शीतली प्राणायाम: गर्मी में शरीर को ठंडक और मन को शांति देने वाली योगिक तकनीक
सारांश
मुख्य बातें
शीतली प्राणायाम गर्मी के मौसम में शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने और मन को शांत करने की एक सरल एवं प्रभावी योगिक श्वास तकनीक है। 7 मई को जारी जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस प्राणायाम के लाभों को आधिकारिक रूप से रेखांकित किया है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच यह अभ्यास शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ-साथ आंतरिक ताप नियंत्रण में भी सहायक है।
शीतली प्राणायाम क्या है
शीतली प्राणायाम एक योगिक श्वास तकनीक है जिसमें अभ्यासकर्ता अपनी जीभ को मोड़कर नलिका का आकार देते हैं और मुंह से धीरे-धीरे ठंडी हवा अंदर खींचते हैं। इस प्रक्रिया में ठंडी हवा सीधे श्वास नली से होकर शरीर में प्रवेश करती है, जिससे शरीर का तापमान कम होता है। जो लोग जीभ मोड़ने में असमर्थ हों, वे होंठों को गोल करके भी इसका अभ्यास कर सकते हैं।
आयुष मंत्रालय के अनुसार लाभ
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, शीतली प्राणायाम मुख्य रूप से शरीर के तापमान को नियंत्रित करने, उच्च रक्तचाप को कम करने, तनाव घटाने और पित्त विकारों को दूर करने में सहायक है। यह पित्त दोष को शांत करता है और पैरा सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय कर शरीर को गहरी विश्राम अवस्था में ले जाता है। इससे शरीर की अतिरिक्त गर्मी बाहर निकलती है और मन में शांति का अनुभव होता है।
अभ्यास की सही विधि
शीतली प्राणायाम का अभ्यास सुबह खाली पेट शांत स्थान पर करना सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसके लिए सुखासन या पद्मासन में बैठें और जीभ को बाहर निकालकर नलिका की तरह मोड़ें। इसके बाद मुंह से धीरे-धीरे ठंडी हवा अंदर खींचें, कुछ सेकंड के लिए सांस रोकें और फिर नाक से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। इस क्रिया को 5 से 10 बार दोहराना लाभदायक होता है।
किसे सावधानी बरतनी चाहिए
यह प्राणायाम विशेष रूप से गर्म मौसम में या जब शरीर अधिक गरम हो जाए, तब करने की सलाह दी जाती है। गौरतलब है कि सर्दी, खांसी, अस्थमा या निम्न रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों को इसे नहीं करना चाहिए। यह अभ्यास केवल गर्म मौसम के लिए उपयुक्त है — सर्दियों में इससे परहेज़ करना उचित है।
व्यापक स्वास्थ्य संदर्भ
यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक हो जाता है जब देश के अनेक हिस्सों में लू और भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। शीतली प्राणायाम न केवल शारीरिक ताप को कम करता है, बल्कि तनाव और चिंता को भी घटाने में मददगार है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि इसे हाइड्रेशन और संतुलित दिनचर्या के साथ अपनाने पर गर्मी के दुष्प्रभावों से बेहतर सुरक्षा मिलती है।