26 जून 2026
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कच्चे तेल में 2.1% की गिरावट: ब्रेंट $74, WTI $70 पर; साप्ताहिक नुकसान 8% तक

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कच्चे तेल में 2.1% की गिरावट: ब्रेंट $74, WTI $70 पर; साप्ताहिक नुकसान 8% तक

सारांश

वैश्विक अस्थिरता घटने और होर्मुज स्ट्रेट खुलने से कच्चे तेल में साप्ताहिक 8% की गिरावट आई। ब्रेंट $74 पर आया — जो संघर्ष-काल के $120 से कहीं नीचे है। ओमान के पास जहाज़ पर हमले ने तनाव बढ़ाया, पर बाज़ार पर राहत का पलड़ा भारी रहा।

मुख्य बातें

ब्रेंट क्रूड 1.84% गिरकर $74.11 प्रति बैरल और WTI 2.10% गिरकर $70.41 प्रति बैरल पर आया।
दोनों बेंचमार्क इस सप्ताह लगभग 8 प्रतिशत टूटे — होर्मुज स्ट्रेट से तेल आवाजाही में सुधार के बाद।
ओमान के पास मालवाहक जहाज़ पर हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र शिपिंग एजेंसी का स्वैच्छिक निकासी कार्यक्रम अस्थायी रूप से रुका।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक जहाज़ पर गोलीबारी की; ईरान ने निर्धारित मार्गों से बाहर जहाज़ों की सुरक्षा से इनकार किया।
भारतीय क्रूड बास्केट जून में औसतन $86.31/बैरल — अप्रैल के $114.48 और मई के $106.23 से काफी नीचे।
होर्मुज से जहाज़ों की आवाजाही संघर्ष-पूर्व औसत 125 जहाज़/दिन से अभी भी कम।

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार, 26 जून 2026 को भी जारी रहा, जब ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.84 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ $74.11 प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 2.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ $70.41 प्रति बैरल पर आ गए। वैश्विक अस्थिरता में कमी और होर्मुज स्ट्रेट से तेल आवाजाही में सुधार के कारण आपूर्ति-बाधा की आशंका घटने से दोनों बेंचमार्क इस सप्ताह लगभग 8 प्रतिशत टूट चुके हैं।

साप्ताहिक गिरावट के कारण

विश्लेषकों के अनुसार, इस सप्ताह तेल की कीमतों में तेज़ गिरावट की मुख्य वजह होर्मुज स्ट्रेट से समुद्री तेल शिपमेंट का फरवरी में अमेरिका-ईरान तनाव शुरू होने के बाद के सर्वोच्च स्तर पर पहुँचना है। संघर्ष-विराम के बाद यह रणनीतिक जलमार्ग फिर से खुला, जिससे आपूर्ति बाधित होने की आशंका काफी कम हुई। हालाँकि, कुल जहाज़ों की आवाजाही अभी भी संघर्ष-पूर्व के औसत — लगभग 125 जहाज़ प्रतिदिन — से नीचे बनी हुई है।

ओमान घटना और भू-राजनीतिक तनाव

ओमान के निकट एक मालवाहक जहाज़ पर हमले की खबर के बाद पिछले सत्र के अंत में दोनों बेंचमार्क में 2 प्रतिशत से अधिक की तेज़ी आई थी। इस घटना के चलते संयुक्त राष्ट्र की शिपिंग एजेंसी को अपना स्वैच्छिक निकासी कार्यक्रम भी अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका के दो अधिकारियों ने बताया कि ईरान ने एक मालवाहक जहाज़ पर उस समय गोलीबारी की, जब वह होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने का प्रयास कर रहा था। हालाँकि, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि निर्धारित समुद्री मार्गों से बाहर चलने वाले जहाज़ों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।

भारतीय क्रूड बास्केट पर असर

भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट — जिसमें घरेलू रिफाइनरियों द्वारा आयातित ब्रेंट डेटेड, ओमान और दुबई क्रूड ग्रेड का भारित औसत शामिल है — की कीमत जून में अब तक औसतन $86.31 प्रति बैरल रही। यह मई के $106.23 प्रति बैरल और अप्रैल के $114.48 प्रति बैरल की तुलना में उल्लेखनीय राहत है, जब पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण कीमतें चरम पर थीं। अमेरिका-ईरान टकराव के दौरान ब्रेंट क्रूड $120 प्रति बैरल से ऊपर निकल गया था, जो अब घटकर $74 के आसपास आ गया है।

आगे क्या

भू-राजनीतिक तनाव अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और होर्मुज स्ट्रेट पर अनिश्चितता बनी हुई है। यदि ईरान के साथ तनाव फिर बढ़ता है या शिपिंग मार्गों पर नई घटनाएँ होती हैं, तो कीमतें फिर से उछाल मार सकती हैं। भारत के लिए, जो अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, कीमतों में यह गिरावट व्यापार घाटे और ईंधन सब्सिडी के बोझ को कम करने का अवसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह राहत नाज़ुक है। होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही अभी भी संघर्ष-पूर्व स्तर से नीचे है और ओमान के पास ताज़ा हमला बताता है कि भू-राजनीतिक जोखिम पूरी तरह टला नहीं है। भारतीय क्रूड बास्केट अप्रैल के $114 से $86 पर आ गई है — यह सरकार के लिए ईंधन सब्सिडी और व्यापार घाटे पर दबाव कम करने का मौका है, पर नीति-निर्माताओं को इस राहत को स्थायी मानकर नहीं चलना चाहिए। एक नई भड़काऊ घटना कीमतों को फिर $100 के पार धकेल सकती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26 जून 2026 को कच्चे तेल की कीमत कितनी गिरी?
26 जून को ब्रेंट क्रूड 1.84% गिरकर $74.11 प्रति बैरल और WTI क्रूड 2.10% गिरकर $70.41 प्रति बैरल पर आ गया। सप्ताह भर में दोनों बेंचमार्क लगभग 8 प्रतिशत टूटे।
कच्चे तेल में इस सप्ताह इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
होर्मुज स्ट्रेट से समुद्री तेल शिपमेंट फरवरी के बाद सर्वोच्च स्तर पर पहुँचने से आपूर्ति बाधित होने की आशंका कम हुई। वैश्विक अस्थिरता में कमी और संघर्ष-विराम के बाद जलमार्ग खुलने से बाज़ार में राहत आई।
ओमान के पास जहाज़ पर हमले का तेल बाज़ार पर क्या असर पड़ा?
ओमान के पास मालवाहक जहाज़ पर हमले की खबर से पिछले सत्र के अंत में दोनों बेंचमार्क में 2% से अधिक की तेज़ी आई थी। इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र शिपिंग एजेंसी को अपना स्वैच्छिक निकासी कार्यक्रम अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट की कीमत अभी क्या है?
जून 2026 में भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट औसतन $86.31 प्रति बैरल रही। यह अप्रैल के $114.48 और मई के $106.23 प्रति बैरल की तुलना में काफी कम है, जब पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान कीमतें चरम पर थीं।
होर्मुज स्ट्रेट से तेल आवाजाही की स्थिति क्या है?
संघर्ष-विराम के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल शिपमेंट फरवरी के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुँची है। हालाँकि, कुल जहाज़ों की आवाजाही अभी भी संघर्ष-पूर्व औसत लगभग 125 जहाज़ प्रतिदिन से नीचे बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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