30 अक्टूबर 2026
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नॉर्थ डकोटा के बिस्मार्क में महात्मा गांधी की पहली प्रतिमा का अनावरण, भारत-अमेरिका संबंधों को नई मज़बूती

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नॉर्थ डकोटा के बिस्मार्क में महात्मा गांधी की पहली प्रतिमा का अनावरण, भारत-अमेरिका संबंधों को नई मज़बूती

सारांश

अमेरिका के मध्य-पश्चिमी राज्य नॉर्थ डकोटा के बिस्मार्क में पहली बार महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा स्थापित हुई — शांति, अहिंसा और भारत-अमेरिका मित्रता का प्रतीक। सिएटल वाणिज्य दूतावास के अधिकार क्षेत्र में यह गांधीजी से जुड़ा पाँचवाँ स्मारक है।

मुख्य बातें

महात्मा गांधी की नॉर्थ डकोटा में पहली आदमकद प्रतिमा का अनावरण 29 अक्टूबर 2026 को बिस्मार्क के पीस पार्क में किया गया।
समारोह में नॉर्थ डकोटा की फर्स्ट लेडी क्येर्स्टी आर्मस्ट्रांग , कृषि आयुक्त डग गोहरिंग और सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूत शामिल हुए।
प्रतिमा सिएटल भारतीय वाणिज्य दूतावास और नॉर्थ डकोटा ट्रेड ऑफिस के सहयोग से स्थापित की गई।
यह सिएटल वाणिज्य दूतावास के अधिकार क्षेत्र में गांधीजी से जुड़ा पाँचवाँ स्मारक है।
कार्यक्रम में स्कूली छात्रों ने 'वैष्णव जन तो' सहित गांधीजी के पसंदीदा भजन प्रस्तुत किए।

बिस्मार्क (नॉर्थ डकोटा) के डाउनटाउन स्थित पीस पार्क में 29 अक्टूबर 2026 को महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया — जो नॉर्थ डकोटा राज्य में गांधीजी की पहली प्रतिमा है। सिएटल स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास की पहल और नॉर्थ डकोटा के भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सहयोग से स्थापित इस प्रतिमा ने भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक सेतु को और गहरा किया है। समारोह में राज्य की प्रमुख हस्तियाँ, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग उपस्थित रहे।

समारोह का विवरण

अनावरण कार्यक्रम की शुरुआत भारत और अमेरिका के राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद नॉर्थ डकोटा के स्कूली छात्रों ने गांधीजी के पसंदीदा भजनों की मधुर प्रस्तुति दी, जिनमें प्रसिद्ध भजन 'वैष्णव जन तो' भी शामिल था। नॉर्थ डकोटा की फर्स्ट लेडी क्येर्स्टी आर्मस्ट्रांग, राज्य के कृषि आयुक्त डग गोहरिंग, सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूत, बिस्मार्क पार्क्स एंड रिक्रिएशन डिस्ट्रिक्ट के अधिकारी और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के गणमान्य लोग इस ऐतिहासिक अवसर पर एकत्र हुए। तस्वीरों में आर्मस्ट्रांग, गोहरिंग और महावाणिज्य दूत को गांधीजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते देखा गया।

नेताओं की प्रतिक्रिया

कृषि आयुक्त डग गोहरिंग ने अपने संबोधन में भारत और नॉर्थ डकोटा के बीच बढ़ती मित्रता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गांधीजी का संदेश न केवल भारत और दुनिया के लिए, बल्कि नॉर्थ डकोटा के लोगों के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने इस प्रतिमा को शांति और अहिंसा का प्रतीक बताया।

फर्स्ट लेडी क्येर्स्टी आर्मस्ट्रांग ने गांधीजी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी विरासत का जश्न मनाना सम्मान की बात है और यह विरासत आज के समय में पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

प्रतिमा की स्थापना और सहयोग

वाणिज्य दूतावास की विज्ञप्ति के अनुसार, यह प्रतिमा सिएटल स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की मदद से तथा नॉर्थ डकोटा ट्रेड ऑफिस के तकनीकी सहयोग से स्थापित की गई है। प्रतिमा बिस्मार्क के मुख्य इलाके में 400 ईस्ट फ्रंट एवेन्यू पर 'पीस पार्क' में स्थापित की गई है। वाणिज्य दूतावास ने इसे भारत और नॉर्थ डकोटा के बीच सांस्कृतिक और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि सिएटल वाणिज्य दूतावास के अधिकार क्षेत्र में यह गांधीजी से जुड़ा पाँचवाँ स्मारक है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और नॉर्थ डकोटा के बीच संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं — 2024 और 2026 में महावाणिज्य दूत राज्य की यात्रा कर चुके हैं और उन्होंने वहाँ के गवर्नर, बिस्मार्क के मेयर तथा कृषि, व्यापार और शिक्षा जगत के प्रमुख लोगों से बैठकें की हैं।

आगे की राह

यह प्रतिमा भारतीय-अमेरिकी समुदाय की सक्रिय भूमिका और कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम है, जो मध्य-पश्चिमी अमेरिका में भारत की सांस्कृतिक उपस्थिति को और विस्तार देने का संकेत देती है। आने वाले वर्षों में भारत-नॉर्थ डकोटा के बीच कृषि और व्यापार सहयोग की दृष्टि से यह स्मारक एक स्थायी प्रतीक बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय कूटनीति की उस रणनीति का हिस्सा है जो पारंपरिक कूटनीतिक केंद्रों से परे अमेरिका के छोटे राज्यों में पैठ बना रही है। गौर करने वाली बात यह है कि 2024 और 2026 में महावाणिज्य दूत की यात्राओं के बाद कृषि और व्यापार में सहयोग की चर्चाएँ भी हुई हैं — यानी यह प्रतिमा नरम शक्ति के साथ-साथ आर्थिक कूटनीति का भी हथियार है। हालाँकि, इन द्विपक्षीय वार्ताओं के ठोस परिणामों की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं है, जो पारदर्शिता की दृष्टि से एक सवाल खड़ा करती है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नॉर्थ डकोटा में महात्मा गांधी की प्रतिमा कहाँ स्थापित की गई है?
यह प्रतिमा बिस्मार्क के डाउनटाउन इलाके में 400 ईस्ट फ्रंट एवेन्यू पर स्थित 'पीस पार्क' (शांति पार्क) में लगाई गई है। यह नॉर्थ डकोटा राज्य में गांधीजी की पहली आदमकद प्रतिमा है।
इस प्रतिमा की स्थापना किसने की?
यह प्रतिमा सिएटल स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की पहल पर, नॉर्थ डकोटा के भारतीय-अमेरिकी समुदाय और नॉर्थ डकोटा ट्रेड ऑफिस के तकनीकी सहयोग से स्थापित की गई है।
अनावरण समारोह में कौन-कौन शामिल हुए?
समारोह में नॉर्थ डकोटा की फर्स्ट लेडी क्येर्स्टी आर्मस्ट्रांग, राज्य के कृषि आयुक्त डग गोहरिंग, सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूत, बिस्मार्क पार्क्स एंड रिक्रिएशन डिस्ट्रिक्ट के अधिकारी और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
सिएटल वाणिज्य दूतावास क्षेत्र में गांधीजी से जुड़े कितने स्मारक हैं?
सिएटल वाणिज्य दूतावास के अधिकार क्षेत्र में यह गांधीजी से जुड़ा पाँचवाँ स्मारक है। यह प्रतिमा भारत और नॉर्थ डकोटा के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भारत और नॉर्थ डकोटा के बीच संबंध किस स्तर पर हैं?
2024 और 2026 में भारत के महावाणिज्य दूत नॉर्थ डकोटा की यात्रा कर चुके हैं और उन्होंने वहाँ के गवर्नर, बिस्मार्क के मेयर तथा कृषि, व्यापार और शिक्षा जगत के प्रमुख लोगों से बैठकें की हैं। यह प्रतिमा उन संबंधों को सांस्कृतिक और कूटनीतिक रूप से और मज़बूत करने का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
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