17 जुलाई 2026
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मैक्रों ने ट्रंप के ईरान समझौता प्रयासों की सराहना की, होर्मुज़ सुरक्षा मिशन का दिया प्रस्ताव

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मैक्रों ने ट्रंप के ईरान समझौता प्रयासों की सराहना की, होर्मुज़ सुरक्षा मिशन का दिया प्रस्ताव

सारांश

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप के ईरान समझौता प्रयासों को 'अनोखा मौका' बताया और होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय मिशन तैयार करने की घोषणा की। मध्य पूर्व के चार प्रमुख नेताओं से भी यही संदेश साझा किया गया।

मुख्य बातें

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने 1 जून 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मध्य पूर्व और ईरान-अमेरिका समझौते पर बातचीत की।
मैक्रों ने ट्रंप के ईरान समझौता प्रयासों को 'अनोखा मौका' बताते हुए फ्रांस के पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।
फ्रांस और ब्रिटेन ने मिलकर होर्मुज़ स्ट्रेट की समुद्री सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन तैयार किया है, जिसे समझौते के बाद तैनात किया जाएगा।
मैक्रों ने सऊदी अरब , ओमान , UAE और मिस्र के नेताओं से भी ईरान-अमेरिका समझौते की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए बात की।
फ्रांस ने होर्मुज़ स्ट्रेट को बिना शर्त और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार खोलने की अपील की।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 1 जून 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मध्य पूर्व की स्थिति पर विस्तृत बातचीत की और ईरान-अमेरिका समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने के लिए ट्रंप के प्रयासों की खुलकर सराहना की। मैक्रों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि फ्रांस इन प्रयासों में पूर्ण सहयोग और सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

मैक्रों का बयान: 'अनोखा मौका'

मैक्रों ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से मध्य पूर्व की स्थिति पर बात की। मैंने उनकी उन दृढ़ कोशिशों की सराहना की, जो वे अमेरिका और ईरान के बीच जल्द से जल्द एक समझौता कराने के लिए कर रहे हैं।' उन्होंने इसे 'एक अनोखा मौका' बताया, जिसके ज़रिए सभी संबंधित पक्षों को शामिल करते हुए एक नया क्षेत्रीय सुरक्षा ढाँचा खड़ा किया जा सकता है, ताकि दीर्घकालिक स्थिरता और शांति सुनिश्चित हो सके।

होर्मुज़ स्ट्रेट के लिए अंतरराष्ट्रीय मिशन का प्रस्ताव

मैक्रों ने बताया कि फ्रांस ने ब्रिटेन और अन्य साझेदार देशों के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय मिशन तैयार किया है, जिसे समझौता होते ही होर्मुज़ स्ट्रेट में समुद्री यातायात की सुरक्षा के लिए तैनात किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि फ्रांस समझौते के परमाणु पहलू से जुड़ी व्यापक बातचीत में अपना अनुभव और क्षमताएँ देने के लिए तत्पर है। गौरतलब है कि होर्मुज़ स्ट्रेट से दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, और इसकी सुरक्षा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

लेबनान पर भी हुई चर्चा

बातचीत में लेबनान का मुद्दा भी उठा। मैक्रों ने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति दिखाई गई प्रतिबद्धता की सराहना की। साथ ही उन्होंने एक मज़बूत युद्धविराम की आवश्यकता और लेबनानी अधिकारियों को सामूहिक समर्थन के महत्व पर ज़ोर दिया।

मध्य पूर्व के नेताओं से भी संपर्क

इससे पहले मैक्रों ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी से भी बातचीत की। इन सभी नेताओं को एक ही संदेश दिया गया — अमेरिका और ईरान के बीच जल्द से जल्द समझौता होना बेहद ज़रूरी है। मैक्रों ने बिना किसी शर्त के और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार होर्मुज़ स्ट्रेट को पुनः खोलने का आग्रह किया।

आगे क्या होगा

यह कूटनीतिक सक्रियता ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता एक निर्णायक मोड़ पर बताई जा रही है। फ्रांस की यह पहल संकेत देती है कि यूरोपीय देश इस बार केवल पर्यवेक्षक नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार की भूमिका में रहना चाहते हैं। अंतरराष्ट्रीय मिशन की तैनाती और परमाणु वार्ता में फ्रांस की भूमिका पर आने वाले हफ्तों में और स्पष्टता आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार फ्रांस सीधे सुरक्षा ढाँचे में भागीदारी चाहता है। होर्मुज़ मिशन का प्रस्ताव महत्वाकांक्षी है, पर यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान इसे स्वीकार करेगा या इसे अपनी संप्रभुता पर हस्तक्षेप मानेगा। मध्य पूर्व के चार देशों से एक साथ संपर्क यह भी बताता है कि फ्रांस क्षेत्रीय सहमति बनाने की कोशिश में है, जो किसी भी समझौते की दीर्घकालिक सफलता के लिए ज़रूरी शर्त है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैक्रों ने ट्रंप के ईरान प्रयासों की सराहना क्यों की?
मैक्रों ने ट्रंप के ईरान-अमेरिका समझौता प्रयासों को 'अनोखा मौका' बताया, जिसके ज़रिए सभी पक्षों को शामिल कर एक नया क्षेत्रीय सुरक्षा ढाँचा बनाया जा सकता है। उनका मानना है कि यह समझौता मध्य पूर्व में दीर्घकालिक स्थिरता की नींव रख सकता है।
होर्मुज़ स्ट्रेट के लिए फ्रांस का अंतरराष्ट्रीय मिशन क्या है?
फ्रांस और ब्रिटेन ने मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय मिशन तैयार किया है, जिसे ईरान-अमेरिका समझौता होते ही होर्मुज़ स्ट्रेट में समुद्री यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया जाएगा। होर्मुज़ स्ट्रेट से वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है।
मैक्रों ने मध्य पूर्व के किन नेताओं से बात की?
मैक्रों ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक, UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी से बातचीत की। सभी को ईरान-अमेरिका समझौते की शीघ्र आवश्यकता का एक ही संदेश दिया गया।
लेबनान पर मैक्रों और ट्रंप के बीच क्या चर्चा हुई?
मैक्रों ने ट्रंप की लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने एक मज़बूत युद्धविराम की ज़रूरत और लेबनानी अधिकारियों को सामूहिक अंतरराष्ट्रीय समर्थन के महत्व पर भी ज़ोर दिया।
ईरान-अमेरिका वार्ता में फ्रांस की क्या भूमिका होगी?
फ्रांस ने समझौते के परमाणु पहलू से जुड़ी व्यापक बातचीत में अपना अनुभव और क्षमताएँ देने की पेशकश की है। इसके अलावा होर्मुज़ मिशन के ज़रिए वह समझौते के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा में भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
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