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पीयूष गोयल ने चेक प्वाइंट सीईओ से की मुलाकात, भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की एआई-आधारित साइबर सुरक्षा पर चर्चा

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पीयूष गोयल ने चेक प्वाइंट सीईओ से की मुलाकात, भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की एआई-आधारित साइबर सुरक्षा पर चर्चा

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की सिंगापुर यात्रा केवल व्यापार वार्ता तक सीमित नहीं रही — चेक प्वाइंट सीईओ से मुलाकात ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को एआई-संचालित साइबर सुरक्षा से लैस करने की दिशा में एक नई साझेदारी का संकेत दिया है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने सिंगापुर दौरे पर चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज के सीईओ नादव जफरीर से मुलाकात कर एआई-आधारित साइबर सुरक्षा पर चर्चा की।
बैठक में भारत में चेक प्वाइंट की अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के विस्तार और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की सुरक्षा पर सहमति बनी।
चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में निर्मला सीतारमण , डॉ.
जयशंकर और जितिन प्रसाद भी शामिल हुए।
गोयल ने केपेल इंफ्रास्ट्रक्चर की सीईओ सिंडी लिम और ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के सीईओ सोपनेंदु मोहंती से भी मुलाकात की।
भारतीय कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों — जैविक उत्पाद, काजू, चावल, दुग्ध उत्पाद — को सिंगापुर , आसियान और ऑस्ट्रेलिया के बाज़ारों में बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सिंगापुर दौरे के दौरान वैश्विक साइबर सुरक्षा कंपनी चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नादव जफरीर से मुलाकात की। इस बैठक में भारत में कंपनी की बढ़ती उपस्थिति, द्विपक्षीय साइबर सुरक्षा सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)-आधारित सुरक्षा समाधानों के विस्तार पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में क्या हुई चर्चा

भारत में इज़रायल के राजदूत रियुवेन अजार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस बैठक की जानकारी साझा की। उनके अनुसार, दोनों पक्षों ने भारत में चेक प्वाइंट की अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के विस्तार और देश की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की सुरक्षा के लिए एआई-संचालित प्रणालियों के उपयोग पर गहन चर्चा की। साइबर सुरक्षा, डिजिटल विश्वास और एआई-आधारित नवाचार के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ भी इस बैठक के केंद्र में रहीं।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत डिजिटल भुगतान, डिजिटल पहचान, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और डेटा-आधारित सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में गिना जाने लगा है। इन प्रणालियों पर बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए उनकी सुरक्षा एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुकी है।

सिंगापुर में व्यापार और निवेश पर ज़ोर

सिंगापुर यात्रा के दौरान पीयूष गोयल ने भारत-सिंगापुर बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति, निवेश के अवसरों और कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों को रेखांकित किया। उन्होंने सिंगापुर की विदेश एवं व्यापार-उद्योग राज्य मंत्री गैन सियो हुआंग और अन्य अधिकारियों के साथ एक विशेष कार्यक्रम में भी भाग लिया, जिसका उद्देश्य भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना था।

गोयल ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत जैविक उत्पाद, ताज़े फल एवं सब्जियाँ, जमे हुए फल एवं सब्जियाँ, दुग्ध उत्पाद, काजू, चावल और मोटे अनाज आधारित उत्पादों को सिंगापुर में प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे भारतीय किसानों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सिंगापुर, आसियान देशों और ऑस्ट्रेलिया के बाज़ारों में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

अन्य प्रमुख बैठकें

इस यात्रा के दौरान गोयल ने ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोपनेंदु मोहंती से मुलाकात की, जिसमें वित्तीय नवाचार, प्रौद्योगिकी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों में भारत-सिंगापुर सहयोग को और गहरा करने पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने केपेल इंफ्रास्ट्रक्चर की सीईओ सिंडी लिम से भी मुलाकात कर बुनियादी ढाँचा क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

चौथा भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन

सिंगापुर यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव चौथा भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन रहा, जिसमें पीयूष गोयल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के साथ भाग लिया। इस उच्चस्तरीय बैठक में निवेश, प्रौद्योगिकी, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कौशल विकास, कनेक्टिविटी और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति बनी।

गौरतलब है कि यह यात्रा भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था को वैश्विक साइबर सुरक्षा साझेदारियों से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में चेक प्वाइंट के साथ संभावित सहयोग की रूपरेखा और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतनी ही तेज़ी से उस पर साइबर हमलों का जोखिम भी बढ़ रहा है। हालाँकि बैठक में R&D विस्तार और एआई-आधारित सुरक्षा पर सहमति की बात कही गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समझौता या निवेश आँकड़ा सामने नहीं आया है, जो इस साझेदारी की वास्तविक गहराई पर सवाल उठाता है। भारत-इज़रायल तकनीकी सहयोग की पृष्ठभूमि में यह बैठक एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन डिजिटल सुरक्षा के मोर्चे पर नीतिगत ढाँचे और क्रियान्वयन की गति ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल और चेक प्वाइंट सीईओ की बैठक में क्या हुआ?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सिंगापुर में चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज के सीईओ नादव जफरीर से मुलाकात कर भारत में कंपनी की R&D गतिविधियों के विस्तार और एआई-आधारित साइबर सुरक्षा समाधानों पर चर्चा की। साइबर सुरक्षा, डिजिटल विश्वास और एआई-संचालित नवाचार में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएँ भी तलाशी गईं।
चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज क्या है?
चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज एक वैश्विक साइबर सुरक्षा कंपनी है जो नेटवर्क सुरक्षा, क्लाउड सुरक्षा और एआई-आधारित खतरा निवारण समाधान प्रदान करती है। भारत में इसकी बढ़ती उपस्थिति और R&D विस्तार इस बैठक के केंद्रीय विषय रहे।
भारत की डिजिटल अवसंरचना की साइबर सुरक्षा क्यों ज़रूरी है?
भारत डिजिटल भुगतान, डिजिटल पहचान और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। इन प्रणालियों पर बढ़ते साइबर हमलों के खतरे को देखते हुए एआई-आधारित सुरक्षा समाधान एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गए हैं।
चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में क्या हुआ?
इस उच्चस्तरीय बैठक में पीयूष गोयल के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हुए। दोनों देशों के बीच निवेश, प्रौद्योगिकी, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कौशल विकास और सतत विकास में सहयोग को मज़बूत करने पर चर्चा हुई।
सिंगापुर यात्रा में भारतीय कृषि उत्पादों के निर्यात पर क्या हुई चर्चा?
पीयूष गोयल ने सिंगापुर की राज्य मंत्री गैन सियो हुआंग के साथ एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेकर जैविक उत्पाद, ताज़े एवं जमे हुए फल-सब्जियाँ, दुग्ध उत्पाद, काजू, चावल और मोटे अनाज आधारित उत्पादों को सिंगापुर, आसियान देशों और ऑस्ट्रेलिया के बाज़ारों में बढ़ावा देने की योजना पर चर्चा की।
राष्ट्र प्रेस
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