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बांग्लादेश में खसरे से मृतक संख्या 805 पहुंची, रोज़ाना 4 बच्चों की जान जा रही

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बांग्लादेश में खसरे से मृतक संख्या 805 पहुंची, रोज़ाना 4 बच्चों की जान जा रही

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का संकट गहराता जा रहा है — 805 मौतें, रोज़ 4 बच्चों की जान और 40 लाख बच्चे अब भी बिना टीके। सरकार के टीकाकरण लक्ष्य पूरे होने के दावों के बावजूद अस्पताल भरे हुए हैं और विशेषज्ञ प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल उठा रहे हैं।

मुख्य बातें

23 जुलाई 2026 को दो और बच्चों की मौत के बाद बांग्लादेश में खसरे से कुल मृतक संख्या 805 हो गई।
कुल मौतों में 95 प्रयोगशाला-पुष्टि और 710 संदिग्ध खसरे से हुई मौतें शामिल हैं।
15 मार्च से अब तक संदिग्ध मामले 1,21,200 और पुष्टि मामले 15,007 हो चुके हैं।
जुलाई में प्रतिदिन औसतन 1,005 मामले, 821 अस्पताल भर्ती और 4 मौतें दर्ज।
करीब 40 लाख बच्चे टीकाकरण से अब भी वंचित, जिससे संक्रमण का खतरा बरकरार।
नेशनल वेरिफिकेशन कमेटी के अध्यक्ष महमूदुर रहमान ने कहा, अधिकारी स्थिति की गंभीरता को 'पूरी तरह नहीं समझ पा रहे'।

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। 23 जुलाई 2026 को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने पुष्टि की कि पिछले 24 घंटों में दो और बच्चों की मौत हुई, जिससे देश में खसरे से जुड़ी कुल मौतों का आंकड़ा 805 तक पहुंच गया है। ढाका से मिली रिपोर्टों के अनुसार, इन दोनों ताज़ा मौतों को फिलहाल 'संदिग्ध खसरा' की श्रेणी में रखा गया है।

मौतों और मामलों का ताज़ा आंकड़ा

DGHS के आँकड़ों के अनुसार, कुल 805 मौतों में से 95 मौतें प्रयोगशाला-पुष्टि खसरे से हुई हैं, जबकि शेष 710 मौतें संदिग्ध खसरे से जुड़ी हैं। पिछले 24 घंटों में 848 नए संदिग्ध मामले दर्ज किए गए और 166 नए मामलों की प्रयोगशाला से पुष्टि हुई।

15 मार्च 2026 से अब तक संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 1,21,200 हो गई है, जबकि पुष्टि किए गए मामले बढ़कर 15,007 हो चुके हैं। जुलाई के पहले तीन हफ्तों के आँकड़े और भी चिंताजनक हैं — इस अवधि में प्रतिदिन औसतन 1,005 संदिग्ध और पुष्टि मामले सामने आए, 821 लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा और लगभग 4 लोगों की रोज़ाना मौत हुई।

टीकाकरण अभियान की सीमाएँ

बांग्लादेश सरकार का दावा है कि उसने आपातकालीन खसरा टीकाकरण अभियान का निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया है। लेकिन अस्पतालों में बिना टीके के बड़ी संख्या में मरीजों का पहुंचना इस दावे पर सवाल खड़े करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान और विटामिन ए अभियान के बीच 40 लाख बच्चों का अंतर यह साफ दर्शाता है कि बड़ी आबादी अब भी असुरक्षित है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रकोप इसलिए लगातार बना हुआ है क्योंकि करीब 40 लाख बच्चे टीकाकरण की पहुंच से बाहर रह गए। इसके अलावा, अभियान की तय आयु सीमा से बड़े बच्चों में भी संक्रमण फैला और संक्रमण नियंत्रण के उपाय पर्याप्त नहीं रहे।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

खसरा और रूबेला उन्मूलन के लिए गठित नेशनल वेरिफिकेशन कमेटी के अध्यक्ष महमूदुर रहमान ने बांग्लादेशी अखबार 'द डेली स्टार' से कहा, 'हालात में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन टीकाकरण अभियान शुरू होने के दो महीने बाद जितना सुधार होना चाहिए था, उतना नहीं हुआ। लगता है कि अधिकारी इस बात को पूरी तरह समझ नहीं पा रहे हैं।'

रहमान ने आगाह किया कि खसरा-रूबेला टीकाकरण और विटामिन ए अभियान के कवरेज में जो अंतर है, वह यह संकेत देता है कि लाखों बच्चे अभी भी संक्रमण के गंभीर खतरे में हैं।

आम जनता पर असर

रिपोर्टों के अनुसार, खसरे से हर दिन औसतन लगभग 4 बच्चों की मौत हो रही है और रोज़ 800 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। इस बीच, सरकारी प्रयासों और जनता के ध्यान में पहले की तुलना में कमी देखी जा रही है, जो स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

आगे की राह

यह संकट तब तक थमने की संभावना नहीं है जब तक टीकाकरण की पहुंच उन 40 लाख बच्चों तक नहीं पहुंचती जो अब तक छूट गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सरकार से टीकाकरण अभियान को और अधिक व्यापक बनाने तथा संक्रमण नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करने की माँग कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक प्रशासनिक चूक की कहानी है। सरकार 'लक्ष्य पूरे' होने का दावा करती है, जबकि अस्पतालों में बिना टीके के मरीज़ों की भीड़ इस दावे को खोखला साबित करती है। 40 लाख बच्चों का टीकाकरण से वंचित रहना यह दर्शाता है कि कागज़ी आँकड़े और ज़मीनी हकीकत में गहरी खाई है। जब तक सत्यापन-योग्य कवरेज डेटा सार्वजनिक नहीं होता और संक्रमण नियंत्रण उपाय सख्त नहीं होते, यह संकट और बच्चों की जानें लेता रहेगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितनी मौतें हो चुकी हैं?
23 जुलाई 2026 तक बांग्लादेश में खसरे से जुड़ी कुल 805 मौतें दर्ज हो चुकी हैं। इनमें 95 प्रयोगशाला-पुष्टि और 710 संदिग्ध खसरे से हुई मौतें शामिल हैं।
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप कब से जारी है?
DGHS के आँकड़ों के अनुसार, 15 मार्च 2026 से अब तक 1,21,200 संदिग्ध और 15,007 पुष्टि मामले सामने आ चुके हैं। यह प्रकोप चार महीने से अधिक समय से जारी है।
बांग्लादेश में खसरा प्रकोप इतने लंबे समय से क्यों बना हुआ है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, करीब 40 लाख बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए। इसके अलावा, अभियान की तय आयु सीमा से बड़े बच्चों में संक्रमण फैला और संक्रमण नियंत्रण उपाय पर्याप्त नहीं रहे।
बांग्लादेश सरकार ने खसरे से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार का दावा है कि उसने आपातकालीन खसरा टीकाकरण अभियान का निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया है। लेकिन नेशनल वेरिफिकेशन कमेटी के अध्यक्ष महमूदुर रहमान के अनुसार, दो महीने बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं आया और अधिकारी स्थिति की गंभीरता को पूरी तरह नहीं समझ पा रहे।
खसरे से बांग्लादेश में रोज़ाना कितने बच्चे प्रभावित हो रहे हैं?
जुलाई के पहले तीन हफ्तों में प्रतिदिन औसतन 1,005 संदिग्ध और पुष्टि मामले सामने आए, 821 लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा और लगभग 4 लोगों की मौत हुई। रोज़ाना 800 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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