13 अगस्त 2026
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पंचदर्ला अवैध खनन: वाईएसआरसीपी ने संसद में मुद्दा उठाने की चेतावनी दी, ₹250 करोड़ जुर्माने की माँग

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पंचदर्ला अवैध खनन: वाईएसआरसीपी ने संसद में मुद्दा उठाने की चेतावनी दी, ₹250 करोड़ जुर्माने की माँग

सारांश

पंचदर्ला की पवित्र पहाड़ी पर अवैध खनन का मुद्दा अब दिल्ली पहुँच गया है। वाईएसआरसीपी ने केंद्रीय मंत्रियों को शिकायत सौंपी और संसद में आवाज़ उठाने की चेतावनी दी। आधिकारिक जाँच में दो लाख टन अतिरिक्त बजरी निकालने की बात सामने आई है।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी ने 12 अगस्त को केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर पंचदर्ला को 'नो-माइनिंग जोन' घोषित करने की माँग की।
स्वीकृत खनन योजना से अधिक लगभग दो लाख टन बजरी निकाली गई; खनन कंपन से पवित्र जल धाराएँ प्रभावित।
केंद्रीय खान मंत्री जी.
किशन रेड्डी ने 10 दिनों के भीतर केंद्रीय टीम से जाँच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
नियमों के तहत अवैध खनन पर लगभग ₹250 करोड़ जुर्माने की माँग; सांसद सी.एम.
रमेश की सीबीआई जाँच और इस्तीफे की माँग।
पार्टी ने चेतावनी दी — स्थायी सरकारी आदेश जारी न हुआ तो संसद में मुद्दा उठाया जाएगा।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 12 अगस्त को केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर चेतावनी दी कि यदि आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली ज़िले की पवित्र पहाड़ी पंचदर्ला को स्थायी 'नो-माइनिंग जोन' घोषित करने का सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ, तो पार्टी संसद में अवैध खनन का मुद्दा उठाएगी। पार्टी नेताओं के अनुसार, खनन गतिविधियों से पवित्र जल धाराएँ प्रभावित हो रही हैं और स्वीकृत योजना से लगभग दो लाख टन अतिरिक्त बजरी निकाली जा चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

राज्यसभा सांसद गोला बाबूराव, अराकू सांसद गुम्मा तनुजा रानी, पूर्व मंत्री गुडीवाड़ा अमरनाथ, पूर्व विधायक करनम धर्मश्री और वाईएसआरसीपी अनाकापल्ली ज़िला अध्यक्ष बोड्डेटी प्रसाद ने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर लिखित शिकायतें सौंपीं। गोला बाबूराव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य में गठबंधन सरकार के नेता प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं और पुराने विशाखापत्तनम ज़िले में पहाड़ियों तथा मंदिरों के आस-पास के इलाकों को बर्बाद किया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पंचदर्ला को स्थायी सुरक्षा नहीं मिलती, पार्टी यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रहेगी।

केंद्रीय मंत्रियों का आश्वासन

तनुजा रानी ने बताया कि केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को स्थिति की जानकारी दी गई। दोनों मंत्रियों ने आश्वासन दिया कि एक केंद्रीय टीम खनन गतिविधियों की जाँच करेगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह आश्वासन कितना कारगर होगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

जाँच में सामने आए तथ्य

पार्टी नेताओं के अनुसार, आधिकारिक जाँच में पाया गया है कि खनन और ब्लास्टिंग से होने वाले कंपन का असर पंचदर्ला की पवित्र जल धाराओं पर पड़ रहा है। इसके अलावा, स्वीकृत खनन योजना की सीमा से अधिक लगभग दो लाख टन बजरी निकाली जा चुकी है — जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

गुडीवाड़ा अमरनाथ ने कहा कि नियमों के तहत इस अवैध खनन के लिए लगभग ₹250 करोड़ का जुर्माना बनता है। उन्होंने अनाकापल्ली सांसद सी.एम. रमेश की भूमिका की सीबीआई जाँच की माँग करते हुए कहा कि ज़िम्मेदारी केवल निचले स्तर के अधिकारियों को निलंबित करने से तय नहीं होती — रमेश को इस्तीफा देना चाहिए।

आंदोलन की आगे की राह

करनम धर्मश्री ने चेतावनी दी कि जब तक 'नो-माइनिंग जोन' का स्थायी सरकारी आदेश जारी नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। बोड्डेटी प्रसाद ने कहा कि पंचदर्ला से शुरू हुआ यह आंदोलन अब दिल्ली तक पहुँच चुका है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होने तक यह और तेज़ होगा।

यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में खनन नीति और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। केंद्रीय टीम की जाँच रिपोर्ट और उस पर सरकार की प्रतिक्रिया इस विवाद की अगली दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी अब तक केवल निचले स्तर के अधिकारी निलंबित हुए हैं। ₹250 करोड़ के कथित जुर्माने और सीबीआई जाँच की माँग तब तक कागज़ी रहेगी जब तक केंद्रीय टीम की रिपोर्ट सार्वजनिक न हो और उस पर ठोस कार्रवाई न हो। 10 दिन की समयसीमा अब राज्य और केंद्र दोनों सरकारों की जवाबदेही की परीक्षा बन गई है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचदर्ला अवैध खनन विवाद क्या है?
आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली ज़िले में स्थित पवित्र पहाड़ी पंचदर्ला पर कथित तौर पर स्वीकृत खनन योजना से अधिक लगभग दो लाख टन बजरी निकाली गई है। आधिकारिक जाँच में यह भी पाया गया कि खनन और ब्लास्टिंग के कंपन से पवित्र जल धाराएँ प्रभावित हो रही हैं।
वाईएसआरसीपी ने इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए हैं?
वाईएसआरसीपी नेताओं ने 12 अगस्त को केंद्रीय खान मंत्री और संस्कृति मंत्री से मुलाकात कर लिखित शिकायतें सौंपीं। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि पंचदर्ला को स्थायी 'नो-माइनिंग जोन' घोषित नहीं किया गया तो वह संसद में यह मुद्दा उठाएगी।
केंद्र सरकार ने इस मामले में क्या आश्वासन दिया है?
केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आश्वासन दिया कि एक केंद्रीय टीम खनन गतिविधियों की जाँच करेगी और रिपोर्ट के आधार पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू होगी।
अनाकापल्ली सांसद सी.एम. रमेश पर क्या आरोप हैं?
वाईएसआरसीपी नेता गुडीवाड़ा अमरनाथ ने अनाकापल्ली सांसद सी.एम. रमेश की भूमिका की सीबीआई जाँच की माँग की है और उनके इस्तीफे की माँग की है। उनका कहना है कि ज़िम्मेदारी केवल निचले स्तर के अधिकारियों को निलंबित करने से तय नहीं होती।
पंचदर्ला में अवैध खनन पर कितने जुर्माने का प्रावधान है?
वाईएसआरसीपी नेताओं के अनुसार, नियमों के तहत इस अवैध खनन के लिए लगभग ₹250 करोड़ का जुर्माना बनता है। पार्टी ने माँग की है कि यह जुर्माना तत्काल वसूला जाए और दोषियों के खिलाफ व्यापक जाँच हो।
राष्ट्र प्रेस
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