कॉइनडीसीएक्स के सह-संस्थापकों की गिरफ्तारी: 71 लाख के धोखाधड़ी मामले में कंपनी ने एफआईआर को 'झूठा' बताया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कॉइनडीसीएक्स के सह-संस्थापकों की गिरफ्तारी: 71 लाख के धोखाधड़ी मामले में कंपनी ने एफआईआर को 'झूठा' बताया

सारांश

क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनडीसीएक्स के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल को 71 लाख रुपए के क्रिप्टो धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया। कंपनी ने एफआईआर को 'झूठा' करार दिया है और इसे एक बड़ी साजिश बताया है।

मुख्य बातें

कॉइनडीसीएक्स के सह-संस्थापकों की गिरफ्तारी ने क्रिप्टो उद्योग में हलचल मचा दी है।
कंपनी ने एफआईआर को 'झूठा' बताया है।
धोखाधड़ी में फर्जी वेबसाइटों का उपयोग किया गया था।
कॉइनडीसीएक्स ने उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी गतिविधियों के प्रति सतर्क किया है।
कंपनी जांच में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है।

मुंबई, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनडीसीएक्स के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल को एक कथित क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में मुंबई के एक पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तार किया गया है।

एफआईआर के अनुसार, एक व्यक्ति ने यह दावा किया कि उसे इस क्रिप्टो घोटाले में 71 लाख रुपए की धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों सह-संस्थापकों को गिरफ्तार किया।

पहले खबरें आई थीं कि गिरफ्तारी से पहले इन दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, कॉइनडीसीएक्स ने किसी भी प्रकार की गलती से इनकार किया और एफआईआर को "झूठा" बताते हुए इसे कंपनी के खिलाफ एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया।

कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि इस कथित धोखाधड़ी में कंपनी का आधिकारिक प्लेटफॉर्म शामिल नहीं था, बल्कि यह कॉइनडीसीएक्स और उसके संस्थापकों का नाम इस्तेमाल करने वाली एक फर्जी वेबसाइट के माध्यम से हुई।

कंपनी ने स्पष्ट किया, "हमारे सह-संस्थापकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर झूठी है और यह धोखाधड़ी करने वालों द्वारा कंपनी के खिलाफ साजिश के तहत दर्ज की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को ठगना है।"

कंपनी ने यह भी कहा कि उसने पहले ही उपयोगकर्ताओं को ऐसी धोखाधड़ी गतिविधियों के बारे में चेतावनी देते हुए सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिए हैं।

कंपनी ने आगे स्पष्ट किया कि शिकायत में यह गलत दावा किया गया है कि धोखाधड़ी से हासिल की गई राशि को थर्ड-पार्टी खातों में नकद ट्रांसफर किया गया। इनका कॉइनडीसीएक्स से कोई लेनादेना नहीं है।

कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रांड की नकल और साइबर धोखाधड़ी भारत के डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में एक बढ़ती हुई चिंता है।

कॉइनडीसीएक्स ने कहा कि उसने अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 के बीच अपने प्लेटफॉर्म की नकल करने वाली 1,200 से अधिक फर्जी वेबसाइटों की पहचान की है और उपयोगकर्ताओं को बार-बार ऐसे घोटालों का शिकार होने से सावधान किया है।

कंपनी ने यह भी कहा कि वह चल रही जांच में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस मुद्दे को और भी जटिल बना देता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉइनडीसीएक्स के सह-संस्थापकों को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उन्हें 71 लाख रुपए के क्रिप्टो धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया है।
कॉइनडीसीएक्स ने एफआईआर के बारे में क्या कहा?
कॉइनडीसीएक्स ने एफआईआर को 'झूठा' बताया है और इसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा कहा है।
क्या कॉइनडीसीएक्स का आधिकारिक प्लेटफॉर्म इस धोखाधड़ी में शामिल था?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इसका आधिकारिक प्लेटफॉर्म इस धोखाधड़ी में शामिल नहीं था।
कॉइनडीसीएक्स ने उपयोगकर्ताओं को किस तरह की चेतावनी दी है?
कॉइनडीसीएक्स ने उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी गतिविधियों के बारे में चेतावनी देने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किए हैं।
कंपनी ने कितनी फर्जी वेबसाइटों की पहचान की है?
कॉइनडीसीएक्स ने 1,200 से अधिक फर्जी वेबसाइटों की पहचान की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले