18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

योगी सरकार ने UP के 6 शहरों के संग्रहालयों के लिए ₹61 करोड़ से अधिक जारी किए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
योगी सरकार ने UP के 6 शहरों के संग्रहालयों के लिए ₹61 करोड़ से अधिक जारी किए

सारांश

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के 6 शहरों में संग्रहालय परियोजनाओं के लिए ₹61 करोड़ से अधिक की पहली किस्त जारी की — देवरिया को सर्वाधिक ₹30 करोड़, कुशीनगर बौद्ध संग्रहालय को ₹15 करोड़। यह राज्य को सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

योगी सरकार ने 1 जून 2026 को UP के 6 शहरों के संग्रहालयों के लिए ₹61 करोड़ से अधिक की पहली किस्त स्वीकृत की।
देवरिया में शहीद रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक स्थल के लिए सर्वाधिक ₹30 करोड़ आवंटित।
कुशीनगर बौद्ध संग्रहालय के सौंदर्यीकरण के लिए ₹15 करोड़ ; बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद।
वाराणसी के मुंशी प्रेमचंद स्मारक संग्रहालय को ₹2.60 करोड़ , फिरोजाबाद ग्लास संग्रहालय को ₹4.40 करोड़ ।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने एजेंसियों को गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए; लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 जून 2026 को राज्य की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और साहित्यिक विरासत को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए वाराणसी, फिरोजाबाद, देवरिया, लखनऊ, झांसी और कुशीनगर के प्रमुख संग्रहालय परियोजनाओं के लिए धनराशि की पहली किस्त स्वीकृत की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय का लक्ष्य सांस्कृतिक संरक्षण, पर्यटन संवर्धन और स्थानीय पहचान को नई गति देना है।

प्रमुख आवंटन और परियोजनाएँ

वाराणसी के लाम्ही स्थित मुंशी प्रेमचंद स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय में आंतरिक सज्जा और संग्रहण कार्य के लिए ₹2.60 करोड़ जारी किए गए हैं। यह परियोजना प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार की विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

फिरोजाबाद के ग्लास संग्रहालय में संग्रहण कार्य के लिए ₹4.40 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। देवरिया के पुराने कचहरी परिसर में शहीद स्वर्गीय रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक स्थल के विकास, आंतरिक सज्जा और संग्रहण के लिए सर्वाधिक ₹30 करोड़ आवंटित किए गए हैं — इस परियोजना से क्षेत्र की राष्ट्रवादी और ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।

लखनऊ स्थित राज्य संग्रहालय में बाल गैलरी, शैक्षिक गतिविधियों, कार्यशालाओं और भूदृश्य विकास के लिए ₹1.98 करोड़ और परिसर के भीतर एक कैफेटेरिया तथा नए पुस्तकालय के लिए अतिरिक्त ₹4.59 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। झांसी के सरकारी संग्रहालय को सुदृढ़ करने के लिए ₹3 करोड़ और कुशीनगर स्थित सरकारी बौद्ध संग्रहालय के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए ₹15 करोड़ जारी किए गए हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और निर्देश

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार का ध्यान केवल बुनियादी ढाँचे के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की गौरवशाली विरासत को आधुनिक और आकर्षक रूप में भावी पीढ़ियों के सामने प्रस्तुत करना भी प्राथमिकता है। उन्होंने सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि घटिया सामग्री का उपयोग करने या परियोजना निष्पादन में लापरवाही बरतने वाली किसी भी एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पर्यटन और विरासत पर असर

यह पहल ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को एक प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। कुशीनगर में बौद्ध संग्रहालय के विकास से बौद्ध सर्किट पर्यटन को विशेष बल मिलने की उम्मीद है, जो अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकता है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अयोध्या, काशी और मथुरा के पुनर्विकास के बाद यह सांस्कृतिक निवेश की अगली कड़ी मानी जा रही है।

आगे की राह

सरकार ने संकेत दिया है कि ये धनराशि पहली किस्त है और परियोजनाओं की प्रगति के अनुसार आगे के चरणों में और आवंटन किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन संग्रहालयों के उन्नयन से न केवल सांस्कृतिक चेतना बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय रोज़गार और पर्यटन राजस्व में भी वृद्धि होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

काशी और मथुरा के बड़े पुनर्विकास के बाद उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक निवेश की अगली परत है — लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। देवरिया जैसे अपेक्षाकृत कम चर्चित ज़िले को ₹30 करोड़ का सबसे बड़ा हिस्सा मिलना राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है। पहली किस्त जारी होना शुरुआत है, पर राज्य की सरकारी परियोजनाओं में समयसीमा पार करने और गुणवत्ता से समझौते का इतिहास रहा है — मंत्री की सार्वजनिक चेतावनी इसी चिंता का संकेत है। जब तक पूर्णता और उपयोगकर्ता-उपस्थिति के आँकड़े सामने नहीं आते, यह पहल वादे और परिणाम के बीच की खाई को नहीं पाट सकती।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी सरकार ने संग्रहालयों के लिए कितनी धनराशि जारी की है?
योगी सरकार ने 1 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के 6 शहरों — वाराणसी, फिरोजाबाद, देवरिया, लखनऊ, झांसी और कुशीनगर — के संग्रहालय परियोजनाओं के लिए ₹61 करोड़ से अधिक की पहली किस्त स्वीकृत की है। यह राशि सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और पर्यटन संवर्धन के व्यापक लक्ष्य के तहत जारी की गई है।
किस संग्रहालय को सबसे अधिक धनराशि मिली है?
देवरिया स्थित शहीद स्वर्गीय रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक स्थल को सर्वाधिक ₹30 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इस राशि का उपयोग विकास, आंतरिक सज्जा और संग्रहण कार्य के लिए किया जाएगा।
वाराणसी के मुंशी प्रेमचंद संग्रहालय के लिए क्या प्रावधान है?
वाराणसी के लाम्ही स्थित मुंशी प्रेमचंद स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय में आंतरिक सज्जा और संग्रहण कार्य के लिए ₹2.60 करोड़ जारी किए गए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार की विरासत को संरक्षित और आधुनिक रूप में प्रस्तुत करना है।
कुशीनगर बौद्ध संग्रहालय के विकास से क्या फायदा होगा?
कुशीनगर के सरकारी बौद्ध संग्रहालय के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए ₹15 करोड़ जारी किए गए हैं। इससे राज्य में बौद्ध सर्किट पर्यटन को बढ़ावा मिलने और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने की उम्मीद है।
परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को गुणवत्ता मानकों का पालन और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटिया सामग्री उपयोग या लापरवाही पर संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले