23 जुलाई 2026
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ऑरिक स्मार्ट सिटी बना इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का राष्ट्रीय मॉडल, एनआईसीडीसी का दो दिवसीय क्रॉस-लर्निंग कार्यक्रम शुरू

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ऑरिक स्मार्ट सिटी बना इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का राष्ट्रीय मॉडल, एनआईसीडीसी का दो दिवसीय क्रॉस-लर्निंग कार्यक्रम शुरू

सारांश

महाराष्ट्र का ऑरिक स्मार्ट सिटी अब सिर्फ एक परियोजना नहीं — यह भारत के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कार्यक्रम का जीवंत पाठ्यक्रम बन गया है। एनआईसीडीसी का यह क्रॉस-लर्निंग कार्यक्रम दिखाता है कि देश में औद्योगिक स्मार्ट सिटी निर्माण की गति और गुणवत्ता को एक समान ऊँचाई पर लाने की कोशिश शुरू हो चुकी है।

मुख्य बातें

एनआईसीडीसी और एमआईटीएल ने 23 जुलाई 2026 को ऑरिक स्मार्ट सिटी, शेंद्रा-बिडकिन में दो दिवसीय क्रॉस-लर्निंग साइट विजिट कार्यक्रम शुरू किया।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, एसपीवी , पीएमएनसी और ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स शामिल हुए।
एनआईसीडीसी के सीईओ रजत कुमार सैनी ने ऑरिक को एनआईसीडीपी के तहत एकीकृत इंडस्ट्रियल सिटी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
एकीकृत मास्टर प्लानिंग, डिजिटल गवर्नेंस, भूमि उपयोग और निवेशक सुविधा पर विस्तृत चर्चा हुई।
भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के इम्प्लीमेंटेशन फ्रेमवर्क पर भी विचार-विमर्श किया गया।

नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआईसीडीसी) ने 23 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र के शेंद्रा-बिडकिन इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ऑरिक स्मार्ट सिटी (AURIC) में दो दिवसीय क्रॉस-लर्निंग साइट विजिट कार्यक्रम का आगाज़ किया। महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल टाउनशिप लिमिटेड (एमआईटीएल) के सहयोग से आयोजित इस पहल का लक्ष्य देश भर में विकसित हो रहे ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के बीच ज्ञान साझेदारी, संस्थागत क्षमता-निर्माण और सफल कार्यप्रणालियों के प्रसार को गति देना है।

कार्यक्रम में कौन शामिल हुए

इस क्रॉस-लर्निंग कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) प्रतिनिधि, प्रोग्राम मैनेजर फॉर न्यू सिटीज (पीएमएनसी), ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स और अन्य संबंधित पक्षों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की योजना, निर्माण और संचालन से जुड़े अपने-अपने अनुभव और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियाँ साझा कीं।

एनआईसीडीसी प्रमुख की मुख्य बातें

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए एनआईसीडीसी के सीईओ और एमडी रजत कुमार सैनी ने कहा कि ऑरिक, नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एनआईसीडीपी) के अंतर्गत विकसित एकीकृत इंडस्ट्रियल सिटी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना यह साबित करती है कि विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेशक-केंद्रित योजना, टेक्नोलॉजी-आधारित गवर्नेंस और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के ज़रिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार किया जा सकता है।

सैनी ने यह भी ज़ोर दिया कि एसपीवी को बेहतर योजना निर्माण की अधिक स्वायत्तता मिलनी चाहिए, जिससे भूमि का प्रभावी उपयोग, इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर अनुकूलन और भविष्य में विस्तार की राह आसान हो सके। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ऐसे क्रॉस-लर्निंग कार्यक्रम इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं में सफल मॉडल को दोहराने में अहम भूमिका निभाते हैं।

पहले दिन क्या हुआ

कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों को ऑरिक की प्लानिंग फ्रेमवर्क और एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके तहत शेंद्रा-बिडकिन इंडस्ट्रियल एरिया के विकास का अवलोकन, डिजिटल प्लानिंग एवं मॉनिटरिंग सिस्टम, संचालित इंडस्ट्रियल यूनिट्स, यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स और औद्योगिक विकास सुविधाओं का भी दौरा कराया गया।

कार्यक्रम में एकीकृत मास्टर प्लानिंग, प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन, भूमि उपयोग, निवेशक सुविधा, डिजिटल गवर्नेंस और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय सुधारने और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के अनुभव भी आपस में साझा किए।

भव्य योजना पर विशेष चर्चा

इस कार्यक्रम में भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के इम्प्लीमेंटेशन फ्रेमवर्क पर भी विचार-विमर्श किया गया। यह एनआईसीडीसी की प्रमुख पहल है, जिसके तहत देश भर में विश्वस्तरीय प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। प्रतिभागियों ने चर्चा की कि ऑरिक के एकीकृत प्लानिंग, डिजिटल गवर्नेंस, यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशक सुविधा के अनुभवों को भव्य योजना के तहत विकसित की जा रही परियोजनाओं में किस प्रकार लागू किया जा सकता है।

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार देश के विभिन्न हिस्सों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं को एक समान और उच्च मानकों पर लाने की कोशिश कर रही है। ऑरिक का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप प्रस्तुत करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह 'क्रॉस-लर्निंग' केवल औपचारिक दौरों तक सीमित रहेगी या इससे अन्य राज्यों की परियोजनाओं में मापने योग्य बदलाव आएगा। भारत के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कार्यक्रम में देरी और क्रियान्वयन की असमानता पुरानी चुनौती रही है — एसपीवी को अधिक स्वायत्तता देने की सैनी की वकालत इसी खामी को स्वीकार करती है। भव्य योजना के तहत प्लग-एंड-प्ले पार्कों का विस्तार तभी सार्थक होगा जब ऑरिक के अनुभव को केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि बाध्यकारी मानक के रूप में अपनाया जाए।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑरिक स्मार्ट सिटी क्या है और यह राष्ट्रीय मॉडल क्यों बना?
ऑरिक (AURIC) महाराष्ट्र के शेंद्रा-बिडकिन इंडस्ट्रियल एरिया में एनआईसीडीपी के तहत विकसित एकीकृत ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी है। इसे विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल गवर्नेंस और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के सफल एकीकरण के कारण देश भर की इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए मानक मॉडल के रूप में मान्यता दी गई है।
एनआईसीडीसी का क्रॉस-लर्निंग कार्यक्रम क्या है?
यह एनआईसीडीसी और एमआईटीएल द्वारा 23 जुलाई 2026 को ऑरिक स्मार्ट सिटी में शुरू किया गया दो दिवसीय साइट विजिट कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों के अधिकारियों, एसपीवी और ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स के बीच ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की योजना, निर्माण और संचालन से जुड़ी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियाँ साझा करना है।
भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) क्या है?
भव्य एनआईसीडीसी की प्रमुख पहल है, जिसके तहत देश भर में विश्वस्तरीय प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इस क्रॉस-लर्निंग कार्यक्रम में चर्चा हुई कि ऑरिक के अनुभवों को भव्य योजना की परियोजनाओं में कैसे लागू किया जाए।
एसपीवी को अधिक स्वायत्तता देने की बात क्यों उठाई गई?
एनआईसीडीसी के सीईओ रजत कुमार सैनी ने कहा कि स्पेशल पर्पज व्हीकल्स को बेहतर योजना बनाने की अधिक स्वतंत्रता मिलने से भूमि का प्रभावी उपयोग, इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर अनुकूलन और भविष्य में विस्तार की राह आसान होगी। यह सुझाव मौजूदा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं में क्रियान्वयन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए दिया गया।
इस कार्यक्रम से किन परियोजनाओं को फायदा होगा?
देश भर में एनआईसीडीपी के तहत विकसित हो रही ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी परियोजनाएँ और भव्य योजना के तहत बन रहे प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क इस कार्यक्रम के मुख्य लाभार्थी हैं। विभिन्न राज्यों के अधिकारी ऑरिक के अनुभव से सीखकर अपनी-अपनी परियोजनाओं में इसे लागू कर सकेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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