दक्षिण कोरिया में बैलेट पेपर कमी पर नौवें दिन भी प्रदर्शन, सोल में 700 लोग जुटे
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में 3 जून 2025 के स्थानीय चुनावों में मतपत्रों की अभूतपूर्व कमी को लेकर भड़के विरोध प्रदर्शन शनिवार, 13 जून को लगातार नौवें दिन भी जारी रहे। हालाँकि रिपोर्टों के अनुसार इस दिन प्रदर्शनकारियों की संख्या पिछले दिनों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से कम रही।
मुख्य घटनाक्रम
शनिवार सुबह 9 बजे तक सोल के दक्षिणी क्षेत्र जमसिल स्थित एसके ओलंपिक हैंडबॉल जिमनेजियम के आसपास लगभग 700 लोग एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय झंडे लहराते हुए नारे लगाए और चुनाव दोबारा कराने की माँग की। इससे एक रात पहले इसी स्थान पर करीब 8,000 लोग जुटे थे।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताहांत प्रदर्शनकारियों की तादाद 30,000 तक पहुँच गई थी, जिनमें 20 और 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की बड़ी भागीदारी थी। समय के साथ आंदोलन का आकार सिकुड़ता गया और कार्यदिवसों में अपेक्षाकृत अधिक उम्र के प्रतिभागी रैलियों में दिखाई दिए।
चुनाव आयोग पर आरोप
नेशनल इलेक्शन कमिशन (एनईसी) के अनुसार, 3 जून को हुए मेयर और गवर्नर चुनावों के दौरान देशभर के 26 मतदान केंद्रों पर मतपत्र समाप्त हो जाने के कारण वोटिंग रोकनी पड़ी और कई मतदाता बिना मतदान किए घर लौटने को मजबूर हुए। आयोग ने माफी माँगते हुए स्वीकार किया कि मतदाता भागीदारी का अनुमान गलत लगने के कारण पर्याप्त मतपत्र नहीं छापे जा सके।
हालाँकि, आयोग का यह भी कहना है कि यह प्रशासनिक चूक चुनाव दोबारा कराने का आधार नहीं बनती और इससे चुनाव परिणाम प्रभावित नहीं हुए। इसके अलावा, कुछ जिलों में उम्मीदवारों के मतों की संख्या कंप्यूटर प्रणाली में दर्ज करने में भी गलतियाँ पाई गईं। ये घटनाएँ ऐसे समय में आईं जब आयोग पहले से ही रिश्तेदारों की कथित पक्षपातपूर्ण नियुक्तियों जैसे विवादों से घिरा था।
सरकार और जाँच की स्थिति
राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने मामले की गहन जाँच और चुनाव आयोग में व्यापक सुधार का वादा किया है। अभियोजन और पुलिस की संयुक्त जाँच टीम ने पूर्व एनईसी अध्यक्ष रोह-ताइ-एक पर विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
शनिवार को मुख्य विपक्षी दल पीपुल पावर पार्टी के नेता यांग डोंग-ह्योक ने प्रधानमंत्री किम मिन-सेओक और सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जंग चुंग-राय के साथ तत्काल बैठक का प्रस्ताव रखा। उन्होंने चुनाव दोबारा कराने और विशेष जाँच वकील नियुक्त करने के मुद्दे पर चर्चा की माँग करते हुए कहा, 'हम आज ही मिल सकते हैं, किसी भी प्रारूप में बैठक स्वीकार है।'
आगे क्या
प्रदर्शनों की घटती संख्या यह संकेत देती है कि आंदोलन की तात्कालिक ऊर्जा कम हो रही है, परंतु राजनीतिक और कानूनी प्रक्रियाएँ अभी जारी हैं। एनईसी में सुधार की माँग और पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ जाँच के नतीजे आने वाले हफ्तों में दक्षिण कोरिया की चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता तय करेंगे।