लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बहरीन-कुवैत हमलों को बताया 'संप्रभुता का खुला उल्लंघन'
सारांश
मुख्य बातें
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बहरीन और कुवैत पर हुए मिसाइल व ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें 'उकसावे वाली कार्रवाइयाँ' करार दिया है, जो इन देशों की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं। बेरूत से जारी राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, यह हमले क्षेत्र में युद्ध रोकने और तनाव घटाने की कोशिशों को कमज़ोर करने का प्रयास हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-ईरान संघर्ष होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे बढ़कर खाड़ी देशों की सीमाओं तक पहुँच चुका है।
राष्ट्रपति आउन का बयान और एकजुटता
राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा कि ये हमले 'क्षेत्र की सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए सीधा खतरा' हैं। उन्होंने बहरीन और कुवैत के साथ लेबनान की 'पूर्ण एकजुटता' व्यक्त की। राष्ट्रपति कार्यालय के बयान में यह भी कहा गया कि मौजूदा स्थिति अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन के समर्थकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई की माँग करती है।
आईआरजीसी का दावा — आठ ठिकानों पर हमला
इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने क्षेत्र में स्थित आठ अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया। आईआरजीसी ने इसे ईरानी क्षेत्र पर हालिया अमेरिकी 'आक्रामकता' के जवाब में की गई 'निर्णायक कार्रवाई' बताया। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) ने आईआरजीसी के बयान के हवाले से बताया कि यह संयुक्त अभियान रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 2:00 से 3:00 बजे के बीच आईआरजीसी की नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने मिलकर चलाया।
निशाने पर कौन-से ठिकाने
आईआरजीसी के दावे के अनुसार, इस ऑपरेशन में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। निशाना बनाए गए प्रमुख ठिकानों में कुवैत स्थित अली अल सालेम एयरबेस और बहरीन के सलमान पोर्ट पर स्थित अमेरिकी पाँचवें बेड़े का मुख्यालय शामिल हैं। कोर ने दावा किया कि निशाना बनाए गए ठिकानों को नष्ट कर दिया गया, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
बहरीन और कुवैत की प्रतिक्रिया
बहरीन और कुवैत दोनों ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का 'खुला उल्लंघन' करार दिया। गौरतलब है कि शुक्रवार से ही यूएस सेंटकॉम और आईआरजीसी के बीच टकराव चरम पर है। आईआरजीसी के बयान के अनुसार, यह कार्रवाई उस हमले के बाद की गई जिसमें कथित तौर पर दुश्मन ने ईरान की पाँच तटीय चौकियों को पहले दिन में निशाना बनाया था।
क्षेत्रीय स्थिरता पर असर और आगे की राह
यह संकट ऐसे समय में गहराया है जब खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक प्रयास जारी थे। राष्ट्रपति आउन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से युद्धविराम और तनाव-शमन के लिए तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव और व्यापक हुआ तो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले वैश्विक तेल व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।