दक्षिण कोरिया में भारतीय NDC प्रतिनिधिमंडल का स्वागत, मेजर जनरल APS बाल के नेतृत्व में रक्षा संस्थानों का दौरा
सारांश
मुख्य बातें
भारत के नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) का एक ट्राईसर्विस प्रतिनिधिमंडल स्ट्रेटेजिक ओरिएंटेशन दौरे के तहत दक्षिण कोरिया के सैन्य संस्थानों, सरकारी संगठनों और रक्षा उद्योगों का दौरा कर रहा है। मंगलवार, 9 जून को सोल स्थित भारतीय दूतावास ने मेजर जनरल एपीएस बाल के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल का औपचारिक स्वागत किया। इस दल में भारत के अतिरिक्त ब्राजील, इंडोनेशिया, मालदीव, अमेरिका और ब्रिटेन के अधिकारी भी सम्मिलित हैं।
दौरे का उद्देश्य और कार्यक्रम
सोल स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल दक्षिण कोरिया के महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों, सैन्य संगठनों, रक्षा उद्योगों और सांस्कृतिक विरासत स्थलों का दौरा करेगा। यह दौरा रणनीतिक अध्ययन के व्यापक ढाँचे का हिस्सा है, जिसके तहत NDC के प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों में जाकर वहाँ की रक्षा व्यवस्था और सामरिक परिदृश्य का प्रत्यक्ष अध्ययन करते हैं।
भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा सहयोग की पृष्ठभूमि
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध नई ऊँचाइयों पर हैं। पिछले महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सियोल में दक्षिण कोरिया की डिफेंस एक्विजिशन प्रोग्राम एडमिनिस्ट्रेशन (DAPA) के मंत्री ली योंग-चुल से मुलाकात की थी। उस बैठक में दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास, उत्पादन और निर्यात के नए अवसर तलाशने पर सहमति जताई थी।
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग भारत के राजकीय दौरे पर आए थे। 20 अप्रैल को हुई शिखर बैठक में दोनों नेताओं ने 2026 से 2030 तक के लिए भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देने की संयुक्त रणनीतिक दृष्टि की घोषणा की।
KIND-X और रक्षा उद्योग सहयोग
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा उद्योगों में द्विपक्षीय सहयोग के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए 2020 में हस्ताक्षरित 'रक्षा उद्योग सहयोग रोडमैप' संबंधी समझौता ज्ञापन (MoU) को पुनः सक्रिय करने पर बल दिया। इसके साथ ही दोनों देशों ने मिलकर 'कोरिया-इंडिया डिफेंस एक्सेलेरेटर' (KIND-X) नामक नवाचार मंच शुरू करने का निर्णय लिया, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के व्यवसायों, इनक्यूबेटरों, निवेशकों, रक्षा स्टार्टअप्स और विश्वविद्यालयों को एक साथ जोड़ना है।
आगे की राह
NDC प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा भारत-दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य-रणनीतिक जुड़ाव का व्यावहारिक प्रतिबिंब है। दोनों देशों के नेताओं ने तेज़ी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों में आपसी सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। आने वाले महीनों में KIND-X मंच के परिचालन और रक्षा उद्योग रोडमैप के क्रियान्वयन पर दोनों देशों की नजर रहेगी।