बांग्लादेश में खसरा संकट: 11 मई के बाद जांच ठप होने का खतरा, 300 से ज्यादा मौतें

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बांग्लादेश में खसरा संकट: 11 मई के बाद जांच ठप होने का खतरा, 300 से ज्यादा मौतें

सारांश

बांग्लादेश की एकमात्र खसरा जांच प्रयोगशाला में टेस्टिंग किट्स लगभग खत्म हो चुकी हैं। 11 मई के बाद जांच बंद होने का खतरा है, जबकि प्रकोप में 300 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और एक संक्रमित व्यक्ति 16-18 लोगों तक बीमारी फैला सकता है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश की एकमात्र खसरा जांच लैब मोहखाली, ढाका में टेस्टिंग किट्स लगभग समाप्त हो गई हैं।
11 मई 2025 के बाद पूरे देश में खसरे की जांच बंद होने का गंभीर खतरा है।
इस प्रकोप में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
एक संक्रमित व्यक्ति 16 से 18 लोगों तक बीमारी फैला सकता है।
WHO ने नई किट्स आने में एक से डेढ़ हफ्ते का समय बताया है; 15 मई तक आपूर्ति की उम्मीद।
विशेषज्ञों ने तत्काल बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन अभियान और पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने की माँग की है।

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप तेज़ी से गंभीर रूप लेता जा रहा है। ढाका के मोहखाली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ — देश की एकमात्र खसरा जांच प्रयोगशाला — में टेस्टिंग किट की भारी कमी हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि 11 मई 2025 तक नई किट्स नहीं पहुँचीं, तो पूरे बांग्लादेश में खसरे की जांच पूरी तरह बंद हो सकती है। इस प्रकोप में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

बांग्लादेशी दैनिक ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रयोगशाला प्रतिदिन देशभर से आने वाले लगभग 300 सैंपल की जांच करती है। सोमवार, 5 मई तक लैब के पास केवल सात टेस्टिंग किट्स बची थीं, और अगले दो दिनों में वह स्टॉक भी लगभग समाप्त हो गया। किट्स की इस कमी के कारण कई सैंपल बिना जांच के पड़े हैं।

गौरतलब है कि खसरे की टेस्टिंग किट्स विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा उपलब्ध कराई जाती हैं और एक किट से लगभग 90 लोगों की जांच संभव है। इंस्टीट्यूट के सूत्रों ने बताया कि किट्स की कमी के चलते टेस्टिंग क्षमता बढ़ाना संभव नहीं हो पा रहा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

वायरोलॉजिस्ट महबूबा जमील ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की गहरी खामियों का आईना है। जब प्रकोप की गंभीरता स्पष्ट थी, तब भी पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित न करना और WHO को किट के लिए अनुरोध भेजने में एक महीने की देरी — ये दोनों प्रशासनिक विफलताएँ हैं। एक ऐसे देश में जहाँ एक संक्रमित व्यक्ति 16-18 लोगों को संक्रमित कर सकता है, जांच बंद होने का अर्थ है अंधेरे में महामारी से लड़ना। विशेषज्ञों की वैक्सीनेशन की माँग सही दिशा में है, लेकिन बिना निगरानी तंत्र के टीकाकरण की प्रभावशीलता भी अधूरी रहेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरा संकट क्या है?
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप तेज़ी से फैल रहा है और देश की एकमात्र खसरा जांच प्रयोगशाला में टेस्टिंग किट्स लगभग समाप्त हो गई हैं। अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 11 मई 2025 के बाद जांच पूरी तरह बंद होने का खतरा है।
टेस्टिंग किट्स कौन उपलब्ध कराता है और नई किट्स कब आएंगी?
खसरे की टेस्टिंग किट्स विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा दी जाती हैं। वायरोलॉजिस्ट महबूबा जमील के अनुसार, नई किट्स आने में एक से डेढ़ हफ्ता लग सकता है और इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर मोमिनुर रहमान को 15 मई तक आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
जांच बंद होने से क्या खतरा है?
जांच बंद होने से यह पता लगाना मुश्किल हो जाएगा कि कितने लोग संक्रमित हैं। चूँकि एक संक्रमित व्यक्ति 16 से 18 लोगों तक बीमारी फैला सकता है, इसलिए निगरानी के बिना संक्रमण तेज़ी से फैल सकता है।
बच्चों पर खसरे का क्या असर हो रहा है?
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इलाज में देरी से बच्चों में सांस लेने में दिक्कत, शरीर में ऑक्सीजन की कमी, दिमाग में सूजन, लंबे समय तक दस्त और दौरे जैसी गंभीर समस्याएँ बढ़ रही हैं, जिससे मौत का खतरा भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों ने क्या सुझाव दिए हैं?
पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट मुश्ताक हुसैन ने तत्काल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने, बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन अभियान चलाने, उपजिला स्तर पर इलाज की सुविधाएँ बढ़ाने और ऑक्सीजन समेत ज़रूरी मेडिकल उपकरणों की व्यवस्था करने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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