अहवाज कैंसर अस्पताल के पास अमेरिकी हमला: ईरान ने बताया युद्ध अपराध, 211 बच्चे निकाले गए
सारांश
मुख्य बातें
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 16 जुलाई को अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अहवाज स्थित बच्चों के कैंसर अस्पताल के निकट किया गया अमेरिकी हमला एक 'कायराना युद्ध अपराध' है। हमले के बाद शहीद बकाई अस्पताल को खाली कराना पड़ा और कीमोथेरेपी करा रहे 211 बच्चों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बुधवार रात अमेरिका ने अहवाज में शहीद बकाई अस्पताल — जो बच्चों के कैंसर उपचार का केंद्र है — के समीप एक स्थान पर हमला किया। उनके अनुसार इस हमले से अस्पताल में भर्ती बच्चों में 'भारी तकलीफ और डर' पैदा हुआ और कीमोथेरेपी करा रहे 211 बच्चों को तुरंत वहाँ से निकालना पड़ा।
बाघेई ने कहा, 'यह बर्बर हमला स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी इमारतों पर इजरायल के हमलों की याद दिलाता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग मानवाधिकारों की बात करते हैं लेकिन अस्पतालों को निशाना बनाए जाने पर 'जानबूझकर चुप रहते हैं,' उन्होंने अपनी 'बची-खुची नैतिक विश्वसनीयता भी खो दी है।'
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का पक्ष
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार सुबह (भारतीय समयानुसार) एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर स्थानीय समयानुसार बुधवार को 90 मिनट तक हमले किए। CENTCOM के अनुसार, 'दोपहर तीन बजे (स्थानीय समय) पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हमलों की दूसरी लहर के लिए ऑपरेशन शुरू किया।' कमांड ने कहा कि ये हमले उन ईरानी सैन्य क्षमताओं को लक्षित कर रहे हैं 'जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता है।'
ईरान का जवाबी हमला
ईरान ने भी अमेरिकी हमलों का जवाब दिया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार को कहा कि उसने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। IRGC के अनुसार इन हमलों में सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरक्राफ्ट शेल्टर, कमांड सेंटर और रणनीतिक ड्रोन को निशाना बनाया गया।
आम जनता और मानवीय चिंताएँ
यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन पहले से ही संघर्ष क्षेत्रों में अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। बाघेई के अनुसार, जानलेवा बीमारी से जूझ रहे मासूम बच्चों को रात के अंधेरे में अस्पताल से निकालना पड़ा — जो इस संघर्ष का सबसे मार्मिक पहलू है।
आगे क्या
अमेरिका-ईरान के बीच यह सैन्य टकराव तेज़ी से बढ़ रहा है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों पर ईरानी हमले जारी हैं, जबकि CENTCOM ने 'हमलों की दूसरी लहर' का उल्लेख किया है। कूटनीतिक हस्तक्षेप की संभावना अभी तक सामने नहीं आई है।