दीपक पारेख का बयान: वैश्विक अस्थिरता से भारत का बीएफएसआई सेक्टर सुरक्षित, हॉस्पिटैलिटी-एविएशन पर पड़ेगा असर
सारांश
मुख्य बातें
एचडीएफसी लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन दीपक पारेख ने 5 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई बीएफएसआई समिट 2026 के दूसरे संस्करण के दौरान कहा कि भारत का बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (बीएफएसआई) सेक्टर मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के बावजूद स्थिर बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र के लिए चिंता का कोई बड़ा कारण नहीं है, हालाँकि बाज़ार की सुस्त भावना के चलते नए ऋण आवेदनों में मामूली मंदी आ सकती है।
बीएफएसआई सेक्टर की स्थिति
पारेख ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मज़बूत घरेलू भागीदारी के समर्थन से भारत की वित्तीय प्रणाली लचीली बनी हुई है। उनके अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण विभिन्न क्षेत्रों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ने के बावजूद, बीएफएसआई सेक्टर की बुनियाद मज़बूत है। गौरतलब है कि जून 2023 में एचडीएफसी लिमिटेड का एचडीएफसी बैंक में विलय हुआ था।
संवेदनशील क्षेत्रों पर चिंता
पारेख ने कहा कि कच्चे तेल, मुद्रास्फीति से जुड़े उद्योग, एयरलाइंस, होटल और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्र वैश्विक अनिश्चितता के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के प्रति नकारात्मक रुझान के कारण होटलों में ठहरने का स्तर पहले से ही गिर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएँ पर्यटन और आवागमन को प्रभावित कर रही हैं।
एचडीएफसी बैंक के नेतृत्व परिवर्तन पर प्रतिक्रिया
एचडीएफसी बैंक के अंशकालिक चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर पारेख ने कहा कि उनका अब एचडीएफसी बैंक से कोई संबंध नहीं है और वे बोर्ड में भी नहीं हैं, इसलिए वे इस पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं। हालाँकि, उन्होंने यह ज़रूर कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि बैंक मज़बूत है, उसके पास पर्याप्त पूंजी है और कोई नैतिक समस्या भी नहीं है।
रियल एस्टेट और विदेशी निवेश पर दृष्टिकोण
रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (आरईआईटी) पर पारेख ने कहा कि भारत एक ऐसे मॉडल की ओर बढ़ रहा है जहाँ डेवलपर संपत्तियाँ बेचना पसंद करते हैं, जबकि बड़े संस्थागत निवेशक और वैश्विक खिलाड़ी उन्हें खरीदकर आरईआईटी संरचनाओं में समेकित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक कंपनियों द्वारा भारत में निवेश जारी रहने की उम्मीद है, और घरेलू कॉर्पोरेट समूह भी वित्तीय सेवाओं में आक्रामक रूप से विस्तार कर रहे हैं।
एआई और तकनीक की भूमिका
पारेख ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी बीएफएसआई क्षेत्र के विकास के अगले चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। विदेशी और घरेलू निवेश में वृद्धि के साथ-साथ, तकनीकी नवाचार इस क्षेत्र को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बीएफएसआई सेक्टर वैश्विक दबावों के बीच अपनी स्थिरता बरकरार रख पाता है।