सेंसेक्स 344 अंक टूटा, निफ्टी 24,068 पर; मध्य पूर्व तनाव से ऑटो-फाइनेंशियल शेयरों में भारी बिकवाली
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स मंगलवार, 14 जुलाई को शुरुआती कारोबार में 344 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,272 पर आ गया, जबकि NSE निफ्टी 50 143 अंक यानी 0.59 प्रतिशत लुढ़ककर 24,068 पर था। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़े तनाव ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया, जिसका सीधा असर भारतीय बाज़ार पर दिखा।
मुख्य घटनाक्रम
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 137 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 62,906 पर था, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 68 अंक यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर 19,355 पर कारोबार कर रहा था।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी ऑटो और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे अधिक दबाव में थे। इनके अलावा निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी पीएसई भी लाल निशान में थे। हालाँकि निफ्टी मेटल, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा हरे निशान में बने रहे।
गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में TCS, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाटा स्टील, सन फार्मा, HUL, भारती एयरटेल, NTPC और ITC बढ़त में रहे। दूसरी ओर IndiGo, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, M&M, HCL टेक, L&T, कोटक महिंद्रा बैंक, SBI, बजाज फिनसर्व, ICICI बैंक, मारुति सुज़ुकी, एशियन पेंट्स, टाइटन, पावर ग्रिड और Eternal नुकसान में रहे।
वैश्विक बाज़ारों का हाल
एशियाई बाज़ारों में भी व्यापक कमज़ोरी रही। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सियोल के बाज़ार लाल निशान में थे, जबकि जकार्ता अकेला हरे निशान में कारोबार कर रहा था। सोमवार के सत्र में अमेरिकी बाज़ार भी दबाव में बंद हुए — डाओ जोन्स 0.26 प्रतिशत और नैस्डैक 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
मध्य पूर्व संकट: असली वजह
बाज़ारों में इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच तेज़ होता सैन्य टकराव है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरे दिन ईरान पर हमले किए। जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद जहाज़ों को निशाना बनाया और कथित तौर पर बहरीन में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने का दावा किया है। इन घटनाओं ने क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ा दी है।
कच्चे तेल पर असर
भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब $85 प्रति बैरल और WTI क्रूड करीब $80 प्रति बैरल के स्तर पर पहुँच गया है। यह ऊँचाई भारत जैसे तेल-आयात-निर्भर देश के लिए महँगाई और चालू खाते के घाटे की दृष्टि से चिंताजनक संकेत है। यदि तनाव और गहराता है, तो बाज़ार में अस्थिरता बनी रह सकती है।