उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय: 19 जुलाई से पूर्वी UP में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में 17 जुलाई 2025 के बाद मानसून की गतिविधियों में उल्लेखनीय तेज़ी आने की संभावना है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने कई ज़िलों के लिए येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से जल्द राहत मिलने के संकेत हैं।
मौसम प्रणाली का ताज़ा हाल
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब ओडिशा और झारखंड के आसपास केंद्रित हो गया है। यह मौसम प्रणाली आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ अधिक सक्रिय होगी और बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह बढ़ेगा।
अतुल कुमार सिंह ने बताया कि वातावरण में नमी बढ़ने से मानसून गतिविधियाँ तेज़ होंगी। अब तक प्रदेश में गरज-चमक और वज्रपात के साथ छिटपुट बारिश हो रही थी, लेकिन 17 जुलाई से इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद है।
ज़िलेवार बारिश का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, सबसे पहले प्रदेश के तराई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर शुरू होगा। इसके बाद 19 जुलाई से पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं। पूर्वी UP के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश भी देखने को मिल सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
20-21 जुलाई को सबसे तेज़ बारिश
20 और 21 जुलाई को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियाँ और तेज़ हो सकती हैं। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने लगेगी, हालाँकि पूरे प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
अगले चरण में दक्षिणी UP पर फोकस
अगले चरण में बहुत भारी बारिश की गतिविधियाँ कम होकर तराई क्षेत्रों तक सीमित रह सकती हैं। वहीं, प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
तापमान और सतर्कता
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरी स्थिति बनी हुई है। मानसून सक्रिय होने के बाद तापमान में प्रभावी गिरावट आएगी और लोगों को राहत मिलेगी। बारिश के साथ ही गरज-चमक और वज्रपात की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है, जिसे देखते हुए कई क्षेत्रों के लिए येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग के अपडेट पर नज़र रखें।