कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में कड़ा प्रसाद, इजरायली महिलाएँ रो पड़ीं — शेफ रीना पुष्कर्णा ने सुनाई पूरी कहानी
सारांश
मुख्य बातें
तेल अवीव की प्रसिद्ध तंदूरी रेस्त्रां संचालिका और सेलिब्रिटी शेफ रीना पुष्कर्णा — जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने रेस्त्रां में भोजन करा चुकी हैं — ने बताया कि किस तरह उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में इजरायली नागरिकों को कड़ा प्रसाद परोसा और उस अनुभव ने वहाँ मौजूद कई महिलाओं को आँसुओं तक पहुँचा दिया। यह भावुक घटना उस वीरता के प्रति कृतज्ञता की अभिव्यक्ति थी, जो कैप्टन मच्छार ने 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को क्रैश होने से बचाकर दिखाई थी।
कैप्टन मच्छार की वीरता और इजरायली कृतज्ञता
30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई उड़ान में को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला कर दिया। घायल अवस्था में भी मच्छार ने विमान को नियंत्रित कर बड़ी संख्या में इजरायली नागरिकों की जान बचाई। इस असाधारण साहस के बाद इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान 'प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज़्म' से नवाज़ने की घोषणा की।
रीना पुष्कर्णा ने बताया कि इस घटना के बाद इजरायली नागरिक जब भी किसी भारतीय को रास्ते में देखते, तो कैप्टन का नाम लेकर 'थैंक्यू-थैंक्यू' कहते थे। उनके शब्दों में, 'वे सोच भी नहीं सकते थे कि कोई हिंदुस्तानी उनके लिए इतना कुछ कर सकता है।'
कड़ा प्रसाद का भावुक अर्थ
इसी कृतज्ञता की भावना को आकार देने के लिए रीना ने फैसला किया कि वे कैप्टन मच्छार की ओर से इजरायलियों को कड़ा प्रसाद परोसेंगी — भारत के धार्मिक स्थलों पर चढ़ाया जाने वाला पारंपरिक प्रसाद। उन्होंने बताया, 'मैंने सोचा कि मैं उनकी तरफ से कोई डिश बनाती हूँ और हम इजरायलियों को थैंक्यू बोलते हैं।'
जब यह प्रसाद इजरायली नागरिकों को दिया गया, तो वहाँ मौजूद कई महिलाएँ रो पड़ीं। उन्होंने रीना से पूछा कि क्या यह प्रसाद सच में भारत के धार्मिक स्थलों पर दिया जाता है और क्या वे वाकई उन्हें कैप्टन मच्छार की ओर से यह भेंट दे रही हैं।
सारा नेतन्याहू का फोन कॉल और मेजबानी का वादा
रीना पुष्कर्णा ने एक और महत्त्वपूर्ण खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनके पास इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पत्नी सारा नेतन्याहू का फोन कॉल आया, जिसमें उन्हें बताया गया कि कैप्टन मच्छार जल्द ही इजरायल आएंगे और उन्हें यहाँ सम्मानित किया जाएगा।
सारा ने उनसे वादा लिया कि चूंकि कैप्टन मच्छार शाकाहारी हैं, इसलिए उनकी मेहमाननवाज़ी की पूरी ज़िम्मेदारी रीना और उनकी टीम संभालेगी। रीना ने हँसते हुए कहा, 'इस मौके पर उनको मैं कड़ा प्रसाद भी दूंगी और यह इजरायली नागरिकों की ओर से उन्हें भेंट होगा।'
रीना पुष्कर्णा और भारत-इजरायल सांस्कृतिक सेतु
रीना पुष्कर्णा तेल अवीव में एक तंदूरी रेस्त्रां चलाती हैं और भारत-इजरायल के बीच पाक-कला के सांस्कृतिक सेतु के रूप में जानी जाती हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपने रेस्त्रां में भोजन करा चुकी हैं।
गौरतलब है कि कैप्टन मच्छार की वीरता की यह कहानी महज़ एक उड़ान को बचाने की कहानी नहीं है — यह उस मानवीय बंधन की मिसाल है जो दो देशों के नागरिकों के बीच संकट की घड़ी में गहरी हो जाती है। कड़ा प्रसाद का यह प्रसंग उसी बंधन की स्वाभाविक अभिव्यक्ति बन गया। अब जब कैप्टन मच्छार इजरायल में सम्मान लेने आएंगे, तो इस भावनात्मक अध्याय का एक नया पन्ना खुलेगा।