मनोरंजन
'जय हिंद, जय सिंध' के निर्देशक इंद्रजीत लंकेश बोले — सिनेमा नुक्कड़ नाटक की तरह हो, मनोरंजन के साथ मैसेज भी ज़रूरी
इंद्रजीत लंकेश का मानना है कि सिनेमा की असली जड़ें नुक्कड़ नाटक में हैं — और वह धारा आज भी ज़िंदा रहनी चाहिए। विभाजन पर बनी उनकी नई फिल्म 'जय हिंद, जय सिंध' इसी फ़लसफ़े की परीक्षा है: क्या पर्दे पर…