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दक्षिण कोरिया में भारतीय NDC प्रतिनिधिमंडल का स्वागत, मेजर जनरल APS बाल के नेतृत्व में रक्षा संस्थानों का दौरा

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दक्षिण कोरिया में भारतीय NDC प्रतिनिधिमंडल का स्वागत, मेजर जनरल APS बाल के नेतृत्व में रक्षा संस्थानों का दौरा

सारांश

भारत के NDC का ट्राईसर्विस दल सोल में दक्षिण कोरिया के रक्षा संस्थानों का दौरा कर रहा है — यह उस व्यापक द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की कड़ी है जिसे अप्रैल 2026 की शिखर बैठक और KIND-X जैसे नवाचार मंचों ने नई दिशा दी है।

मुख्य बातें

मेजर जनरल एपीएस बाल के नेतृत्व में NDC का ट्राईसर्विस प्रतिनिधिमंडल 9 जून को सोल पहुँचा; भारतीय दूतावास ने स्वागत किया।
प्रतिनिधिमंडल में ब्राजील, इंडोनेशिया, मालदीव, अमेरिका और ब्रिटेन के अधिकारी भी शामिल हैं।
दल दक्षिण कोरिया के सरकारी संस्थानों, सैन्य संगठनों, रक्षा उद्योगों और सांस्कृतिक स्थलों का दौरा करेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही DAPA मंत्री ली योंग-चुल से मिलकर संयुक्त रक्षा उत्पादन पर सहमति बना चुके हैं।
दोनों देशों ने 2026-2030 के लिए संयुक्त रणनीतिक दृष्टि और KIND-X रक्षा नवाचार मंच शुरू करने की घोषणा की है।

भारत के नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) का एक ट्राईसर्विस प्रतिनिधिमंडल स्ट्रेटेजिक ओरिएंटेशन दौरे के तहत दक्षिण कोरिया के सैन्य संस्थानों, सरकारी संगठनों और रक्षा उद्योगों का दौरा कर रहा है। मंगलवार, 9 जून को सोल स्थित भारतीय दूतावास ने मेजर जनरल एपीएस बाल के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल का औपचारिक स्वागत किया। इस दल में भारत के अतिरिक्त ब्राजील, इंडोनेशिया, मालदीव, अमेरिका और ब्रिटेन के अधिकारी भी सम्मिलित हैं।

दौरे का उद्देश्य और कार्यक्रम

सोल स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल दक्षिण कोरिया के महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों, सैन्य संगठनों, रक्षा उद्योगों और सांस्कृतिक विरासत स्थलों का दौरा करेगा। यह दौरा रणनीतिक अध्ययन के व्यापक ढाँचे का हिस्सा है, जिसके तहत NDC के प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों में जाकर वहाँ की रक्षा व्यवस्था और सामरिक परिदृश्य का प्रत्यक्ष अध्ययन करते हैं।

भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा सहयोग की पृष्ठभूमि

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध नई ऊँचाइयों पर हैं। पिछले महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सियोल में दक्षिण कोरिया की डिफेंस एक्विजिशन प्रोग्राम एडमिनिस्ट्रेशन (DAPA) के मंत्री ली योंग-चुल से मुलाकात की थी। उस बैठक में दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास, उत्पादन और निर्यात के नए अवसर तलाशने पर सहमति जताई थी।

गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग भारत के राजकीय दौरे पर आए थे। 20 अप्रैल को हुई शिखर बैठक में दोनों नेताओं ने 2026 से 2030 तक के लिए भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देने की संयुक्त रणनीतिक दृष्टि की घोषणा की।

KIND-X और रक्षा उद्योग सहयोग

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा उद्योगों में द्विपक्षीय सहयोग के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए 2020 में हस्ताक्षरित 'रक्षा उद्योग सहयोग रोडमैप' संबंधी समझौता ज्ञापन (MoU) को पुनः सक्रिय करने पर बल दिया। इसके साथ ही दोनों देशों ने मिलकर 'कोरिया-इंडिया डिफेंस एक्सेलेरेटर' (KIND-X) नामक नवाचार मंच शुरू करने का निर्णय लिया, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के व्यवसायों, इनक्यूबेटरों, निवेशकों, रक्षा स्टार्टअप्स और विश्वविद्यालयों को एक साथ जोड़ना है।

आगे की राह

NDC प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा भारत-दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य-रणनीतिक जुड़ाव का व्यावहारिक प्रतिबिंब है। दोनों देशों के नेताओं ने तेज़ी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों में आपसी सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। आने वाले महीनों में KIND-X मंच के परिचालन और रक्षा उद्योग रोडमैप के क्रियान्वयन पर दोनों देशों की नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सह-उत्पादक के रूप में देख रहा है। हालाँकि, ऐसे द्विपक्षीय मंचों की घोषणाएँ अक्सर क्रियान्वयन में पिछड़ जाती हैं — असली कसौटी यह होगी कि KIND-X कितनी जल्दी ठोस रक्षा परियोजनाओं में तब्दील होता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का NDC प्रतिनिधिमंडल दक्षिण कोरिया में क्यों गया है?
यह प्रतिनिधिमंडल स्ट्रेटेजिक ओरिएंटेशन दौरे के तहत दक्षिण कोरिया के सैन्य संस्थानों, सरकारी संगठनों, रक्षा उद्योगों और सांस्कृतिक विरासत स्थलों का अध्ययन करने गया है। इसका उद्देश्य NDC के अधिकारियों को वैश्विक रक्षा व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अनुभव देना है।
NDC प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कौन कर रहा है और इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं?
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेजर जनरल एपीएस बाल कर रहे हैं। इसमें भारत के अलावा ब्राजील, इंडोनेशिया, मालदीव, अमेरिका और ब्रिटेन के अधिकारी भी शामिल हैं।
KIND-X क्या है और यह भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
'कोरिया-इंडिया डिफेंस एक्सेलेरेटर' (KIND-X) एक नवाचार मंच है जिसे दोनों देशों ने संयुक्त रूप से शुरू करने का निर्णय लिया है। इसका लक्ष्य दोनों देशों के रक्षा स्टार्टअप्स, व्यवसायों, निवेशकों, इनक्यूबेटरों और विश्वविद्यालयों को एक साथ जोड़ना है।
भारत और दक्षिण कोरिया की रणनीतिक साझेदारी कब तक के लिए है?
दोनों देशों ने 20 अप्रैल 2026 की शिखर बैठक में 2026 से 2030 तक के लिए संयुक्त रणनीतिक दृष्टि की घोषणा की। इसके तहत विशेष रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देने और रक्षा उद्योग सहयोग को गहरा करने का लक्ष्य है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दक्षिण कोरिया यात्रा में क्या हुआ था?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सियोल में DAPA मंत्री ली योंग-चुल से मुलाकात की, जिसमें दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास, उत्पादन और निर्यात के नए अवसर बनाने पर सहमति जताई। साथ ही 2020 के रक्षा उद्योग सहयोग रोडमैप MoU को पुनः सक्रिय करने पर भी जोर दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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