6 महीने बाद शिशु के आहार में बदलाव जरूरी: उम्र के अनुसार पूरक आहार की सही मात्रा जानें

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6 महीने बाद शिशु के आहार में बदलाव जरूरी: उम्र के अनुसार पूरक आहार की सही मात्रा जानें

सारांश

6 महीने के बाद केवल दूध काफी नहीं — महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के दिशानिर्देश बताते हैं कि शिशु को किस उम्र में कितनी कटोरी ठोस आहार देना चाहिए। खिचड़ी से केले तक, सही पूरक आहार बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास की नींव रखता है।

मुख्य बातें

जन्म के 6 महीने बाद शिशु को दूध के साथ-साथ ठोस पूरक आहार देना शुरू करना चाहिए।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आधिकारिक दिशानिर्देश जारी कर उम्र-अनुसार आहार की मात्रा स्पष्ट की है।
6–7 महीने : दिन में 2 बार एक कटोरी ; 7–8 महीने : 2 कटोरी ; 9–11 महीने : 3 कटोरी ; 12–24 महीने : 4–5 कटोरी ।
शुरुआत 3 से 4 चम्मच से करें और बच्चे की प्रतिक्रिया देखकर मात्रा बढ़ाएँ।
दाल-चावल, खिचड़ी, दही, घी और केला, पपीता, गाजर, कद्दू जैसे रंगीन फल-सब्जियाँ उचित विकल्प हैं।
पहले स्तनपान कराएँ, फिर ठोस भोजन दें; बच्चे के भूख संकेतों को पहचानें।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, शिशु के जन्म के 6 महीने बाद केवल माँ का दूध उसकी बढ़ती पोषण-संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं रहता। इस अवस्था में ठोस और पौष्टिक पूरक आहार की शुरुआत करना बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अनिवार्य माना जाता है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस संदर्भ में विस्तृत दिशानिर्देश साझा किए हैं।

पूरक आहार क्या होता है और क्यों जरूरी है

पूरक आहार वह ठोस या अर्ध-ठोस भोजन है जो स्तनपान या फॉर्मूला दूध के साथ-साथ शिशु को दिया जाता है। 6 महीने की आयु के बाद शिशु के शरीर में आयरन, जिंक, विटामिन और ऊर्जा की माँग बढ़ जाती है, जो केवल दूध से पूरी नहीं हो सकती। पूरक आहार की सही शुरुआत बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता और संज्ञानात्मक विकास दोनों को मजबूत करती है।

शुरुआती आहार में क्या शामिल करें

मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, 6 महीने के शिशु को घर का बना हल्का और पौष्टिक भोजन देना चाहिए। इसमें गाढ़ी दाल के साथ चावल, खिचड़ी, हरी सब्जियाँ, दही, घी और थोड़ी मात्रा में तेल शामिल किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त केला, पपीता, गाजर और कद्दू जैसे पीले व नारंगी रंग के फल-सब्जियाँ आवश्यक विटामिन और ऊर्जा का समृद्ध स्रोत हैं।

उम्र के अनुसार आहार की सही मात्रा

शुरुआत में शिशु को केवल 3 से 4 चम्मच भोजन देकर उसकी प्रतिक्रिया देखनी चाहिए। यदि बच्चा सहजता से खा और पचा पा रहा है, तो मात्रा क्रमशः बढ़ाई जा सकती है।

6 से 7 महीने के शिशु को दिन में दो बार एक छोटी कटोरी भोजन दिया जा सकता है। 7 से 8 महीने की आयु में यह मात्रा दो कटोरी प्रतिदिन हो सकती है। 9 से 11 महीने के बच्चे के लिए तीन कटोरी तक भोजन उचित माना जाता है। वहीं 12 से 24 महीने की आयु के बच्चे को दिन में चार से पाँच कटोरी हल्का और पोषणयुक्त भोजन देना उचित है।

माता-पिता के लिए जरूरी सुझाव

विशेषज्ञों का कहना है कि हर बच्चे की भूख और पाचन क्षमता अलग होती है, इसलिए बच्चे को जबरदस्ती खिलाने की बजाय उसके भूख के संकेतों — जैसे मुँह खोलना, खाने की ओर झुकना — को पहचानकर भोजन देना चाहिए। बच्चे को खेल-खेल में और स्नेहपूर्वक खिलाने से वह खाने में रुचि लेता है।

यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि पहले स्तनपान कराएँ और उसके बाद ठोस भोजन दें, ताकि शिशु को दोनों स्रोतों से संपूर्ण पोषण प्राप्त हो सके।

आगे क्या ध्यान रखें

जैसे-जैसे शिशु की आयु और गतिविधि बढ़ती है, उसकी कैलोरी और पोषण की माँग भी बढ़ती है। माता-पिता को सलाह दी जाती है कि किसी भी असामान्य प्रतिक्रिया — जैसे एलर्जी, उल्टी या दस्त — की स्थिति में तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें और आहार में बदलाव करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारत में ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जागरूकता की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आँकड़े बताते हैं कि देश में पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में कुपोषण की दर अभी भी चिंताजनक है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करना एक कदम है, लेकिन आँगनवाड़ी नेटवर्क और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से जमीनी स्तर पर इन दिशानिर्देशों को पहुँचाना ही वास्तविक बदलाव लाएगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिशु को पूरक आहार कब से शुरू करना चाहिए?
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, जन्म के 6 महीने पूरे होने के बाद शिशु को पूरक आहार देना शुरू करना चाहिए। इससे पहले केवल माँ का दूध या फॉर्मूला दूध ही पर्याप्त और अनुशंसित है।
6 महीने के बच्चे को पहली बार क्या खिलाएँ?
शुरुआत में गाढ़ी दाल के साथ चावल, खिचड़ी, मसली हुई हरी सब्जियाँ, दही और घी दिया जा सकता है। केला, पपीता, गाजर और कद्दू जैसे रंगीन फल-सब्जियाँ भी उपयुक्त हैं। पहले केवल 3 से 4 चम्मच से शुरुआत करें।
उम्र के हिसाब से बच्चे को कितनी कटोरी खाना देना चाहिए?
6–7 महीने में दिन में 2 बार एक छोटी कटोरी, 7–8 महीने में 2 कटोरी, 9–11 महीने में 3 कटोरी और 12–24 महीने में 4 से 5 कटोरी हल्का पौष्टिक भोजन दिया जा सकता है। यह मात्रा बच्चे की भूख और पाचन क्षमता के अनुसार समायोजित करें।
क्या पूरक आहार देने के बाद स्तनपान बंद करना चाहिए?
नहीं, पूरक आहार शुरू होने के बाद भी स्तनपान जारी रखना चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि पहले स्तनपान कराएँ और उसके बाद ठोस भोजन दें, ताकि शिशु को दोनों स्रोतों से संपूर्ण पोषण मिले।
बच्चे को जबरदस्ती खाना खिलाना सही है?
नहीं, हर बच्चे की भूख अलग होती है और जबरदस्ती खिलाने से बच्चे में खाने के प्रति अरुचि पैदा हो सकती है। बच्चे के भूख के संकेतों — जैसे मुँह खोलना या खाने की ओर झुकना — को पहचानकर खाना देना चाहिए और खेल-खेल में स्नेहपूर्वक खिलाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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