हरे और काले अंगूर: कौन सा है अधिक पौष्टिक? जानें आयुर्वेदिक लाभ
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, ६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फरवरी और मार्च के महीने में अंगूर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। इस समय का मौसम हल्का ठंडा और गर्म होता है, जो शीतल पेय पदार्थों का सेवन करने के लिए प्रेरित करता है। प्रकृति ने हमें ऐसा फल दिया है जो इस मौसम में हमें शीतलता प्रदान करता है, और वह हैं अंगूर।
अंगूर केवल एक स्वादिष्ट फल नहीं है, बल्कि इसके अंदर कई औषधीय गुणकोशिकाओं की सुरक्षा करता है और शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाता है।
चलो पहले हरे अंगूर की बात करें। हरे अंगूर का स्वाद मीठा और पाचन में हल्का होता है। ये पित्त को शांत करने की क्षमता रखते हैं। गर्मियों में ये निर्जलीकरण से बचाते हैं और पेट में जलन को भी कम करते हैं। जब लू लगने का खतरा होता है, तब अंगूर का सेवन हमें गर्म हवाओं से सुरक्षा प्रदान करता है।
वहीं, काले अंगूर हरे अंगूर की तुलना में अधिक पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। काले अंगूर का सेवन रक्त की मात्रा बढ़ाता है और बल प्रदान करता है। ये त्वचा को साफ करने और बालों को चमकदार बनाने में भी सहायक हैं। काले अंगूर में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर की आंतरिक कमजोरी और थकान को दूर करते हैं, और विटामिन सी और ई मिलकर बालों और त्वचा को निखारने का काम करते हैं।
अब सवाल यह है कि अंगूर खाने का सही समय क्या है। आमतौर पर फल को कभी भी खा लिया जाता है, जो उचित नहीं है। अंगूर का सेवन सुबह और दोपहर में किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रखें कि इसे खाली पेट नहीं खाना चाहिए। विटामिन सी होने के कारण ये पेट में जलन पैदा कर सकते हैं।