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अहवाज कैंसर अस्पताल के पास अमेरिकी हमला: ईरान ने बताया युद्ध अपराध, 211 बच्चे निकाले गए

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अहवाज कैंसर अस्पताल के पास अमेरिकी हमला: ईरान ने बताया युद्ध अपराध, 211 बच्चे निकाले गए

सारांश

अहवाज में बच्चों के कैंसर अस्पताल के पास अमेरिकी हमले ने इस संघर्ष को एक नई और भयावह दिशा दे दी है — 211 कीमोथेरेपी मरीज़ बच्चों को रात में निकालना पड़ा। ईरान ने इसे युद्ध अपराध बताया; IRGC ने बहरीन और जॉर्डन में जवाबी हमले किए।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने अहवाज स्थित शहीद बकाई अस्पताल के पास अमेरिकी हमले को 'कायराना युद्ध अपराध' करार दिया।
हमले के बाद कीमोथेरेपी करा रहे 211 बच्चों को तत्काल अस्पताल से सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि बुधवार को स्थानीय समयानुसार 90 मिनट तक ईरान पर हमले किए गए।
CENTCOM के अनुसार हमले उन ईरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बना रहे हैं जो होर्मुज स्ट्रेट में जहाज़ों को धमकाने के लिए उपयोग होती हैं।
IRGC ने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमलों की पुष्टि की।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 16 जुलाई को अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अहवाज स्थित बच्चों के कैंसर अस्पताल के निकट किया गया अमेरिकी हमला एक 'कायराना युद्ध अपराध' है। हमले के बाद शहीद बकाई अस्पताल को खाली कराना पड़ा और कीमोथेरेपी करा रहे 211 बच्चों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बुधवार रात अमेरिका ने अहवाज में शहीद बकाई अस्पताल — जो बच्चों के कैंसर उपचार का केंद्र है — के समीप एक स्थान पर हमला किया। उनके अनुसार इस हमले से अस्पताल में भर्ती बच्चों में 'भारी तकलीफ और डर' पैदा हुआ और कीमोथेरेपी करा रहे 211 बच्चों को तुरंत वहाँ से निकालना पड़ा।

बाघेई ने कहा, 'यह बर्बर हमला स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी इमारतों पर इजरायल के हमलों की याद दिलाता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग मानवाधिकारों की बात करते हैं लेकिन अस्पतालों को निशाना बनाए जाने पर 'जानबूझकर चुप रहते हैं,' उन्होंने अपनी 'बची-खुची नैतिक विश्वसनीयता भी खो दी है।'

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का पक्ष

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार सुबह (भारतीय समयानुसार) एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर स्थानीय समयानुसार बुधवार को 90 मिनट तक हमले किए। CENTCOM के अनुसार, 'दोपहर तीन बजे (स्थानीय समय) पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हमलों की दूसरी लहर के लिए ऑपरेशन शुरू किया।' कमांड ने कहा कि ये हमले उन ईरानी सैन्य क्षमताओं को लक्षित कर रहे हैं 'जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता है।'

ईरान का जवाबी हमला

ईरान ने भी अमेरिकी हमलों का जवाब दिया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार को कहा कि उसने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। IRGC के अनुसार इन हमलों में सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरक्राफ्ट शेल्टर, कमांड सेंटर और रणनीतिक ड्रोन को निशाना बनाया गया।

आम जनता और मानवीय चिंताएँ

यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन पहले से ही संघर्ष क्षेत्रों में अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। बाघेई के अनुसार, जानलेवा बीमारी से जूझ रहे मासूम बच्चों को रात के अंधेरे में अस्पताल से निकालना पड़ा — जो इस संघर्ष का सबसे मार्मिक पहलू है।

आगे क्या

अमेरिका-ईरान के बीच यह सैन्य टकराव तेज़ी से बढ़ रहा है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों पर ईरानी हमले जारी हैं, जबकि CENTCOM ने 'हमलों की दूसरी लहर' का उल्लेख किया है। कूटनीतिक हस्तक्षेप की संभावना अभी तक सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 211 बीमार बच्चों की रात में निकासी एक सत्यापन-योग्य मानवीय संकट है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। CENTCOM ने हमलों की पुष्टि की है, लेकिन अस्पताल की निकटता के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया — यह चूक खुद में एक बड़ा सवाल है। खाड़ी में जैसे-जैसे दोनों पक्षों की जवाबी कार्रवाइयाँ बढ़ रही हैं, नागरिक बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा का अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढाँचा एक बार फिर कठघरे में है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहवाज के कैंसर अस्पताल के पास हमले में क्या हुआ?
बुधवार रात अमेरिका ने ईरान के अहवाज शहर में शहीद बकाई बच्चों के कैंसर अस्पताल के निकट एक स्थान पर हमला किया, जिसके बाद अस्पताल को खाली कराना पड़ा। कीमोथेरेपी करा रहे 211 बच्चों को तत्काल सुरक्षित जगह पहुँचाया गया।
इस्माइल बाघेई ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने इस हमले को 'कायराना युद्ध अपराध' बताया। उन्होंने कहा कि जानलेवा बीमारी से लड़ रहे मासूम बच्चों के अस्पताल के पास हमला करना अमेरिका की बर्बरता का प्रमाण है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर हमलों के बारे में क्या कहा?
CENTCOM ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने बुधवार को स्थानीय समयानुसार 90 मिनट तक ईरान पर हमले किए। कमांड के अनुसार ये हमले उन ईरानी सैन्य क्षमताओं को लक्षित कर रहे हैं जो होर्मुज स्ट्रेट में जहाज़ों को धमकाने के लिए उपयोग होती हैं।
ईरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब कैसे दिया?
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए। इन हमलों में सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरक्राफ्ट शेल्टर, कमांड सेंटर और रणनीतिक ड्रोन को निशाना बनाया गया।
क्या अस्पताल के पास हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है?
बाघेई ने इसे युद्ध अपराध करार दिया है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं को संरक्षित दर्जा प्राप्त है; हालाँकि अमेरिका ने अभी तक अस्पताल की निकटता के संदर्भ में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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