा बिना सार्वजनिक सूचना के 1.7 करोड़ नागरिकों के सोशल सिक्योरिटी नंबर तक पहुँच बनाने की कोशिश उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें संघीय एजेंसियाँ राज्य-नियंत्रित डेटाबेस पर अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। 20 से अधिक राज्यों का एकजुट होकर अदालत जाना दर्शाता है कि यह पक्षपातपूर्ण नहीं, बल्कि संवैधानिक चिंता का विषय है। असली प्रश्न यह है कि अगर यह डेटाबेस बन जाता, तो इसका उपयोग इमिग्रेशन प्रवर्तन या अन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता — और इस संभावना को मुख्यधारा की कवरेज पर्याप्त रूप से नहीं उठा रही।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी अदालत ने ट्रंप प्रशासन को किस डेटाबेस से रोका है?
अदालत ने ट्रंप प्रशासन को CDLIS (कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस इन्फॉर्मेशन सिस्टम) डेटाबेस हासिल करने से रोका है, जिसमें 1.7 करोड़ से अधिक कमर्शियल ड्राइवरों के सोशल सिक्योरिटी नंबर, लाइसेंस नंबर, नाम और जन्म तिथि जैसी संवेदनशील जानकारी है। यह डेटाबेस 1986 से राज्यों के बीच लाइसेंसिंग जानकारी साझा करने के लिए बनाया गया था।
CDLIS डेटाबेस क्या है और इसे कौन चलाता है?
CDLIS एक राष्ट्रीय प्रणाली है जिसे अमेरिकी कांग्रेस ने 1986 में बनाया था। 1988 से इसका संचालन AAMVA (अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ मोटर व्हीकल एडमिनिस्ट्रेटर्स) नामक निजी गैर-लाभकारी संस्था करती है, जिसे परिवहन विभाग ने यह जिम्मेदारी सौंपी है।
कितने राज्य इस कानूनी लड़ाई में शामिल हैं?
वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जय जोन्स के नेतृत्व में एरिजोना, कैलिफ़ोर्निया, न्यूयॉर्क सहित 20 से अधिक राज्यों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया ने दो अलग-अलग मुकदमे दायर किए हैं। मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल होमलैंड सिक्योरिटी से जुड़े मामले में अलग से शामिल हुए हैं।
राज्यों का आरोप क्या है?
राज्यों का आरोप है कि संघीय एजेंसियाँ AAMVA से प्राप्त रिकॉर्ड का उपयोग कर एक अलग डेटाबेस बनाने की कोशिश कर रही हैं, जिसमें सोशल सिक्योरिटी नंबर जैसी जानकारी के उपयोग को नियंत्रित करने वाले पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं होंगे। यह कोशिश कथित तौर पर बिना किसी सार्वजनिक सूचना के की गई, जो कई प्राइवेसी कानूनों का उल्लंघन है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जय जोन्स ने कहा है कि वे अब प्रिलिमिनरी इंजंक्शन की माँग करेंगे, ताकि पूरे मुकदमे की सुनवाई के दौरान डेटा का हस्तांतरण न हो सके। अभी लगाई गई रोक अस्थायी है और अदालत की आगे की सुनवाई पर निर्भर है।
राष्ट्र प्रेस
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