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डिजिलॉकर पर 72.43 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स, उमंग पर 798 करोड़ लेनदेन; संसद में सरकार ने दिए आँकड़े

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डिजिलॉकर पर 72.43 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स, उमंग पर 798 करोड़ लेनदेन; संसद में सरकार ने दिए आँकड़े

सारांश

डिजिलॉकर पर 72.43 करोड़ यूजर्स और उमंग पर 798 करोड़ लेनदेन — संसद में पेश ये आँकड़े भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की गहरी पहुँच दर्शाते हैं। 4 लाख से अधिक CSC और 70 हज़ार से ज़्यादा महिला-संचालित केंद्र इस डिजिटल क्रांति को ज़मीनी हकीकत बना रहे हैं।

मुख्य बातें

डिजिलॉकर पर 72.43 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता; पिछले तीन वर्षों में 72.86 करोड़ दस्तावेज़ एक्सेस लेनदेन।
उमंग प्लेटफॉर्म पर 11.66 करोड़ यूजर्स और तीन वर्षों में 798 करोड़ लेनदेन दर्ज।
31 जुलाई 2026 तक उमंग पर 2,575 सरकारी सेवाएँ; डिजिलॉकर पर 5,437 दस्तावेज़ प्रकार उपलब्ध।
30 जून 2026 तक देश में 4,07,122 CSC संचालित; इनमें 70,069 महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं।
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 12 अगस्त 2026 को राज्यसभा में लिखित उत्तर में ये आँकड़े साझा किए।

केंद्र सरकार की दो प्रमुख डिजिटल पहल — डिजिलॉकर और उमंग (UMANG) — ने उपयोगकर्ता संख्या और लेनदेन के मामले में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। 12 अगस्त 2026 को राज्यसभा में दिए गए एक लिखित उत्तर में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि डिजिलॉकर पर अब 72.43 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं, जबकि पिछले तीन वर्षों में 72.86 करोड़ दस्तावेज़ एक्सेस लेनदेन दर्ज किए गए हैं। यह आँकड़े भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की व्यापक पहुँच को रेखांकित करते हैं।

उमंग प्लेटफॉर्म की बढ़ती रफ़्तार

वैष्णव के अनुसार, उमंग प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में 11.66 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। पिछले तीन वर्षों में इस प्लेटफॉर्म पर लगभग 798 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए हैं — जो इसे नागरिक सेवाओं के लिए भारत के सबसे सक्रिय डिजिटल माध्यमों में से एक बनाता है। 31 जुलाई 2026 तक उमंग पर 2,575 सरकारी सेवाएँ उपलब्ध हैं, जिनमें 880 केंद्र सरकार और 1,695 राज्य सरकारों से संबंधित हैं।

डिजिलॉकर पर दस्तावेज़ और सेवाओं का विस्तार

डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर अब 5,437 प्रकार के दस्तावेज़ और सेवाएँ उपलब्ध हैं। इनमें 661 केंद्र सरकार और 4,776 राज्य सरकारों से जुड़ी हैं। मंत्री ने बताया कि दोनों प्लेटफॉर्म आधार, ई-साइन, API सेतु और अन्य डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से एकीकृत हैं, जिससे नागरिकों को सुरक्षित प्रमाणीकरण, डिजिटल दस्तावेज़ सत्यापन और सहमति-आधारित साझाकरण की सुविधा मिलती है।

कॉमन सर्विस सेंटर और महिला सशक्तिकरण

ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के लिए सरकार ने कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) नेटवर्क का विस्तार किया है। 30 जून 2026 तक देश की ग्राम पंचायत स्तर पर 4,07,122 CSC संचालित हो रहे थे। उल्लेखनीय है कि इनमें से 70,069 केंद्र महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं — जो डिजिटल समावेशन के साथ-साथ महिला उद्यमिता का भी प्रतीक है।

डिजिटल इंडिया की पृष्ठभूमि और आगे की राह

वैष्णव ने बताया कि जुलाई 2015 में शुरू किए गए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाना और सरकारी सेवाओं को सुलभ बनाना था। गौरतलब है कि एक दशक बाद ये आँकड़े उस दिशा में हुई प्रगति का संकेत देते हैं। दोनों प्लेटफॉर्म मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के ज़रिए उपलब्ध हैं, जिससे नागरिक कागज़ी प्रक्रियाओं और सरकारी दफ़्तरों के चक्करों से बड़े पैमाने पर मुक्त हुए हैं। आने वाले समय में इन प्लेटफॉर्म्स पर सेवाओं और उपयोगकर्ताओं की संख्या में और विस्तार की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी सक्रिय उपयोग की है — रजिस्ट्रेशन और नियमित उपयोग में अंतर होता है, जो सरकार के आँकड़ों में स्पष्ट नहीं है। उमंग के 798 करोड़ लेनदेन बताते हैं कि प्लेटफॉर्म पर ट्रैफिक है, पर यह नहीं बताते कि कितने नागरिक पहली बार इन सेवाओं तक पहुँचे। 70,069 महिला-संचालित CSC एक सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता की खाई पाटे बिना ये आँकड़े अधूरी तस्वीर पेश करते हैं।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजिलॉकर पर कितने रजिस्टर्ड यूजर्स हैं?
12 अगस्त 2026 को राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, डिजिलॉकर पर 72.43 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। पिछले तीन वर्षों में इस प्लेटफॉर्म पर 72.86 करोड़ दस्तावेज़ एक्सेस लेनदेन दर्ज किए गए हैं।
उमंग प्लेटफॉर्म पर कितनी सरकारी सेवाएँ उपलब्ध हैं?
31 जुलाई 2026 तक उमंग प्लेटफॉर्म पर 2,575 सरकारी सेवाएँ उपलब्ध हैं — 880 केंद्र सरकार की और 1,695 राज्य सरकारों की। प्लेटफॉर्म पर 11.66 करोड़ से अधिक पंजीकृत यूजर्स हैं और तीन वर्षों में 798 करोड़ लेनदेन हुए हैं।
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) क्या हैं और इनकी संख्या कितनी है?
CSC ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में सरकारी, बैंकिंग, बीमा और बिल भुगतान जैसी सेवाएँ उपलब्ध कराने वाले केंद्र हैं। 30 जून 2026 तक देश में 4,07,122 CSC संचालित थे, जिनमें से 70,069 महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं।
डिजिलॉकर पर कितने प्रकार के दस्तावेज़ उपलब्ध हैं?
डिजिलॉकर पर 5,437 प्रकार के दस्तावेज़ और सेवाएँ उपलब्ध हैं। इनमें 661 केंद्र सरकार से और 4,776 राज्य सरकारों से संबंधित हैं।
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम कब शुरू हुआ था?
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम जुलाई 2015 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य नागरिकों को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाना और सरकारी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाना था।
राष्ट्र प्रेस
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