FSSAI ने नीलगिरी ऑयल और एक्वाग्री प्रोसेसिंग के उत्पाद वापस मंगाए, कीटनाशक व कैडमियम मानक फेल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शनिवार, 12 सितंबर 2026 को दो अलग-अलग रिकॉल नोटिस जारी करते हुए नीलगिरी ऑयल एंड एलाइड इंडस्ट्रीज और एक्वाग्री प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड को अपने-अपने उत्पाद तत्काल बाज़ार से वापस लेने का आदेश दिया। प्रयोगशाला परीक्षणों में दोनों उत्पाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे और इन्हें असुरक्षित घोषित किया गया है।
शालीमार्स शेफ धनिया पाउडर में कीटनाशक अवशेष मानक से अधिक
नीलगिरी ऑयल एंड एलाइड इंडस्ट्रीज द्वारा निर्मित 'शालीमार्स शेफ - धनिया पाउडर' का नमूना नियमित निगरानी के तहत जांच के लिए लिया गया था। प्रयोगशाला विश्लेषण में पाया गया कि इस उत्पाद में कीटनाशक अवशेष (पेस्टिसाइड रेजिड्यू) की मात्रा अनुमेय सीमा से अधिक है। खाद्य विश्लेषक ने उत्पाद को खाद्य उत्पादों एवं संदूषकों से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वाला पाते हुए असुरक्षित करार दिया।
कंपनी ने नियमानुसार अपील दायर की, जिसके बाद दूसरा नमूना पुनः परीक्षण के लिए भेजा गया। हालांकि, दोबारा की गई जांच में भी वही निष्कर्ष सामने आए और उत्पाद की असुरक्षित श्रेणी को बरकरार रखा गया। यह तथ्य इस ओर इशारा करता है कि समस्या सिर्फ एक बैच-विशेष नहीं, बल्कि व्यापक विनिर्माण प्रक्रिया से जुड़ी हो सकती है।
एक्वाग्री प्रोसेसिंग के कैराजीनन में कैडमियम की अधिकता
दूसरे मामले में, एक्वाग्री प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बनाए गए कैराजीनन (एक खाद्य योजक) के नमूने की जांच में भारी धातु कैडमियम की मात्रा अनुमेय सीमा से अधिक मिली। कैडमियम एक विषैली भारी धातु है जो लंबे समय तक सेवन से किडनी और हड्डियों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है — विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इसे खाद्य श्रृंखला के लिए प्रमुख रासायनिक जोखिमों में गिनता है।
इस उत्पाद को भी खाद्य विश्लेषक ने असुरक्षित घोषित किया। कंपनी की अपील पर नमूना रेफरल फूड लेबोरेटरी में दोबारा भेजा गया, लेकिन पुनः परीक्षण में भी कैडमियम स्तर मानक से ऊपर ही पाया गया। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब FSSAI ने खाद्य योजकों में भारी धातु संदूषण को लेकर सख्त कार्रवाई की हो।
FSSAI का निर्देश और रिकॉल प्रक्रिया
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि दोनों कंपनियों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फूड रिकॉल प्रोसीजर) रेगुलेशंस, 2017 के तहत सभी अनिवार्य कदम उठाने होंगे। इसमें बाज़ार, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं के पास उपलब्ध पूरा स्टॉक वापस लेना शामिल है। FSSAI ने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना कंपनियों की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है।
उपभोक्ताओं पर असर और आगे की कार्रवाई
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब मसालों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा उल्लंघन के मामले लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में FSSAI ने निगरानी तंत्र को सख्त किया है और कई प्रमुख ब्रांडों के उत्पादों पर कार्रवाई की है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे प्रभावित बैच के उत्पाद खरीदने या उपयोग करने से बचें और FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट पर रिकॉल नोटिस की जानकारी देखें।
विशेषज्ञों का कहना है कि रिकॉल नोटिस जारी होना एक सकारात्मक नियामकीय कदम है, लेकिन असली चुनौती इन आदेशों का ज़मीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में दोनों कंपनियों की अनुपालन रिपोर्ट पर FSSAI की नज़र रहेगी।