1 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली पुलिस ने क्रिप्टो-टेलीग्राम धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया, ऊधम सिंह नगर से तीन गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली पुलिस ने क्रिप्टो-टेलीग्राम धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया, ऊधम सिंह नगर से तीन गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली साइबर पुलिस ने टेलीग्राम और क्रिप्टोकरेंसी की आड़ में ₹7,86,300 की ठगी करने वाले अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया; ऊधम सिंह नगर से तीन आरोपी गिरफ्तार।

मुख्य बातें

दिल्ली साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने 1 अक्टूबर 2026 को अंतर-राज्यीय क्रिप्टो-टेलीग्राम धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
पीड़ित से टेलीग्राम ग्रुप के ज़रिए ₹7,86,300 की ठगी — दो किश्तों में ( ₹4,66,300 और ₹3,20,000 )।
आरोपी करण बिस्वास , मोहित सरकार उर्फ मोनू और विनय मंडल को ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया।
जाँच में 'म्यूल' बैंक खातों में ₹4.66 लाख और ₹5.22 लाख की संदिग्ध रकम का पता चला।
आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन , एक बैंक पासबुक और डिजिटल साक्ष्य बरामद।
बीएनएस धारा 318(4), 319 और 340 के तहत ई-एफआईआर नंबर 0149/2025 दर्ज; जाँच जारी।

दिल्ली के साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस स्टेशन ने 1 अक्टूबर 2026 को एक अंतर-राज्यीय साइबर-फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह टेलीग्राम-आधारित ऑनलाइन टास्क और क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करता था। एक पीड़ित से कथित तौर पर ₹7,86,300 की धोखाधड़ी के बाद यह मामला सामने आया।

मामला कैसे सामने आया

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता एक टेलीग्राम ग्रुप के ज़रिए इन ठगों के संपर्क में आया, जहाँ उसे आकर्षक रिटर्न का वादा करके ऑनलाइन टास्क और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के लिए उकसाया गया। पीड़ित ने आरोपियों के निर्देश पर ₹4,66,300 और ₹3,20,000 की दो अलग-अलग किश्तों में कुल ₹7,86,300 ट्रांसफर किए।

रकम मिलने के बाद आरोपियों ने न तो वादा किया गया रिटर्न दिया और न ही मूलधन लौटाया — और बाद में शिकायतकर्ता को जवाब देना पूरी तरह बंद कर दिया। शिकायत दर्ज होने पर साइबर साउथ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319 और 340 के तहत ई-एफआईआर नंबर 0149/2025 दर्ज की गई।

जाँच और गिरफ्तारी

पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण के ज़रिए धोखाधड़ी की रकम के लेन-देन का पता लगाया। जाँच में कई 'म्यूल' बैंक खातों की पहचान हुई, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया गया था। एक म्यूल खाते में ₹4.66 लाख और दूसरे में ₹5.22 लाख की रकम का पता चला।

इसी आधार पर आरोपी करण बिस्वास और मोहित सरकार उर्फ मोनू को ऊधम सिंह नगर से गिरफ्तार किया गया। आगे की जाँच में विनय मंडल की औपचारिक गिरफ्तारी हुई, जो पहले से हरियाणा के रोहतक में एक अन्य साइबर धोखाधड़ी मामले में हिरासत में था। उसे बाद में तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया।

गिरोह का तरीकाकार

पुलिस के अनुसार, आरोपी पीड़ितों को लुभाने के लिए टेलीग्राम-आधारित टास्क और क्रिप्टोकरेंसी निवेश योजनाएँ चलाते थे। आरोप है कि बिचौलियों के ज़रिए कमीशन पर 'म्यूल बैंक अकाउंट' का इंतजाम किया गया, और इन्हें धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करने, आगे भेजने और नकद निकालने के लिए इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि रकम का एक हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन में भी लगाया गया।

बरामदगी और साक्ष्य

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, एक बैंक पासबुक और अन्य ज़रूरी डिजिटल व वित्तीय साक्ष्य बरामद किए हैं। गौरतलब है कि यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि किस तरह साइबर अपराधी टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का उपयोग करके पीड़ितों तक पहुँचते हैं और 'म्यूल' खातों के जाल से रकम को छुपाते हैं।

आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, मामले की जाँच जारी है और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है। यह मामला दिल्ली पुलिस की बढ़ती साइबर-क्राइम विरोधी मुहिम का हिस्सा है, जिसमें अंतर-राज्यीय नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अज्ञात टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से आए किसी भी 'हाई-रिटर्न' निवेश प्रस्ताव से सावधान रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि ये लोग 'म्यूल' मध्यस्थ थे या गिरोह के मुखिया — क्योंकि ज़्यादातर ऐसे मामलों में ऑपरेटर्स की असली पहचान अज्ञात रहती है। जब तक क्रिप्टो ट्रेल और टेलीग्राम ग्रुप के प्रबंधकों तक जाँच नहीं पहुँचती, यह गिरफ्तारी आइसबर्ग की नोक ही साबित हो सकती है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने किस धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया?
दिल्ली साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो टेलीग्राम के ज़रिए ऑनलाइन टास्क और क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करता था। एक पीड़ित से ₹7,86,300 की धोखाधड़ी के बाद उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर से तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार तीन आरोपियों के नाम करण बिस्वास, मोहित सरकार उर्फ मोनू और विनय मंडल हैं। विनय मंडल पहले से हरियाणा के रोहतक में एक अन्य साइबर धोखाधड़ी मामले में हिरासत में था, और उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया।
टेलीग्राम-क्रिप्टो ठगी का तरीका क्या होता है?
ठग पहले पीड़ित को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ते हैं, फिर ऑनलाइन टास्क पूरे करने और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर आकर्षक रिटर्न का वादा करते हैं। एक बार पैसे ट्रांसफर होने के बाद वे 'म्यूल' बैंक खातों के जरिए रकम इधर-उधर करते हैं और पीड़ित से संपर्क बंद कर देते हैं।
'म्यूल बैंक अकाउंट' क्या होता है?
'म्यूल बैंक अकाउंट' वे खाते होते हैं जो बिचौलियों के ज़रिए कमीशन पर खोले या उपयोग किए जाते हैं, ताकि ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सके और असली ठगों तक पहुँचना मुश्किल हो। इस मामले में पुलिस को एक खाते में ₹4.66 लाख और दूसरे में ₹5.22 लाख की संदिग्ध रकम मिली।
इस धोखाधड़ी से कैसे बचें?
किसी भी अज्ञात टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से आए 'हाई-रिटर्न' निवेश प्रस्ताव से सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति या प्लेटफॉर्म पर पैसे ट्रांसफर न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नज़दीकी साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाएं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले