ईरान पर लगातार साइबर हमले जारी, ICT मंत्री हशमी बोले — 'चौबीसों घंटे मुकाबला कर रहे हैं'
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंत्री सत्तार हशमी ने रविवार, 16 अगस्त को स्वीकार किया कि हालिया क्षेत्रीय संघर्ष के बीच ईरान पर निरंतर साइबर हमले हो रहे हैं और देश के विशेषज्ञ इनसे निपटने के लिए अनवरत काम कर रहे हैं। ईरानी आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, हशमी ने कहा कि देश के युवाओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने इन हमलों को 'भलीभांति और सुरक्षित तरीके से' संभाला है।
मंत्री का बयान: 'जंग जैसे हालात'
हशमी ने कहा, 'हम जंग जैसे हालात से जूझ रहे हैं, हम पर लगातार साइबर अटैक हो रहे हैं, लेकिन हमारे साथी साइबर अटैक का मुकाबला करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। हमारे युवाओं और प्रबुद्ध लोगों ने इन हमलों को भलीभांति और सुरक्षित तरीके से मैनेज किया है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि समय के साथ हमलों के तरीके बदलते रहते हैं, लेकिन पहले के अनुभव ने देश को इनसे निपटने में सक्षम बनाया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान वार्ता
साइबर मोर्चे के अलावा, शनिवार को ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के लिए एक 'शिपिंग मैप' पर सहमत हुए, हालाँकि अभी कुछ तकनीकी पक्षों पर बातचीत जारी है और दोनों देश किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुँचे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बताया कि पिछले तीन हफ्तों में वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ी है।
संयुक्त बयान की शब्दावली पर मंथन
बाघेई ने कहा, 'अभी भी कुछ मामलों पर चर्चा जारी है, खासकर ईरान और ओमान द्वारा जारी किए जाने वाले जॉइंट स्टेटमेंट को लेकर बातचीत चल रही है। जब भी इस पर फैसला लिया जाएगा, सबको पता चल जाएगा।' गौरतलब है कि इस वार्ता में अमेरिका शामिल नहीं था और दोनों तटीय देशों ने अलग-अलग द्विपक्षीय स्तर पर बातचीत की।
प्रस्तावित ढाँचे की सीमाएँ
प्रस्तावित फ्रेमवर्क का उद्देश्य दोनों देशों की संप्रभुता और अधिकारों को बनाए रखते हुए जहाजों का सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना है। हालाँकि, ईरानी प्रवक्ता ने टोल वसूलने और सुरक्षा प्रदान करने से जुड़े पहलुओं पर अभी कोई स्पष्टता नहीं दी है। अधिकारियों के अनुसार, रूट पर सहमति का यह अर्थ नहीं है कि जलडमरूमध्य तत्काल सामान्य व्यावसायिक यातायात के लिए खुल जाएगा।
आगे क्या होगा
शेष तकनीकी पक्षों पर बातचीत आने वाले समय में जारी रहेगी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य की रणनीतिक अहमियत को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बनी हुई है। साइबर सुरक्षा और समुद्री मार्ग — दोनों मोर्चों पर ईरान की स्थिति आने वाले हफ्तों में और स्पष्ट होगी।