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लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बहरीन-कुवैत हमलों को बताया 'संप्रभुता का खुला उल्लंघन'

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लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बहरीन-कुवैत हमलों को बताया 'संप्रभुता का खुला उल्लंघन'

सारांश

अमेरिका-ईरान टकराव अब होर्मुज की सीमाएँ पार कर बहरीन और कुवैत तक पहुँच गया है। आईआरजीसी ने आठ अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले का दावा किया है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इसे संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की माँग की।

मुख्य बातें

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बहरीन और कुवैत पर हुए हमलों को 'उकसावे वाली कार्रवाइयाँ' और संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने रविवार सुबह 2:00–3:00 बजे के बीच आठ अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया।
निशाने पर कुवैत का अली अल सालेम एयरबेस और बहरीन के सलमान पोर्ट पर स्थित अमेरिकी पाँचवें बेड़े का मुख्यालय शामिल थे।
आईआरजीसी ने इसे ईरान की पाँच तटीय चौकियों पर कथित अमेरिकी हमले का जवाब बताया।
राष्ट्रपति आउन ने अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन के समर्थकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई की माँग की।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बहरीन और कुवैत पर हुए मिसाइल व ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें 'उकसावे वाली कार्रवाइयाँ' करार दिया है, जो इन देशों की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं। बेरूत से जारी राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, यह हमले क्षेत्र में युद्ध रोकने और तनाव घटाने की कोशिशों को कमज़ोर करने का प्रयास हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-ईरान संघर्ष होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे बढ़कर खाड़ी देशों की सीमाओं तक पहुँच चुका है।

राष्ट्रपति आउन का बयान और एकजुटता

राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा कि ये हमले 'क्षेत्र की सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए सीधा खतरा' हैं। उन्होंने बहरीन और कुवैत के साथ लेबनान की 'पूर्ण एकजुटता' व्यक्त की। राष्ट्रपति कार्यालय के बयान में यह भी कहा गया कि मौजूदा स्थिति अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन के समर्थकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई की माँग करती है।

आईआरजीसी का दावा — आठ ठिकानों पर हमला

इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने क्षेत्र में स्थित आठ अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया। आईआरजीसी ने इसे ईरानी क्षेत्र पर हालिया अमेरिकी 'आक्रामकता' के जवाब में की गई 'निर्णायक कार्रवाई' बताया। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) ने आईआरजीसी के बयान के हवाले से बताया कि यह संयुक्त अभियान रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 2:00 से 3:00 बजे के बीच आईआरजीसी की नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने मिलकर चलाया।

निशाने पर कौन-से ठिकाने

आईआरजीसी के दावे के अनुसार, इस ऑपरेशन में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। निशाना बनाए गए प्रमुख ठिकानों में कुवैत स्थित अली अल सालेम एयरबेस और बहरीन के सलमान पोर्ट पर स्थित अमेरिकी पाँचवें बेड़े का मुख्यालय शामिल हैं। कोर ने दावा किया कि निशाना बनाए गए ठिकानों को नष्ट कर दिया गया, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

बहरीन और कुवैत की प्रतिक्रिया

बहरीन और कुवैत दोनों ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का 'खुला उल्लंघन' करार दिया। गौरतलब है कि शुक्रवार से ही यूएस सेंटकॉम और आईआरजीसी के बीच टकराव चरम पर है। आईआरजीसी के बयान के अनुसार, यह कार्रवाई उस हमले के बाद की गई जिसमें कथित तौर पर दुश्मन ने ईरान की पाँच तटीय चौकियों को पहले दिन में निशाना बनाया था।

क्षेत्रीय स्थिरता पर असर और आगे की राह

यह संकट ऐसे समय में गहराया है जब खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक प्रयास जारी थे। राष्ट्रपति आउन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से युद्धविराम और तनाव-शमन के लिए तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव और व्यापक हुआ तो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले वैश्विक तेल व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और मुख्यधारा की कवरेज इस अंतर को पर्याप्त रेखांकित नहीं कर रही। असली सवाल यह है कि क्या यह टकराव नियंत्रित 'संदेश-भेजने' तक सीमित रहेगा या होर्मुज को बंद करने की दिशा में बढ़ेगा — जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए विनाशकारी होगा।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बहरीन-कुवैत हमलों पर क्या कहा?
राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इन हमलों को 'उकसावे वाली कार्रवाइयाँ' बताया जो बहरीन और कुवैत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं। उन्होंने इन्हें क्षेत्र में युद्धविराम और तनाव-शमन के प्रयासों को कमज़ोर करने की कोशिश करार दिया और दोनों देशों के साथ लेबनान की पूर्ण एकजुटता व्यक्त की।
आईआरजीसी ने किन अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया?
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने आठ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें कुवैत का अली अल सालेम एयरबेस और बहरीन के सलमान पोर्ट पर स्थित अमेरिकी पाँचवें बेड़े का मुख्यालय प्रमुख हैं। यह हमला रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 2:00 से 3:00 बजे के बीच किया गया।
आईआरजीसी ने यह हमला क्यों किया?
आईआरजीसी ने इसे ईरानी क्षेत्र पर हालिया अमेरिकी 'आक्रामकता' का जवाब बताया। कोर के बयान के अनुसार, कथित तौर पर दुश्मन ने पहले ईरान की पाँच तटीय चौकियों को निशाना बनाया था, जिसके प्रत्युत्तर में यह 'निर्णायक कार्रवाई' की गई।
बहरीन और कुवैत ने इन हमलों पर क्या रुख अपनाया?
बहरीन और कुवैत दोनों ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का 'खुला उल्लंघन' करार दिया है। दोनों देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने स्थित हैं जिन्हें आईआरजीसी ने निशाना बनाने का दावा किया है।
अमेरिका-ईरान संघर्ष का खाड़ी क्षेत्र पर क्या असर पड़ सकता है?
यह संघर्ष होर्मुज जलडमरूमध्य से शुरू होकर खाड़ी देशों तक फैल चुका है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। लेबनान के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है ताकि तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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