बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने 5 और नागरिकों को किया जबरन गायब, शिक्षक भी निशाने पर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने 5 और नागरिकों को किया जबरन गायब, शिक्षक भी निशाने पर

सारांश

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा जबरन गुमशुदगी की घटनाएँ रुकने का नाम नहीं ले रहीं — इस बार दो शिक्षकों समेत पाँच नागरिक निशाने पर आए। केटा में छात्रों का धरना 15वें दिन में प्रवेश कर गया है। पांक ने तत्काल रिहाई और जवाबदेही की माँग की है।

मुख्य बातें

पांक के अनुसार 7 मई 2026 तक बलूचिस्तान में 5 नए नागरिकों को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जबरन गायब किया।
शिक्षक अब्दुल हमीद (45) और नासिर अली (36) को 5 मई को पंजगुर के पारूम क्षेत्र से फ्रंटियर कोर ने उठाया।
अल्ताफ हुसैन बलूच (27) को 2 मई को हब चौकी से सीटीडी ने अगवा किया।
जान खान (40) और उनके बेटे अब्दुल सत्तार (20) को केटा स्थित उनके घर से सीटीडी ने उठाया।
बोलन मेडिकल कॉलेज के बाहर खदीजा बलूच की रिहाई के लिए छात्रों का धरना 15वें दिन में प्रवेश कर गया।
बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने प्रशासन की निष्क्रियता पर गहरी चिंता जताई।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जबरन गुमशुदगी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक ने 7 मई 2026 को बताया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने महज कुछ दिनों के भीतर पाँच और नागरिकों को जबरन लापता कर दिया, जिनमें दो स्कूल शिक्षक भी शामिल हैं। ये घटनाएँ प्रांत में बढ़ती गैर-न्यायिक हत्याओं और मनमाने अपहरणों की गहरी होती पृष्ठभूमि में सामने आई हैं।

शिक्षकों को बनाया निशाना

पांक के अनुसार, 45 वर्षीय अब्दुल हमीद और 36 वर्षीय नासिर अली — दोनों शिक्षक — को 5 मई को पंजगुर जिले के पारूम क्षेत्र से पाकिस्तान के फ्रंटियर कोर के कर्मियों द्वारा उठा लिया गया। संगठन ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित पैटर्न की कड़ी हैं जो वर्षों से दर्ज होती आ रही हैं। शिक्षकों जैसे नागरिक पेशेवरों को निशाना बनाना यह संकेत देता है कि दमन का दायरा अब केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रहा। केटा में 15 दिन से जारी छात्र धरने पर प्रशासन की चुप्पी यह दर्शाती है कि जवाबदेही का तंत्र या तो कमज़ोर है या जानबूझकर निष्क्रिय किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों की प्रतिक्रिया की अनुपस्थिति इस संकट को और गहरा बनाती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की ताज़ा घटनाएँ क्या हैं?
पांक के अनुसार, 2 मई से 5 मई 2026 के बीच पाकिस्तानी फ्रंटियर कोर और सीटीडी के कर्मियों ने पाँच नागरिकों को जबरन गायब किया, जिनमें दो शिक्षक और एक पिता-पुत्र जोड़ी शामिल है। ये घटनाएँ पंजगुर, हब चौकी और केटा में हुईं।
खदीजा बलूच कौन हैं और उनके लिए धरना क्यों हो रहा है?
बलूच यकजेहती कमेटी के अनुसार, खदीजा बलूच को 21 अप्रैल को केटा स्थित बोलन मेडिकल कॉलेज के महिला छात्रावास से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उठाया और एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। उनकी रिहाई की माँग को लेकर छात्रों का धरना 7 मई को 15वें दिन में प्रवेश कर गया।
पांक (PANC) क्या है?
पांक, बलूच नेशनल मूवमेंट का मानवाधिकार विभाग है जो बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी, गैर-न्यायिक हत्याओं और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों को दर्ज करता है। यह संगठन नियमित रूप से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा किए जाने वाले कथित अत्याचारों की रिपोर्ट जारी करता है।
फ्रंटियर कोर और सीटीडी की इन घटनाओं में क्या भूमिका बताई गई है?
पांक के अनुसार, पंजगुर में दोनों शिक्षकों को फ्रंटियर कोर के कर्मियों ने उठाया, जबकि हब चौकी और केटा की घटनाओं में पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी विभाग (सीटीडी) के कर्मी शामिल बताए गए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की समस्या कितनी गंभीर है?
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और गैर-न्यायिक हत्याएँ वर्षों से जारी हैं और इनका दायरा लगातार बढ़ रहा है। पांक का कहना है कि नागरिकों, विशेषकर शिक्षकों जैसे पेशेवरों को निशाना बनाना सामाजिक ताने-बाने को कमज़ोर करता है और समुदायों में भय का माहौल पैदा करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले