वेस्टर्न रेलवे ने दादर-माटुंगा रोड सेक्शन में कलवर्ट अपग्रेड किया, जल प्रवाह क्षमता 600% बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
वेस्टर्न रेलवे ने मानसून से पहले मुंबई के माटुंगा रोड और दादर सेक्शन में जल निकासी व्यवस्था को आमूलचूल सुधारते हुए कलवर्ट संख्या 14A का सफल उन्नयन पूरा किया है। पुराने 450 मिलीमीटर व्यास के सीमेंट कंक्रीट बॉक्स कलवर्ट की जगह अब 1,200 मिलीमीटर व्यास के ह्यूम पाइप लगाए गए हैं, जिससे जल प्रवाह क्षेत्र में लगभग 600 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
दादर के निकट स्थित कलवर्ट संख्या 14A इस पूरे रेल खंड में जल निकासी का केंद्रीय बिंदु है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पुराने बॉक्स कलवर्ट समय के साथ जाम होने लगे थे और उनकी सीमित क्षमता के कारण भारी वर्षा के दौरान पानी का सुचारु निकास नहीं हो पाता था। यह स्थिति न केवल रेल पटरियों के लिए खतरनाक थी, बल्कि यात्री सेवाओं पर भी प्रतिकूल असर डालती थी।
तकनीकी सुधार का विवरण
नए 1,200 मिलीमीटर व्यास के ह्यूम पाइप पुराने 450 मिलीमीटर के बॉक्स कलवर्ट की तुलना में कई गुना अधिक जल प्रवाह संभाल सकते हैं। रेलवे के अनुसार इस बदलाव से जल प्रवाह क्षेत्र में करीब 600% की बढ़ोतरी हुई है। यह पूरा कार्य एक विशेष निर्धारित समय खंड में पूरा किया गया, ताकि ट्रेनों के सामान्य संचालन पर न्यूनतम असर पड़े।
यात्रियों और रेल संचालन पर असर
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस उन्नयन से माटुंगा रोड और दादर सेक्शन में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे रेल पटरियों की सुरक्षा तो बढ़ेगी ही, साथ ही यात्रियों को बारिश के मौसम में अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित यात्रा अनुभव भी मिल सकेगा। गौरतलब है कि मुंबई की उपनगरीय रेल प्रणाली हर मानसून में जलभराव की वजह से व्यवधान का सामना करती रही है।
आगे की योजना
वेस्टर्न रेलवे के अनुसार यह केवल शुरुआत है — आने वाले समय में नेटवर्क के अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी इसी तरह के सुधार कार्य जारी रहेंगे। विभाग का लक्ष्य पूरी जल निकासी प्रणाली को अधिक सक्षम और मानसून-प्रतिरोधी बनाना है। यह कदम मुंबई की बारिश ऋतु की तैयारियों को और ठोस आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।