यूएन महासचिव दौड़: रेबेका ग्रिन्सपैन को सातवें दौर में 11 वोट, लाना नुसीबेह चौथे स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) की महानिदेशक रेबेका ग्रिन्सपैन संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद की दौड़ में अब भी सबसे मजबूत दावेदार बनी हुई हैं। 31 अक्टूबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सातवें अनौपचारिक मतदान में उन्हें 11 सकारात्मक और केवल 4 नकारात्मक वोट मिले — जो पिछले छठे दौर की तुलना में दो अधिक समर्थन और एक कम विरोध है। सात में से छह दौरों में शीर्ष पर रहकर, कोस्टा रिका की ग्रिन्सपैन इस ऐतिहासिक चुनाव में स्पष्ट अग्रणी बनी हुई हैं।
मतदान के मुख्य परिणाम
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक और अर्जेंटीना के राफेल ग्रॉसी दूसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 9 सकारात्मक, 4 नकारात्मक और 2 तटस्थ वोट मिले। गुयाना की पूर्व विदेश मंत्री कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट को 8 पक्ष, 6 विरोध और 1 तटस्थ वोट के साथ तीसरा स्थान मिला।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की विदेश मामलों की राज्य मंत्री लाना नुसीबेह अपनी पहली भागीदारी में चौथे स्थान पर रहीं। उन्हें 7 सकारात्मक, 6 नकारात्मक और 2 तटस्थ वोट मिले, जो उनकी शुरुआती उम्मीदवारी के लिहाज़ से उत्साहजनक नहीं माना जा रहा। मतदान प्रक्रिया में सुरक्षा परिषद के सदस्य 'प्रोत्साहित' (सकारात्मक), 'हतोत्साहित' (नकारात्मक) और 'कोई राय नहीं' (तटस्थ) — तीन विकल्पों में से एक चुनते हैं।
वीटो का अनुत्तरित सवाल
इस बार के मतदान में एक महत्वपूर्ण अनिश्चितता यह रही कि ग्रिन्सपैन के विरोध में पड़े 4 वोटों में किसी स्थायी सदस्य का मत था या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका। गौरतलब है कि छठे दौर में मतपत्रों को अलग-अलग रंगों से चिह्नित किया गया था, जिससे स्थायी सदस्यों की राय अलग की जा सकती थी — लेकिन इस बार ऐसी व्यवस्था नहीं थी। पिछले दौर में ग्रिन्सपैन के खिलाफ पड़े 5 नकारात्मक वोटों में से 2 स्थायी सदस्यों के थे। किसी भी उम्मीदवार को अंतिम रूप से चुने जाने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन — इन पाँचों स्थायी सदस्यों का समर्थन या कम से कम तटस्थता अनिवार्य है।
अन्य उम्मीदवारों की स्थिति
युगांडा के पूर्व विदेश मंत्री और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव ओलारा ओटुनु को इस दौर में केवल 4 सकारात्मक और 11 नकारात्मक वोट मिले। इक्वाडोर की पूर्व विदेश मंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासभा की पूर्व अध्यक्ष मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा को 2 सकारात्मक और 10 नकारात्मक वोट मिले। इक्वाडोर की पूर्व अमेरिकी राजदूत इवोन ए-बाकी को केवल 1 सकारात्मक और 14 नकारात्मक वोट के साथ सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा।
समय की दौड़ और आगे की प्रक्रिया
वर्तमान महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का दूसरा पाँच वर्षीय कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। अक्टूबर 2026 के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष और ग्रीस की स्थायी प्रतिनिधि अग्लाया बाल्टा ने मतदान प्रक्रिया की निगरानी की और भरोसा जताया कि परिषद समय रहते महासभा को सिफारिश भेज देगी। मीडिया संस्थानों पासब्लू और 1फॉर8बिलियन ने इन अनौपचारिक परिणामों का खुलासा किया, क्योंकि परिणाम औपचारिक रूप से घोषित नहीं किए गए। नवंबर 2026 से लातविया सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभालेगा और चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उसके पास होगी।
महिला नेतृत्व और क्षेत्रीय दावेदारी
मतदान के बाद ग्रिन्सपैन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि दुनिया ऐसे निर्णायक दौर से गुजर रही है जिसमें एकजुट और आधुनिक संयुक्त राष्ट्र की ज़रूरत है, और उन्होंने सभी पक्षों की बात सुनने व जरूरी सुधारों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र के 80 वर्षों से अधिक के इतिहास में कभी कोई महिला महासचिव नहीं रही, और इस बार किसी महिला उम्मीदवार के चयन की माँग जोर पकड़ रही है। साथ ही, लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों के समूह (सीईएलएसी) ने भी अपने क्षेत्र से महासचिव चुने जाने की माँग दोहराई है। इस क्षेत्र को 1991 में जेवियर पेरेज डी कुएलर के कार्यकाल समाप्ति के बाद से — यानी 35 वर्षों से — संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष पद पर प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। उरुग्वे की स्थायी प्रतिनिधि लौरा डुप्यू लैसेरे ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, 'अब समय आ गया है कि लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र का कोई नागरिक संयुक्त राष्ट्र महासचिव की जिम्मेदारी संभाले।' परिषद के सदस्य अभी बंद कमरे में बातचीत के ज़रिए किसी एक नाम पर सहमति बनाने की कोशिश में लगे हैं।