साउथ कोरिया बैलेट पेपर विवाद: संसदीय समिति ने ओलंपिक पार्क जिम्नेजियम का निरीक्षण किया, 2,000 पुलिसकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया की संसद की विशेष जांच समिति ने 3 जुलाई को सोल के दक्षिणी हिस्से में स्थित ओलंपिक पार्क हैंडबॉल जिम्नेजियम का निरीक्षण किया — वह मतगणना केंद्र जहाँ 3 जून के स्थानीय चुनावों में मतपत्रों की कमी के विरोध में प्रदर्शनकारी पिछले 27 दिनों से धरने पर बैठे हैं। समिति का यह पहला स्थल निरीक्षण था, जो करीब 40 मिनट तक चला।
निरीक्षण का घटनाक्रम
समिति के सदस्यों ने सबसे पहले सोंगपा जिला चुनाव आयोग का दौरा किया, जहाँ चुनाव अधिकारियों ने मतदान के दिन मतपत्रों के प्रबंधन और वितरण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके बाद समिति ओलंपिक पार्क जिम्नेजियम पहुँची, जिसका उपयोग चुनाव के दिन मतगणना केंद्र के रूप में किया गया था।
स्टेडियम परिसर में प्रवेश के लिए पुलिस को प्रवेश द्वार पर डटे प्रदर्शनकारियों को हटाना पड़ा। गुरुवार की सुबह स्टेडियम के बाहर प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रदर्शनकारियों का रुख
प्रदर्शनकारियों ने 5 जून को — चुनाव के ठीक दो दिन बाद — विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। उनकी माँग है कि चुनाव दोबारा कराए जाएँ। उनका कहना है कि वे केवल विशेष जांच वकील (स्पेशल काउंसल) की टीम या अदालत के वारंट के साथ आने वाले अधिकारियों को ही परिसर में प्रवेश देंगे। प्रदर्शनकारियों ने मतपेटियों को बाहर ले जाने से रोकने के लिए परिसर की घेराबंदी जारी रखी है।
पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने मौके पर करीब 2,000 पुलिसकर्मी तैनात किए। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी के कथित तौर पर बेहोश होने की सूचना मिलने पर आपातकालीन चिकित्सा दल को भी बुलाया गया, हालाँकि बेहोश होने का तत्काल कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
चुनाव में मतपत्र कमी का मामला
गौरतलब है कि 3 जून के स्थानीय चुनावों के दिन देशभर के कई मतदान केंद्रों पर मतपत्रों की कमी के कारण मतदान कुछ समय के लिए बाधित हो गया था। इसी विवाद की जांच के लिए संसद ने विशेष समिति का गठन किया है।
आगे क्या होगा
समिति के अधिकारियों के अनुसार, दूसरा स्थल निरीक्षण पहले अगले बुधवार को प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे मंगलवार के लिए पुनर्निर्धारित कर दिया गया है। निरीक्षण का स्थान अभी तय नहीं किया गया है। जांच प्रक्रिया जारी रहने के बीच प्रदर्शनकारियों का धरना भी बदस्तूर जारी है।