30 जुलाई 2026
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पीओके प्रदर्शन से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि दांव पर, बिलावल भुट्टो ने की शांति की अपील

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पीओके प्रदर्शन से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि दांव पर, बिलावल भुट्टो ने की शांति की अपील

सारांश

पीओके में जेएएसी के नेतृत्व में जारी प्रदर्शनों ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर असहज स्थिति में डाल दिया है। बिलावल भुट्टो की शांति अपील इस बात का संकेत है कि सरकार खुद मान रही है — यह संकट छवि की लड़ाई बन चुका है।

मुख्य बातें

बिलावल भुट्टो जरदारी ने 14 जून को पीओके प्रदर्शनकारियों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह अशांति पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा रही है।
जेएएसी पर 5 जून को प्रतिबंध लगाया गया; कई नेता और कार्यकर्ता गिरफ्तार।
रावलाकोट में इंटरनेट सेवाएं आठवें दिन भी निलंबित; मोबाइल सेवा रात 8:30 बजे के बाद बंद।
PPP ने 27 जुलाई के चुनाव कार्यक्रम को वापस लेने की अपील पहले ही की है।
बिलावल ने शिकायतों के समाधान के लिए एक आयोग बनाने का प्रस्ताव रखा।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने रविवार, 14 जून को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी प्रदर्शनकारियों से अपना आंदोलन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यह अशांति 'प्रांत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि दोनों को नुकसान पहुंचा रही है।' यह बयान ऐसे समय आया है जब पूरे पीओके में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी हैं और पाकिस्तान सरकार चौतरफा दबाव में है।

बिलावल का बयान और अंतरराष्ट्रीय संदर्भ

बिलावल भुट्टो जरदारी ने रविवार को जारी अपने बयान में कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से होने वाला शांति समझौता एक 'ऐतिहासिक क्षण' है। उन्होंने कहा, 'जब पूरी दुनिया की नजर पाकिस्तान पर है, ऐसे समय में इस मुद्दे से पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।' उनके अनुसार, यह स्थिति 'विरोधियों' को फायदा उठाने का अवसर दे रही है।

बिलावल ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि जिन्होंने कानून अपने हाथ में लिया है, वे स्थानीय प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण करें ताकि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी राजनीतिक मुद्दों का समाधान 'लोकतांत्रिक, संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीकों' से होना चाहिए — सड़कें नहीं, बल्कि संसद और राजनीतिक प्रक्रिया ही सही मंच हैं।

जेएएसी प्रतिबंध और गिरफ्तारियाँ

गौरतलब है कि 5 जून को जेएएसी द्वारा 9 जून की हड़ताल की घोषणा के बाद पाकिस्तान सरकार ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। बिलावल ने जेएएसी का अप्रत्यक्ष उल्लेख करते हुए कहा कि यदि सभी पक्ष — जिसमें संघीय सरकार भी शामिल है — सहमत हों, तो विरोधी समूहों से संबंधित अधिसूचनाओं की भविष्य में समीक्षा की जा सकती है।

PPP प्रमुख ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी एक 'आयोग' बनाने की कोशिश करेगी ताकि लंबित शिकायतों का समाधान हो सके और दीर्घकालिक रास्ता निकाला जा सके। साथ ही, पार्टी पहले ही चुनाव आयोग से 27 जुलाई को तय 'समय से पहले घोषित चुनाव कार्यक्रम' को वापस लेने की अपील कर चुकी है।

पीओके में हालात: इंटरनेट बंद, बाजार ठप

प्रमुख पाकिस्तानी दैनिक डॉन के अनुसार, रावलाकोट के आसपास धरने लगातार चौथे दिन जारी रहे। मुजफ्फराबाद और अन्य क्षेत्रों में बाजार बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन कई दिनों से प्रभावित है। कुछ इलाकों में आंशिक हड़ताल की भी खबरें हैं।

रावलाकोट में मोबाइल सेवाएं रात 8:30 बजे के बाद बंद कर दी गईं, जबकि इंटरनेट सेवाएं आठवें दिन भी निलंबित हैं। इससे छात्रों, फ्रीलांसरों और आम नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है, जिन्होंने सरकार से सेवाएं बहाल करने की माँग की है।

आगे क्या होगा

बिलावल ने माना कि प्रशासन और जेएएसी के बीच के मतभेद को सुलझाना जरूरी है। प्रस्तावित आयोग के गठन और जेएएसी से जुड़ी अधिसूचनाओं की संभावित समीक्षा पर सभी पक्षों की सहमति अभी बाकी है। पीओके में बिगड़ते हालात और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच पाकिस्तान सरकार के लिए यह स्थिति एक कठिन राजनीतिक परीक्षा बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उसे और गहरा करने का नुस्खा साबित हुई हैं। इंटरनेट शटडाउन जैसे कदम आज के दौर में अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों की नजर में और ज्यादा सुर्खियाँ बटोरते हैं। सवाल यह है कि क्या प्रस्तावित 'आयोग' एक ठोस राजनीतिक समझौते की दिशा में कदम होगा, या महज समय खरीदने की कोशिश।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीओके में प्रदर्शन किस बात को लेकर हो रहे हैं?
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी हैं। ये प्रदर्शन स्थानीय शिकायतों और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर हैं, जिनके कारण रावलाकोट और मुजफ्फराबाद सहित कई क्षेत्रों में बाजार बंद हैं और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित है।
बिलावल भुट्टो ने शांति की अपील क्यों की?
बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि पीओके की अशांति पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा रही है, खासकर ऐसे समय जब पाकिस्तान ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्थिति 'विरोधियों' को फायदा उठाने का मौका दे रही है।
जेएएसी पर प्रतिबंध कब और क्यों लगाया गया?
पाकिस्तान सरकार ने 5 जून को जेएएसी पर प्रतिबंध लगाया, जब संगठन ने 9 जून की हड़ताल की घोषणा की थी। प्रतिबंध के बाद कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिससे विरोध और तेज हो गया।
रावलाकोट में इंटरनेट बंद होने से किसे नुकसान हो रहा है?
रावलाकोट में इंटरनेट सेवाएं आठ दिनों से निलंबित हैं और मोबाइल सेवाएं रात 8:30 बजे के बाद बंद की जा रही हैं। इससे छात्र, फ्रीलांसर और आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जिन्होंने सेवाएं बहाल करने की माँग की है।
आगे इस विवाद का समाधान कैसे होगा?
बिलावल भुट्टो ने लंबित शिकायतों के समाधान के लिए एक आयोग बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, जेएएसी से जुड़ी अधिसूचनाओं की समीक्षा की संभावना भी जताई गई है, बशर्ते सभी पक्ष सहमत हों। हालाँकि, किसी ठोस समयसीमा की घोषणा अभी नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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