त्योहारी सीजन में एडटेक फ्रेशर्स की मांग 50% बढ़ी, डिजिटल मार्केटिंग में सबसे ज़्यादा मौके
सारांश
मुख्य बातें
टीमलीज एडटेक की 22 अक्टूबर 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी सीजन में फ्रेशर्स की मांग में तेज़ उछाल आया है और एडटेक सेक्टर में हायरिंग की संभावना 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है। डिजिटल एडवर्टाइज़िंग और मार्केटिंग क्षेत्र में उद्योग मान्यता प्राप्त कौशल रखने वाले युवा उम्मीदवारों के लिए रोज़गार के नए द्वार खुल रहे हैं।
भर्ती के आँकड़े क्या कहते हैं
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में फ्रेशर्स की भर्ती का कुल इरादा 2026 की पहली छमाही के 73 प्रतिशत से बढ़कर 2026 की दूसरी छमाही में 75 प्रतिशत हो गया है। मार्केटिंग और विज्ञापन क्षेत्र में भर्ती का इरादा पहली छमाही के 62 प्रतिशत की तुलना में दूसरी छमाही में 59 प्रतिशत दर्ज किया गया — यानी इस खास क्षेत्र में मामूली गिरावट के बावजूद समग्र बाज़ार की दिशा सकारात्मक बनी हुई है।
यह ऐसे समय में आया है जब बाज़ार में कुछ नरमी की बात भी रिपोर्ट में स्वीकार की गई है। बावजूद इसके, विशेष एंट्री लेवल भूमिकाओं की स्थिर माँग यह संकेत देती है कि डिजिटल कौशल से लैस उम्मीदवारों की प्रासंगिकता बरकरार है।
शीर्ष माँग वाली भूमिकाएँ
रिपोर्ट में 'प्रोग्रामैटिक एडवर्टाइज़िंग एसोसिएट' और 'डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव' को देशभर की शीर्ष पाँच फ्रेशर भूमिकाओं में शामिल किया गया है। मुंबई में डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव की माँग 48 प्रतिशत दर्ज की गई, जो इस महानगर में डिजिटल विज्ञापन उद्योग के विस्तार को दर्शाती है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब डिजिटल फर्स्ट भूमिकाएँ एंट्री लेवल नौकरियों की सूची में शीर्ष पर दिखी हैं — यह प्रवृत्ति पिछले दो तीन वर्षों से लगातार मज़बूत हो रही है।
किन कौशलों की है सबसे ज़्यादा ज़रूरत
रिपोर्ट के अनुसार, परफॉरमेंस मार्केटिंग एनालिटिक्स एक अहम कौशल के रूप में उभरा है। नियोक्ता ऐसे उम्मीदवारों की तलाश कर रहे हैं जो कैंपेन ऑप्टिमाइज़ेशन, ऑडियंस टार्गेटिंग, मीडिया प्लानिंग, सर्च मार्केटिंग और ऐड परफॉरमेंस एनालिटिक्स के क्षेत्रों में व्यावहारिक दक्षता रखते हों।
रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि उम्मीदवारों को डिजिटल विज्ञापन प्लेटफॉर्म, कैंपेन के प्रदर्शन और ऑडियंस एंगेजमेंट की व्यावहारिक समझ होनी चाहिए। महज सैद्धांतिक ज्ञान अब पर्याप्त नहीं रहा।
फ्रेशर्स के लिए सलाह
रिपोर्ट में फ्रेशर्स को यह सुझाव दिया गया है कि वे उद्योग से जुड़े सर्टिफिकेशन और व्यावहारिक सीखने पर ध्यान केंद्रित करें ताकि बदलते रोज़गार बाज़ार में अपनी नियोजनीयता मज़बूत कर सकें। रिपोर्ट में कहा गया है, "यह व्यापक सुधार इस बात को रेखांकित करता है कि शिक्षा और प्रशिक्षण को उद्योग की बदलती ज़रूरतों के अनुरूप होना चाहिए।"
आगे की संभावनाएँ
डेटा आधारित मार्केटिंग और कैंपेन क्रियान्वयन में दक्ष प्रतिभाओं की माँग आने वाले महीनों में और बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि त्योहारी सीजन के बाद भी कंपनियाँ अपनी डिजिटल उपस्थिति को मज़बूत बनाने की दिशा में निवेश जारी रख रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मार्केटिंग में सही कौशल सेट रखने वाले फ्रेशर्स के लिए 2026 की दूसरी छमाही काफी अनुकूल साबित हो सकती है।