1 अगस्त 2026
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ईरान ने जंग जीत ली, अब स्थिरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती: स्पीकर गालिबाफ

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ईरान ने जंग जीत ली, अब स्थिरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती: स्पीकर गालिबाफ

सारांश

ईरानी संसद अध्यक्ष गालिबाफ का 'जंग जीत ली' वाला दावा महज़ आत्मविश्वास नहीं — यह घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति दोनों के लिए एक रणनीतिक संदेश है। केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले और होर्मुज बंद करने की धमकी के बीच ईरान का यह रुख वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों के लिए गंभीर चेतावनी है।

मुख्य बातें

ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने 1 अगस्त 2026 को दावा किया कि ईरान यह युद्ध जीत चुका है।
गालिबाफ ने केशम द्वीप , मिनाब और लामेर्द पर अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए 'कीमत चुकाने' की चेतावनी दी।
अमेरिका ने गुरुवार को बुशेहर , फार्स , खुजेस्तान और केशम द्वीप पर मिसाइल हमले किए।
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिव जोलकद्र ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सहित अन्य समुद्री मार्ग बंद करने की चेतावनी दी।
जोलकद्र ने अमेरिका की कथित गैर-कानूनी नौसैनिक नाकेबंदी की आलोचना की।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने 1 अगस्त 2026 को दावा किया कि ईरान यह युद्ध जीत चुका है, और अब सबसे बड़ी चुनौती इस जीत को दीर्घकालिक स्थिरता में बदलना तथा देश को और अधिक सशक्त बनाना है। संघर्ष विराम वार्ता में शीर्ष भूमिका निभा रहे गालिबाफ ने ईरानी संसद समन्वय परिषद की बैठक में यह टिप्पणी की।

मुख्य घटनाक्रम

अर्ध-आधिकारिक तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्टों के अनुसार, गालिबाफ ने परिषद को संबोधित करते हुए कहा, 'हमें शक्तिशाली ईरान बनाना है और इसकी शुरुआत सुप्रीम लीडर के अधिकार और फैसले लेने की ताकत को और मजबूत करने से होगी। देश को बेहतर भविष्य की उम्मीद करनी होगी और इसके साथ ही आगे बढ़ना चाहिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब गुरुवार को अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के कई इलाकों पर मिसाइल हमले किए।

अमेरिकी हमलों की निंदा

गालिबाफ ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट के ज़रिए केशम द्वीप पर आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे मिनाब और लामेर्द में किए गए अमेरिकी हमलों की ही अगली कड़ी बताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'अमेरिका हर दिन एक नए अपराध में शामिल हो रहा है — उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।' अमेरिकी हमलों में बुशेहर, फार्स और खुजेस्तान प्रांतों के कुछ इलाके भी प्रभावित हुए।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी

ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बाकर जोलकद्र ने भी अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने अपना रवैया नहीं बदला तो इसके परिणामस्वरूप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को और अधिक बंद किया जा सकता है, और अन्य महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग (चोकपॉइंट्स) भी प्रभावित हो सकते हैं। जोलकद्र ने अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई कथित गैर-कानूनी नौसैनिक नाकेबंदी की भी आलोचना की।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे समय में हो रही है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का लगभग 20% तेल व्यापार गुज़रता है, ऐसे में इसे बंद करने की धमकी वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों के लिए गंभीर संकेत है। ईरान की ओर से 'जीत' का यह दावा कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

आगे क्या

दोनों पक्षों की ओर से बढ़ती जवाबी बयानबाज़ी के बीच क्षेत्रीय स्थिरता पर सवालिया निशान लगा हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान की धमकी वार्ता की मेज़ पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और संभावित कूटनीतिक पहलें इस संकट की दिशा तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है — यह घरेलू जनमत को साधने और वार्ता में मोलभाव की स्थिति मज़बूत करने की रणनीति भी हो सकती है। होर्मुज बंद करने की धमकी नई नहीं है; ईरान यह पत्ता पहले भी खेल चुका है, लेकिन इस बार अमेरिकी मिसाइल हमलों की पृष्ठभूमि में यह धमकी अधिक गंभीर संदर्भ में आई है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुज़रने वाला तेल केवल पश्चिम को नहीं, बल्कि भारत, चीन और जापान जैसे एशियाई देशों को भी प्रभावित करता है — जिससे यह संकट वास्तव में वैश्विक आयाम ले लेता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गालिबाफ ने 'जंग जीत ली' का दावा कब और कहाँ किया?
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने 1 अगस्त 2026 को ईरानी संसद समन्वय परिषद की बैठक में यह दावा किया। तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि अब सबसे बड़ी चुनौती इस जीत को दीर्घकालिक स्थिरता में बदलना है।
अमेरिका ने ईरान के किन इलाकों पर हमला किया?
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका ने गुरुवार को दक्षिणी ईरान में केशम द्वीप, बुशेहर, फार्स और खुजेस्तान प्रांतों के कुछ इलाकों पर मिसाइल हमले किए। गालिबाफ ने केशम द्वीप पर नागरिक घरों को निशाना बनाए जाने की विशेष रूप से निंदा की।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने की धमकी का क्या मतलब है?
ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव जोलकद्र ने चेतावनी दी कि अमेरिका का रवैया न बदला तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को और अधिक बंद किया जा सकता है। इस जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल व्यापार गुज़रता है, जिससे इसके बंद होने का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी पर क्या कहा?
जोलकद्र ने अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी को 'गैर-कानूनी' बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे ईरान की संप्रभुता के विरुद्ध कार्रवाई करार दिया।
गालिबाफ ने सुप्रीम लीडर के अधिकार को मजबूत करने की बात क्यों कही?
गालिबाफ ने परिषद को बताया कि एक शक्तिशाली ईरान के निर्माण की शुरुआत सुप्रीम लीडर के अधिकार और निर्णय लेने की शक्ति को सुदृढ़ करने से होगी। यह बयान ईरान की आंतरिक राजनीतिक एकता को बनाए रखने और बाहरी दबाव के बीच नेतृत्व को केंद्रीय बनाए रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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