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ग्रीन कार्ड आवेदन फॉर्म आई-485 बदला, यूएससीआईएस 18 सितंबर 2026 से नया संस्करण अनिवार्य करेगा

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ग्रीन कार्ड आवेदन फॉर्म आई-485 बदला, यूएससीआईएस 18 सितंबर 2026 से नया संस्करण अनिवार्य करेगा

सारांश

यूएससीआईएस 18 सितंबर 2026 से ग्रीन कार्ड के मुख्य आवेदन फॉर्म आई-485 का नया संस्करण लागू कर रही है — बिना किसी ग्रेस पीरियड के। गलत संस्करण जमा करने पर आवेदन तत्काल खारिज होगा। यह बदलाव वर्षों से वीजा नंबर का इंतजार कर रहे भारतीय पेशेवरों के लिए खासतौर पर अहम है।

मुख्य बातें

यूएससीआईएस 18 सितंबर 2026 से फॉर्म आई-485 का नया संस्करण अनिवार्य करेगा।
नया संस्करण 20 जनवरी 2025 वाले पुराने फॉर्म की जगह लेगा; दोनों एक साथ स्वीकार नहीं होंगे।
कोई ग्रेस पीरियड नहीं — गलत संस्करण जमा करने पर आवेदन सामग्री देखे बिना अस्वीकार कर दिया जाएगा।
पुराना फॉर्म केवल 18 सितंबर से पहले डाक/ऑनलाइन जमा होने पर मान्य; नया फॉर्म केवल 18 सितंबर को या उसके बाद मान्य।
यह बदलाव भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण, जो तकनीक, चिकित्सा और इंजीनियरिंग क्षेत्र में रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा में हैं।

अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) ने घोषणा की है कि स्थायी निवास के लिए आवेदन करने वाला मुख्य फॉर्म — फॉर्म आई-485 (ऐप्लीकेशन टू रजिस्टर पर्मानेन्ट रेसिडेंस ऑर अडजस्ट स्टेटस) — का नया संस्करण 18 सितंबर 2026 से अनिवार्य रूप से लागू होगा। एजेंसी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस तारीख के बाद पुराना फॉर्म जमा करने पर आवेदन सीधे अस्वीकार कर दिया जाएगा — बिना किसी ग्रेस पीरियड के।

क्या बदल रहा है

यूएससीआईएस के अनुसार, नए फॉर्म पर 18 सितंबर 2026 की संस्करण तिथि अंकित होगी और यह 20 जनवरी 2025 वाले पुराने संस्करण की जगह लेगा। एजेंसी ने आवेदकों और इमिग्रेशन वकीलों को नए फॉर्म और उससे जुड़े निर्देशों की अग्रिम झलक भी उपलब्ध कराई है, ताकि संक्रमण सुचारु हो सके।

फॉर्म आई-485 का उपयोग वे लोग करते हैं जो पहले से अमेरिका में रह रहे हैं और कानूनी स्थायी निवासी दर्जा — यानी ग्रीन कार्ड — प्राप्त करना चाहते हैं। इसमें रोजगार-आधारित और परिवार-आधारित दोनों श्रेणियाँ शामिल हैं।

आवेदन तिथि क्यों है अहम

यूएससीआईएस ने साफ किया है कि कोई भी ग्रेस पीरियड नहीं होगा जिसमें दोनों संस्करण एक साथ स्वीकार किए जाएँ। नियम इस प्रकार हैं:

20 जनवरी 2025 वाला पुराना संस्करण केवल तभी स्वीकार होगा जब उसे 18 सितंबर 2026 से पहले डाक द्वारा भेजा गया हो या ऑनलाइन जमा किया गया हो। यदि वही पुराना फॉर्म 18 सितंबर को या उसके बाद पहुँचता है, तो उसे तत्काल अस्वीकार कर दिया जाएगा।

इसी तरह, 18 सितंबर 2026 वाला नया संस्करण केवल तभी स्वीकार होगा जब उसे 18 सितंबर को या उसके बाद डाक से भेजा जाए या ऑनलाइन जमा किया जाए। प्रभावी तिथि से पहले नया फॉर्म जमा करना भी अस्वीकृति का कारण बन सकता है।

भारतीय आवेदकों पर असर

यह बदलाव विशेष रूप से उन भारतीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है जो रोजगार या परिवार आधारित ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा में हैं। भारतीय पेशेवर — विशेषकर तकनीक, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और अन्य विशेष क्षेत्रों में — अमेरिका की रोजगार-आधारित आव्रजन प्रणाली में बड़ी संख्या में शामिल हैं।

प्रति देश निर्धारित वार्षिक वीजा सीमा के कारण कई भारतीयों को इमिग्रेंट वीजा नंबर उपलब्ध होने के लिए वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। ऐसे में जब वीजा नंबर अंततः उपलब्ध हो, तो गलत फॉर्म संस्करण के कारण आवेदन खारिज होना एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।

आवेदकों के लिए ज़रूरी सावधानियाँ

इमिग्रेशन विशेषज्ञों की सलाह है कि आवेदक अपनी जमा करने की तारीख की पुष्टि करें और उसी के अनुसार फॉर्म का सही संस्करण चुनें। डाक से भेजने वाले आवेदकों को पोस्टमार्क तिथि पर विशेष ध्यान देना होगा। यूएससीआईएस ने स्पष्ट किया है कि गलत संस्करण का उपयोग करने पर आवेदन की सामग्री पर विचार किए बिना ही उसे खारिज किया जा सकता है, जिससे आवेदन शुल्क भी जब्त हो सकता है।

यह बदलाव उस व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसके तहत यूएससीआईएस समय-समय पर अपने फॉर्म अपडेट करती है — लेकिन इस बार कोई ओवरलैप अवधि न होने से समय-प्रबंधन की जिम्मेदारी पूरी तरह आवेदक पर आ जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली मार उन हजारों भारतीय आवेदकों पर पड़ेगी जो वर्षों की प्रतीक्षा के बाद वीजा नंबर उपलब्ध होते ही आवेदन करने की कोशिश करते हैं। ग्रेस पीरियड का पूर्ण अभाव और डाक-तिथि की बाध्यता मिलकर एक ऐसी स्थिति बनाती है जहाँ तकनीकी चूक — जैसे डाक में देरी — पूरे आवेदन को खारिज करवा सकती है। यह उस प्रणाली की विडंबना है जो पहले से ही भारतीय आवेदकों को दशकों की प्रतीक्षा में रखती है — और अब एक फॉर्म की तारीख की गलती उस प्रतीक्षा को और लंबा कर सकती है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएससीआईएस फॉर्म आई-485 में क्या बदलाव हो रहा है?
यूएससीआईएस 18 सितंबर 2026 से फॉर्म आई-485 का नया संस्करण लागू कर रही है, जो 20 जनवरी 2025 वाले पुराने संस्करण की जगह लेगा। इस तारीख के बाद पुराना फॉर्म जमा करने पर आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा।
क्या पुराना फॉर्म आई-485 18 सितंबर 2026 के बाद स्वीकार होगा?
नहीं। यूएससीआईएस ने स्पष्ट किया है कि 18 सितंबर 2026 को या उसके बाद डाक से भेजा गया या ऑनलाइन जमा किया गया पुराना फॉर्म सीधे अस्वीकार कर दिया जाएगा। कोई ग्रेस पीरियड नहीं होगा।
भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों पर इस बदलाव का क्या असर होगा?
भारतीय पेशेवर — विशेषकर तकनीक, चिकित्सा और इंजीनियरिंग क्षेत्र में — रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए बड़ी संख्या में आवेदन करते हैं और प्रति देश वीजा सीमा के कारण वर्षों तक प्रतीक्षा करते हैं। जब वीजा नंबर उपलब्ध हो, उस समय गलत फॉर्म संस्करण जमा करना आवेदन की अस्वीकृति का कारण बन सकता है।
नया फॉर्म आई-485 कब से जमा किया जा सकता है?
18 सितंबर 2026 वाला नया संस्करण केवल 18 सितंबर 2026 को या उसके बाद डाक से भेजने या ऑनलाइन जमा करने पर स्वीकार होगा। इससे पहले नया फॉर्म जमा करना भी अस्वीकृति का कारण बन सकता है।
आवेदक सही फॉर्म संस्करण कैसे सुनिश्चित करें?
आवेदकों को अपनी जमा करने की तारीख — चाहे डाक हो या ऑनलाइन — की पुष्टि कर उसी के अनुसार फॉर्म का सही संस्करण चुनना होगा। यूएससीआईएस ने नए फॉर्म और निर्देशों की अग्रिम झलक उपलब्ध कराई है, जिसे आवेदक और उनके इमिग्रेशन वकील पहले से देख सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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