ईंधन संकट के लिए ईरान को दोषी ठहराना 'मूर्खता की निशानी': प्रवक्ता इस्माइल बाघेई का अमेरिका पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 22 सितंबर 2026 को अमेरिका पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराना 'मूर्खता की राह' का स्पष्ट लक्षण है। बाघेई के अनुसार, इस संकट की असली जड़ अमेरिका द्वारा शुरू किया गया युद्ध है, जिसके परिणामस्वरूप होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई।
बाघेई का मुख्य आरोप
बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'अमेरिकी अधिकारी ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, मानो लोगों की याददाश्त इतनी कमज़ोर हो कि वे भूल जाएं कि असल में हमले वाला युद्ध किसने शुरू किया था और किसके कदमों की वजह से ऐसा संकट पैदा हुआ, जिसके बाद होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ और कारोबारी जहाजों की आवाजाही में रुकावट आई।'
उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि जब गैरकानूनी युद्ध का आगाज़ करने वाला पक्ष ही उसके नतीजों के लिए पीड़ित देश को कटघरे में खड़ा करे, तो क्या इसे 'रणनीतिक समझदारी' कहा जाना चाहिए अथवा यह 'मूर्खतापूर्ण कदम' की साफ मिसाल है?
हिटलर से तुलना — ऐतिहासिक संदर्भ
बाघेई ने अपने बयान को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य देते हुए कहा कि यह कोई नई रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा, '1939 में हिटलर ने भी पोलैंड पर अपने आक्रमण को इसी तरह अपनी सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम बताने की कोशिश की थी।' यह तुलना ईरान की ओर से अमेरिकी रुख की कड़ी आलोचना का हिस्सा है।
यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट की बंदी के बाद वैश्विक तेल बाजार में अभूतपूर्व उथल-पुथल देखी जा रही है और कई देश ऊर्जा आपूर्ति के विकल्प तलाश रहे हैं।
वीज़ा विवाद — 'सच छिपाने की कोशिश'
बाघेई ने एक अन्य एक्स पोस्ट में वाशिंगटन पर ईरानी पत्रकारों और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा में जा रहे मीडिया दल को वीज़ा देने से इनकार करने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे 'सच को छिपाने' का प्रयास बताया।
बाघेई ने लिखा, 'अमेरिका ने उन पत्रकारों के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं जिन्हें वह पसंद नहीं करता, चाहे वे देश के हों या वे विदेशी रिपोर्टर जिनकी आवाज वह दबाना चाहता है, और इसमें ईरानी राष्ट्रपति की कम्युनिकेशन टीम भी शामिल है।'
होर्मुज संकट और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर असर
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। इसके बंद होने से वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं और आयात पर निर्भर देशों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ा है। ईरान का कहना है कि इस स्थिति के लिए अमेरिकी सैन्य कार्रवाई सीधे तौर पर जिम्मेदार है।
आगे की स्थिति
ईरान-अमेरिका के बीच यह वाकयुद्ध ऐसे वक्त तेज़ हुआ है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा का सत्र चल रहा है और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन की न्यूयॉर्क यात्रा को लेकर पहले से तनाव था। आने वाले दिनों में यह राजनयिक टकराव और गहरा हो सकता है।