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सुबह का हेल्दी नाश्ता क्यों है ज़रूरी? स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया थाली में क्या करें शामिल

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सुबह का हेल्दी नाश्ता क्यों है ज़रूरी? स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया थाली में क्या करें शामिल

सारांश

स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी — नाश्ता छोड़ना मोटापे को न्योता देना है। ओट्स, दही, अंडा और ताज़े फलों से भरी थाली दिनभर की ऊर्जा और भूख नियंत्रण दोनों सुनिश्चित करती है। छोटी आदतें, बड़ा बदलाव।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 6 जून 2025 को मोटापे से बचाव के लिए सुबह का संतुलित नाश्ता अनिवार्य बताया।
नाश्ता छोड़ने से मेटाबॉलिज्म धीमा होता है और वजन बढ़ने की आशंका बढ़ती है।
थाली में ओट्स, दही, अंडा, साबुत अनाज की रोटी, सब्जियों वाला पराठा और ताज़े फल शामिल करने की सलाह।
दोपहर की भूख में चिप्स-नमकीन की जगह भुने चने, सूखे मेवे या ताज़ा सलाद चुनें।
तली-भुनी और मीठी चीजों से परहेज़ और नियमित व्यायाम मोटापा नियंत्रण में सहायक।

भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 6 जून 2025 को नागरिकों को सचेत किया कि मोटापे की बढ़ती समस्या से बचाव के लिए सुबह का संतुलित नाश्ता सबसे प्रभावी पहला कदम है। मंत्रालय के अनुसार, अच्छा नाश्ता न केवल दिनभर की ऊर्जा बनाए रखता है, बल्कि अनावश्यक भूख और अनहेल्दी स्नैकिंग पर भी लगाम लगाता है। व्यस्त जीवनशैली और जंक फूड की बढ़ती लत के बीच यह सलाह विशेष रूप से प्रासंगिक मानी जा रही है।

नाश्ता छोड़ने से क्या होता है नुकसान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह का नाश्ता छोड़ने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिससे वजन बढ़ने की आशंका काफी बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि नाश्ता शरीर को आवश्यक पोषक तत्व देता है और पूरे दिन सक्रिय रहने में सहायता करता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में मोटापे से जुड़ी बीमारियाँ — जैसे टाइप-2 मधुमेह और हृदय रोग — तेज़ी से बढ़ रही हैं।

नाश्ते की थाली में क्या करें शामिल

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नाश्ते में फाइबर, प्रोटीन और जटिल कार्बोहाइड्रेट से भरपूर चीजें होनी चाहिए। अनुशंसित विकल्पों में शामिल हैं — ओट्स, दही, अंडा, साबुत अनाज की रोटी, सब्जियों वाला पराठा, दाल-चावल का हल्का खिचड़ी और उपमा। इसके साथ ही ताज़े फल जैसे सेब, केला, संतरा या पपीता अवश्य लें, क्योंकि ये विटामिन और फाइबर से भरपूर होते हैं और पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं।

स्मार्ट स्नैकिंग: दोपहर की भूख से कैसे निपटें

मंत्रालय ने दोपहर के बीच की भूख के लिए भी स्मार्ट विकल्प सुझाए हैं। चिप्स और नमकीन की जगह भुने हुए चने, मिठाइयों और पेस्ट्री की बजाय मुट्ठी भर बादाम, अखरोट या किशमिश, और क्रीमी स्नैक्स की जगह ताज़ा सलाद या फल लेने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये विकल्प स्वादिष्ट होने के साथ-साथ वजन नियंत्रण में भी सहायक हैं।

आम जनता पर असर और मंत्रालय की अपील

मंत्रालय ने अपील की है कि तली-भुनी और अत्यधिक मीठी चीजों से परहेज़ करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, छोटी-छोटी आदतें बदलने से दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। रोज़ाना संतुलित नाश्ता, बीच में हेल्दी स्नैक्स और नियमित व्यायाम — इन तीन आदतों को अपनाकर मोटापे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। गौरतलब है कि अनहेल्दी स्नैकिंग को मंत्रालय ने मोटापे का प्रमुख कारण बताया है।

क्या होगा आगे

स्वास्थ्य मंत्रालय की यह सलाह राष्ट्रीय पोषण जागरूकता अभियान के तहत जारी की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन सुझावों को दैनिक जीवन में अपनाया जाए, तो न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुधरेगा, बल्कि मोटापे से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य बोझ में भी कमी आ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती जागरूकता नहीं, पहुँच है — शहरी मध्यवर्ग के लिए ओट्स और बादाम सुलभ हैं, पर ग्रामीण और निम्न-आय वर्ग के लिए संतुलित नाश्ता आर्थिक बाधा भी है। मंत्रालय की अपीलें तब तक अधूरी हैं जब तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पोषण-समृद्ध विकल्प शामिल न हों। इसके अलावा, 'स्मार्ट स्नैकिंग' की सलाह उस कामकाजी आबादी के लिए व्यावहारिक नहीं, जिसके पास सुबह नाश्ता बनाने का समय ही नहीं। नीति और व्यवहार के बीच की यह खाई पाटे बिना मोटापे की महामारी पर काबू पाना मुश्किल है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुबह का नाश्ता छोड़ने से क्या होता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नाश्ता छोड़ने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिससे वजन बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है। इससे दिनभर थकान, एकाग्रता में कमी और अनहेल्दी स्नैकिंग की प्रवृत्ति भी बढ़ती है।
सुबह के नाश्ते में क्या-क्या खाना चाहिए?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नाश्ते में ओट्स, दही, अंडा, साबुत अनाज की रोटी, सब्जियों वाला पराठा, खिचड़ी या उपमा और ताज़े फल जैसे सेब, केला, संतरा या पपीता शामिल करने चाहिए। ये सभी फाइबर, प्रोटीन और ज़रूरी विटामिन से भरपूर हैं।
दोपहर की भूख में हेल्दी स्नैक्स के क्या विकल्प हैं?
मंत्रालय ने चिप्स-नमकीन की जगह भुने हुए चने, मिठाइयों की जगह मुट्ठी भर बादाम-अखरोट-किशमिश और क्रीमी स्नैक्स की जगह ताज़ा सलाद या फल खाने की सलाह दी है। ये विकल्प वजन नियंत्रण में भी सहायक हैं।
मोटापे से बचने के लिए रोज़ाना क्या करना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रोज़ाना संतुलित नाश्ता, बीच में हेल्दी स्नैक्स और नियमित व्यायाम — इन तीन आदतों को अपनाकर मोटापे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। तली-भुनी और अत्यधिक मीठी चीजों से परहेज़ भी ज़रूरी है।
क्या हेल्दी नाश्ता वजन घटाने में मदद करता है?
हाँ, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित नाश्ता मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखता है और दिनभर अनावश्यक भूख को नियंत्रित करता है, जिससे अनहेल्दी स्नैकिंग कम होती है और वजन प्रबंधन आसान होता है।
राष्ट्र प्रेस
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