सेंसेक्स 1,233 अंक उछला, 75,692 पर बंद; दीपावली से पहले बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स सोमवार, 2 नवंबर 2026 को 1,233.25 अंक यानी 1.66 प्रतिशत की छलांग लगाकर 75,692.78 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 387.70 अंक यानी 1.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,440.80 पर बंद हुआ। दीपावली से ठीक पहले यह तेज़ी बाज़ार में व्यापक उत्साह और घरेलू-वैश्विक दोनों स्तरों पर अनुकूल परिस्थितियों की देन मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
इस सत्र में सबसे अधिक तेज़ी निफ्टी ऑयल एंड गैस में रही, जो 5.95 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। निफ्टी कमोडिटीज 4.01 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 3.92 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 3.70 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 3.21 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.70 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 2.34 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 2.23 प्रतिशत और निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सूचकांकों में शामिल रहे।
दूसरी तरफ, निफ्टी मीडिया -0.76 प्रतिशत, निफ्टी आईटी -0.50 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक -0.14 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा -0.07 प्रतिशत की मामूली कमज़ोरी के साथ बंद हुए।
गेनर्स और लूज़र्स
सेंसेक्स पैक में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, बीईएल, एचयूएल, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, एचडीएफसी बैंक, एमएंडएम, ट्रेंट, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, टाइटन, अदाणी पोर्ट्स, इटरनल, आईटीसी और एचसीएल टेक बढ़त में रहे। इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा और टीसीएस गिरावट में बंद हुए।
व्यापक बाज़ार भी तेज़ी में रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 682.15 अंक यानी 1.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57,983.40 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 131.70 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की तेज़ी के साथ बंद हुआ।
बाज़ार की तेज़ी के पीछे के कारण
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, इस उछाल के पीछे कई घरेलू कारक ज़िम्मेदार रहे। उम्मीद से बेहतर दूसरी तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों ने निवेशकों की धारणा को मज़बूत किया। अक्टूबर में यात्री वाहनों की बिक्री में वृद्धि ने त्योहारी सीज़न में मज़बूत उपभोक्ता मांग की पुष्टि की। इसके अलावा, सकल जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी ने घरेलू खपत और व्यापक आर्थिक गतिविधियों की मज़बूती को रेखांकित किया।
यह ऐसे समय में आया है जब बाज़ार पिछले कुछ सप्ताहों से दबाव में था और निवेशक त्योहारी सीज़न की मांग के आँकड़ों का इंतज़ार कर रहे थे। गौरतलब है कि ऑयल-गैस और कमोडिटी सेक्टर की अगुआई में आई यह तेज़ी बाज़ार में पूँजी घुमाव का संकेत देती है।
वैश्विक परिदृश्य
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक स्तर पर भी हालात अनुकूल रहे। कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच नए सिरे से शुरू हुई राजनयिक कोशिशों ने भू-राजनीतिक जोखिम और ऊर्जा लागत से जुड़ी चिंताओं को कम किया। वैश्विक निवेशकों का रुझान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की ओर बदलने के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी ने भी भारतीय बाज़ार को सहारा दिया।
आगे क्या
मिड-कैप और स्मॉल-कैप सूचकांकों में उछाल बाज़ार में बढ़ती व्यापक भागीदारी का संकेत है, जिसे बाज़ार की सेहत का सकारात्मक संकेत माना जाता है। दीपावली सप्ताह में कारोबारी सत्रों की संख्या सीमित रहने के कारण अगले कुछ दिनों में बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है; तथापि घरेलू मैक्रो संकेत फिलहाल सकारात्मक बने हुए हैं।