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भारतीय एनडीसी प्रतिनिधिमंडल का रोमानिया दौरा शुरू, कैरोल नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में अहम बैठकें

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भारतीय एनडीसी प्रतिनिधिमंडल का रोमानिया दौरा शुरू, कैरोल नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में अहम बैठकें

सारांश

भारतीय एनडीसी का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुखारेस्ट पहुँचा — यह दौरा महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि 26 मई की जेसीडीसी बैठक, ₹1.2 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार और जयशंकर-तोइउ मुलाकात की कड़ी में भारत-रोमानिया रक्षा साझेदारी को संस्थागत रूप देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

मेजर जनरल एचएस बजाज, वीएसएम के नेतृत्व में 15 सदस्यीय एनडीसी प्रतिनिधिमंडल ने 9 जून 2026 को बुखारेस्ट में अध्ययन दौरा शुरू किया।
कैरोल नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में रणनीतिक योजना, भू-राजनीति और उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा हुई।
26 मई 2026 को नई दिल्ली में जेसीडीसी की दूसरी बैठक में साइबर रक्षा, सैन्य चिकित्सा, संयुक्त प्रशिक्षण और रक्षा उद्योग सहयोग को शामिल करते हुए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना को अंतिम रूप दिया गया।
भारत-रोमानिया द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 1.2 अरब डॉलर तक पहुँचा — पिछले वर्ष से 20% अधिक।
जयशंकर ने साइप्रस में रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना तोइउ से मुलाकात कर उच्च स्तरीय दौरों की उम्मीद जताई।

मेजर जनरल एचएस बजाज, वीएसएम के नेतृत्व में भारतीय नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी) के 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 9 जून 2026 को बुखारेस्ट स्थित कैरोल नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में महत्वपूर्ण बैठकों के साथ रोमानिया के अपने अध्ययन दौरे का आगाज़ किया। यह दौरा भारत-रोमानिया रक्षा संबंधों में बढ़ती गर्मजोशी की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

दौरे का उद्देश्य और मुख्य चर्चाएँ

बुखारेस्ट स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, कैरोल नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में हुई बैठकों में रणनीतिक योजना, भू-राजनीति और उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दूतावास ने कहा कि इन चर्चाओं ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की बढ़ती गहराई को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया।

जेसीडीसी की दूसरी बैठक और द्विपक्षीय योजना

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पिछले महीने 26 मई 2026 को नई दिल्ली में भारत और रोमानिया के बीच संयुक्त रक्षा सहयोग समिति (जेसीडीसी) की दूसरी बैठक सम्पन्न हुई थी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में दोनों पक्षों ने चल रहे रक्षा सहयोग की समीक्षा की और एक द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना को अंतिम रूप दिया।

इस योजना में साइबर रक्षा, सैन्य चिकित्सा सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और रक्षा उद्योग सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। बैठक की सह-अध्यक्षता अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के संयुक्त सचिव डॉ. अमित तेलंग और रोमानिया के रक्षा नीति, योजना एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इंजीनियर लिवियू-मिहाइल इयानकु ने की।

गौरतलब है कि रोमानिया के प्रतिनिधिमंडल प्रमुख ने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

व्यापार और कूटनीतिक संबंधों में उछाल

रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध भी प्रगाढ़ हो रहे हैं। भारतीय दूतावास के अनुसार, 2025 में भारत-रोमानिया द्विपक्षीय व्यापार 1.2 अरब डॉलर तक पहुँच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। नवीकरणीय ऊर्जा और उद्योग के क्षेत्रों में भी सहयोग विस्तार पर सहमति बनी है।

जयशंकर-तोइउ मुलाकात का संदर्भ

मई 2026 में साइप्रस में यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक (जिम्निच) के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना तोइउ से मुलाकात की थी। इस बैठक में रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और उद्योग में सहयोग पर चर्चा हुई और इस वर्ष आगे उच्च स्तरीय दौरों की उम्मीद जताई गई।

आगे की राह

यह अध्ययन दौरा भारत-रोमानिया के बीच संस्थागत रक्षा संपर्क को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक ठोस कदम है। जेसीडीसी ढाँचे के तहत हाल ही में अंतिम रूप दी गई द्विपक्षीय योजना और इस प्रकार के शैक्षणिक आदान-प्रदान मिलकर दोनों देशों के रक्षा संबंधों को और अधिक बहुआयामी बनाने का काम करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय और संदर्भ महत्वपूर्ण है — नाटो सदस्य रोमानिया के साथ संस्थागत रक्षा ढाँचा बनाना भारत की यूरोपीय सुरक्षा साझेदारियों को विविध करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। साइबर रक्षा और रक्षा उद्योग सहयोग को योजना में शामिल करना बताता है कि यह संबंध अब पारंपरिक सैन्य प्रशिक्षण से आगे बढ़ रहा है। हालाँकि, द्विपक्षीय व्यापार में 20% वृद्धि प्रभावशाली है, फिर भी 1.2 अरब डॉलर का आँकड़ा भारत के प्रमुख यूरोपीय भागीदारों की तुलना में अभी भी सीमित है — असली परीक्षा इस ढाँचे के क्रियान्वयन में होगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय एनडीसी प्रतिनिधिमंडल का रोमानिया दौरा क्या है?
यह मेजर जनरल एचएस बजाज, वीएसएम के नेतृत्व में 15 सदस्यीय भारतीय नेशनल डिफेंस कॉलेज का अध्ययन दौरा है, जो 9 जून 2026 को बुखारेस्ट स्थित कैरोल नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ। इसमें रणनीतिक योजना, भू-राजनीति और उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की गई।
भारत-रोमानिया जेसीडीसी बैठक में क्या तय हुआ?
26 मई 2026 को नई दिल्ली में हुई जेसीडीसी की दूसरी बैठक में दोनों देशों ने एक द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना को अंतिम रूप दिया। इसमें साइबर रक्षा, सैन्य चिकित्सा सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और रक्षा उद्योग सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
भारत और रोमानिया के बीच व्यापार की स्थिति क्या है?
भारतीय दूतावास के अनुसार, 2025 में भारत-रोमानिया द्विपक्षीय व्यापार 1.2 अरब डॉलर तक पहुँचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। रक्षा के अलावा नवीकरणीय ऊर्जा और उद्योग क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
जयशंकर और रोमानिया की विदेश मंत्री की मुलाकात कहाँ हुई?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मई 2026 में साइप्रस में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक (जिम्निच) के दौरान रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना तोइउ से मुलाकात की। इस बैठक में रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और उद्योग सहयोग पर चर्चा हुई।
भारत-रोमानिया रक्षा सहयोग में कौन-से क्षेत्र प्राथमिकता में हैं?
द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना में साइबर रक्षा , सैन्य चिकित्सा , संयुक्त प्रशिक्षण , क्षमता निर्माण और रक्षा उद्योग सहयोग को प्राथमिकता दी गई है। यह योजना पारंपरिक सैन्य सहयोग से आगे बढ़कर तकनीकी और औद्योगिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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