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चक्रासन से पीठ-गर्दन दर्द और अकड़न में राहत, आयुष मंत्रालय ने बताए विश्व योग दिवस से पहले फायदे

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चक्रासन से पीठ-गर्दन दर्द और अकड़न में राहत, आयुष मंत्रालय ने बताए विश्व योग दिवस से पहले फायदे

सारांश

विश्व योग दिवस से पहले आयुष मंत्रालय ने चक्रासन को दिनचर्या में शामिल करने की अपील की है। पीठ दर्द, गर्दन की अकड़न और रीढ़ की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए यह आसन विशेष रूप से लाभकारी बताया गया है। शुरुआती लोगों को विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास करने की सलाह दी गई है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने स्वस्थ भारत मिशन के तहत चक्रासन को दिनचर्या में शामिल करने की अपील की।
चक्रासन पीठ दर्द, गर्दन की अकड़न, रीढ़ की हड्डी और कंधों की समस्याओं में प्रभावी बताया गया है।
यह आसन छाती खोलता है, थकान-तनाव कम करता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ाता है।
नियमित अभ्यास से पोस्चर सुधरता है और पैरों की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं।
शुरुआती लोगों को प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ या डॉक्टर की देखरेख में अभ्यास करने की सलाह।

आयुष मंत्रालय ने विश्व योग दिवस 2026 से पहले स्वस्थ भारत मिशन के तहत चक्रासन को दिनचर्या में शामिल करने की अपील की है, यह बताते हुए कि यह आसन पीठ दर्द, गर्दन की अकड़न और रीढ़ की समस्याओं में विशेष रूप से प्रभावी है। मंत्रालय लगातार विभिन्न योगासनों और प्राणायाम के बारे में जागरूकता फैला रहा है, ताकि आम नागरिक अपनी रोज़मर्रा की जीवनशैली में योग को अपना सकें।

चक्रासन क्यों है ख़ास

योग विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रासन उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जिन्हें पीठ, गर्दन या पैरों में दर्द, रीढ़ की हड्डी और कंधों में अकड़न, अथवा शरीर में लचीलेपन की कमी की शिकायत है। मंत्रालय के अनुसार, आज की व्यस्त और बैठे-बैठे काम करने वाली जीवनशैली में ये समस्याएँ आम हो चुकी हैं — और ये सभी लक्षण संकेत देते हैं कि शरीर को पर्याप्त मूवमेंट और स्ट्रेचिंग की आवश्यकता है।

चक्रासन के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ

आयुष मंत्रालय ने चक्रासन के निम्नलिखित लाभ गिनाए हैं:

पीठ और रीढ़ की हड्डी को मज़बूती: नियमित अभ्यास से रीढ़ लचीली और मज़बूत बनती है। कंधों और गर्दन की अकड़न में उल्लेखनीय कमी आती है। इसके अलावा, यह आसन छाती को खोलता है, जिससे श्वास-क्रिया में सुधार होता है और फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है।

मंत्रालय के अनुसार, चक्रासन थकान और मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक है। जो लोग पूरे दिन सुस्ती या थकान महसूस करते हैं, उनके लिए यह आसन विशेष रूप से लाभकारी बताया गया है, क्योंकि यह पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ाता है। साथ ही, पैरों की मांसपेशियाँ भी इस आसन से मज़बूत होती हैं।

मन और शरीर दोनों को लाभ

मंत्रालय का कहना है कि चक्रासन केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है — यह मन को शांत रखने में भी मदद करता है। नियमित अभ्यास से पोस्चर सुधरता है और रोज़मर्रा की थकान दूर होती है। यह आसन शरीर को एक साथ मज़बूत और लचीला बनाने का दोहरा काम करता है।

शुरुआती लोगों के लिए सावधानियाँ

आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट सलाह दी है कि जो लोग पहली बार चक्रासन का अभ्यास शुरू कर रहे हैं, उन्हें किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही यह आसन करना चाहिए। विशेष रूप से, जिन लोगों को पीठ या गर्दन की गंभीर समस्या है, उन्हें पहले डॉक्टर या योग ट्रेनर से परामर्श लेना अनिवार्य बताया गया है।

विश्व योग दिवस की तैयारी

गौरतलब है कि विश्व योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है। इस वर्ष भी मंत्रालय ने इससे कुछ सप्ताह पहले से ही जन-जागरूकता अभियान तेज़ कर दिया है। स्वस्थ भारत मिशन के तहत मंत्रालय का यह प्रयास है कि अधिक से अधिक नागरिक योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएँ। आने वाले दिनों में मंत्रालय और अधिक आसनों तथा प्राणायाम की जानकारी साझा करता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि चक्रासन एक उन्नत बैकबेंड आसन है — शुरुआती लोगों के लिए इसे बिना प्रशिक्षण के करना चोट का जोखिम बढ़ा सकता है। मंत्रालय ने सावधानी की बात कही है, परंतु सोशल मीडिया पर जब ऐसे आसन वायरल होते हैं तो अक्सर यह चेतावनी पीछे छूट जाती है। स्वस्थ भारत मिशन की सफलता के लिए ज़रूरी है कि जागरूकता अभियान के साथ-साथ प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों की पहुँच भी आम नागरिकों तक सुनिश्चित की जाए — विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रासन क्या है और इसे कैसे किया जाता है?
चक्रासन एक पीछे की ओर झुकने वाला योगासन है जिसमें शरीर चक्र (पहिये) का आकार लेता है। इसमें पीठ के बल लेटकर हाथों और पैरों के बल शरीर को ऊपर उठाया जाता है। आयुष मंत्रालय की सलाह है कि शुरुआती लोग इसे किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही सीखें।
चक्रासन पीठ और गर्दन के दर्द में कैसे राहत देता है?
योग विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रासन रीढ़ की हड्डी को लचीला और मज़बूत बनाता है तथा कंधों व गर्दन की अकड़न दूर करता है। यह आसन पीठ की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है, जिससे लंबे समय तक बैठकर काम करने से होने वाले दर्द में राहत मिलती है।
क्या चक्रासन सभी के लिए सुरक्षित है?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, जिन लोगों को पीठ या गर्दन की गंभीर समस्या है, उन्हें डॉक्टर या योग ट्रेनर से सलाह लेकर ही अभ्यास शुरू करना चाहिए। शुरुआती लोगों के लिए किसी प्रशिक्षित विशेषज्ञ की देखरेख अनिवार्य बताई गई है।
आयुष मंत्रालय विश्व योग दिवस से पहले यह जानकारी क्यों दे रहा है?
प्रतिवर्ष 21 जून को मनाए जाने वाले विश्व योग दिवस से पहले आयुष मंत्रालय स्वस्थ भारत मिशन के तहत जन-जागरूकता अभियान चलाता है। इस वर्ष मंत्रालय लगातार विभिन्न आसनों और प्राणायाम की जानकारी साझा कर रहा है ताकि नागरिक योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें।
चक्रासन के नियमित अभ्यास से क्या-क्या फायदे होते हैं?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित चक्रासन से पोस्चर सुधरता है, थकान और तनाव कम होता है, छाती खुलती है जिससे सांस लेने में आसानी होती है, और पैरों की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं। साथ ही यह पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ाता है और मन को शांत रखने में मदद करता है।
राष्ट्र प्रेस
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