दक्षिण कोरिया बैलेट पेपर विवाद: जांच दल जल्द करेगा निर्वाचन आयोग अधिकारियों से पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया में 3 जून 2026 को हुए स्थानीय चुनावों के दौरान मतपत्रों की कमी के मामले में पुलिस जांचकर्ताओं और अभियोजकों की एक संयुक्त टीम जल्द ही राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग (NEC) के अधिकारियों से पूछताछ करेगी। कानूनी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई उस विवाद के बाद उठाई जा रही है जिसमें सोल सहित देशभर के 26 मतदान केंद्रों पर मतदान कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था। इस घटना ने दक्षिण कोरिया की चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच का दायरा और अब तक की कार्रवाई
जांच दल ने शनिवार को NEC के सर्वरों की तलाशी और जब्ती पूरी की, जिसका उद्देश्य आंतरिक संदेशों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स को सुरक्षित करना था। इससे पहले गुरुवार को टीम ने NEC मुख्यालय समेत सात स्थानों पर छापेमारी की थी।
अब टीम उन अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाने की योजना बना रही है जो प्रभावित क्षेत्रों में तैनात थे। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों और यहाँ तक कि NEC के उस पूर्व प्रमुख को भी तलब किए जाने की संभावना है, जिन्होंने इस घटना के बाद इस्तीफा दे दिया था।
जांच का मुख्य केंद्र-बिंदु
जांचकर्ताओं का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि क्या NEC के अधिकारियों ने बैलेट पेपर की छपाई में अनुचित प्रभाव डाला और मतपत्रों की कमी की स्थिति से निपटने में उनकी प्रतिक्रिया किस हद तक उचित रही। दक्षिण कोरिया के चुनाव कानून के तहत सरकारी कर्मचारियों को अपने पद का दुरुपयोग कर चुनाव प्रक्रिया पर अनुचित प्रभाव डालने से स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किया गया है।
गौरतलब है कि यह मामला केवल प्रशासनिक चूक तक सीमित नहीं — विपक्ष और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतपत्रों की जानबूझकर कमी की गई, जो कि एक गंभीर चुनावी अनियमितता होगी।
सड़कों पर विरोध का सिलसिला जारी
सोल के जमसिल क्षेत्र में स्थित एक वोट काउंटिंग साइट — एसके ओलंपिक हैंडबॉल जिमनेज़ियम — के बाहर चुनाव दोबारा कराने की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार 10वें दिन भी जारी रहे। रविवार सुबह 10 बजे तक लगभग 600 लोग वहाँ एकत्रित थे, जबकि एक रात पहले यह संख्या लगभग 19,000 तक पहुँच गई थी।
पुलिस के अनुसार, यह प्रदर्शन बिना किसी औपचारिक संगठन के स्वतःस्फूर्त रूप से हो रहा है, जिससे इसे नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच में प्रगति होगी, प्रदर्शनकारी धीरे-धीरे शांत हो सकते हैं।
आम जनता और खेल संगठनों पर असर
प्रदर्शनकारियों ने स्टेडियम के प्रवेश द्वारों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे वहाँ कार्यरत खेल संगठनों का कामकाज बाधित हो रहा है। इन संगठनों ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदर्शनकारियों से परिसर खाली करने की अपील करने की योजना बनाई है।
यह स्थिति ऐसे समय में उभरी है जब दक्षिण कोरिया पहले से ही राजनीतिक उथल-पुथल के दौर से गुज़र रहा है। जांच के नतीजे न केवल NEC की साख, बल्कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता के भरोसे को भी प्रभावित करेंगे।