ईरान फिर युद्ध हुआ तो पूरी ताकत लगाएगा: इब्राहिम अजीजी की खुली चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने 6 नवंबर 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि संघर्ष फिर से भड़का, तो ईरान अपनी समस्त आक्रामक और रक्षात्मक क्षमताओं का उपयोग करने में कोई संकोच नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल और देश की संपूर्ण रक्षा प्रणाली दुश्मन की किसी भी कार्रवाई या अप्रत्याशित कदम का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह सज्ज हैं।
नई रणनीति: प्रतिरोध से समझौता नहीं
अजीजी के अनुसार, ईरान की नई सैन्य रणनीति प्रतिरोधक क्षमता (डिटरेंस) पर टिकी है, जिसका मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुश्मन को किसी भी आक्रामक कदम की भारी कीमत चुकानी पड़े। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर के निर्देशों के अनुरूप अब शत्रु का सामना करने में किसी भी प्रकार की रोक या झिझक नहीं बरती जाएगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं और अमेरिकी नेतृत्व की ओर से ईरान के प्रति कड़े संदेश दिए जा रहे हैं।
40 दिन के युद्ध के बाद नई सैन्य क्षमताएँ
अजीजी ने बताया कि 40 दिन के युद्ध के बाद ईरान ने आधुनिक सैन्य उपकरणों, सुविधाओं तथा आक्रामक एवं रक्षात्मक हथियारों के उत्पादन में कई नई और विशेष क्षमताएँ अर्जित की हैं। उनके अनुसार, देश ने अपनी सैन्य तैयारी और रक्षा क्षमता को और मज़बूत किया है, ताकि किसी भी संभावित चुनौती का त्वरित और प्रभावी जवाब दिया जा सके।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ईरानी नेतृत्व ने ऐसी क्षमताओं का सार्वजनिक प्रदर्शन किया हो — पिछले कई वर्षों में तेहरान ने बार-बार अपनी मिसाइल और ड्रोन तकनीक के उन्नयन का दावा किया है।
ट्रंप का बयान और अमेरिकी दबाव
अजीजी का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत देने के तुरंत बाद आया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'अगर संभव हो तो मैं बाकी देश को बर्बाद नहीं करना चाहूंगा, लेकिन शायद मुझे ऐसा करना पड़े। आपको जल्द ही पता चल जाएगा।' हालाँकि, उन्होंने किसी नई कार्रवाई की समय-सीमा या लक्ष्य का उल्लेख नहीं किया।
इसी बीच, अमेरिकी हाउस के वरिष्ठ डेमोक्रेट्स ने युद्ध समाप्त करने के पक्ष में मतदान की योजना बनाई है और इस संघर्ष के उद्देश्यों तथा इसमें होने वाले खर्च को लेकर सरकार से जवाब माँगा है।
आम जनता और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की इस कड़ी चेतावनी और अमेरिकी राष्ट्रपति के अस्पष्ट बयान के बीच मध्य-पूर्व में अनिश्चितता का माहौल और गहरा हो सकता है। कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर इसके असर की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार भी सतर्क हैं।
आगे के घटनाक्रम पर सभी की नज़र बनी रहेगी, क्योंकि दोनों पक्षों के बयान अभी तक राजनयिक दरवाज़े पूरी तरह बंद नहीं करते, लेकिन सैन्य तैयारी के संकेत भी नज़रअंदाज़ करने योग्य नहीं हैं।