16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डीआरसी में इबोला का 17वाँ प्रकोप: 1,000 से अधिक संदिग्ध मामले, WHO प्रमुख ने युद्धविराम की अपील की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डीआरसी में इबोला का 17वाँ प्रकोप: 1,000 से अधिक संदिग्ध मामले, WHO प्रमुख ने युद्धविराम की अपील की

सारांश

कांगो में इबोला का 17वाँ प्रकोप अब तक का सबसे जटिल — 1,000 से अधिक संदिग्ध मामले, दुर्लभ 'बुंडीबुग्यो' स्ट्रेन और सशस्त्र संघर्ष की दोहरी मार। WHO प्रमुख टेड्रोस खुद किंशासा पहुँचे, युद्धविराम माँगा और यात्रा प्रतिबंधों को उल्टा खतरनाक बताया।

मुख्य बातें

DRC में इबोला के 17वें प्रकोप में 28 मई 2026 तक 1,000 से अधिक संदिग्ध मामले और 238 संदिग्ध मौतें दर्ज।
इस बार वायरस का दुर्लभ 'बुंडीबुग्यो' स्ट्रेन मिला है, जो प्रयोगशाला जाँच में पुष्टि हुआ।
WHO ने 17 मई को इसे अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया; Africa CDC ने भी महाद्वीपीय आपातकाल घोषित किया।
WHO महानिदेशक टेड्रोस 29 मई को किंशासा पहुँचे; पूर्वी इतुरी प्रांत के बुनिया का दौरा निर्धारित।
टेड्रोस ने यात्रा प्रतिबंधों को अप्रभावी बताया और सशस्त्र पक्षों से युद्धविराम की अपील की।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने 29 मई 2026 को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) की राजधानी किंशासा पहुँचने पर कहा कि देश में इबोला का मौजूदा प्रकोप 'बहुत जटिल' है और चल रहे सशस्त्र संघर्ष, असुरक्षा, जनपलायन, खाद्य संकट तथा सामुदायिक अविश्वास के कारण रोकथाम के प्रयास गंभीर रूप से बाधित हो रहे हैं। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय की 28 मई की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रकोप में अब तक 1,000 से अधिक संदिग्ध मामले और 238 संदिग्ध मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।

प्रकोप की गंभीरता और वायरस का दुर्लभ स्ट्रेन

यह DRC में इबोला का 17वाँ प्रकोप है। प्रयोगशाला जाँच में पुष्टि हुई है कि इस बार वायरस का 'बुंडीबुग्यो' स्ट्रेन मिला है, जिसे इबोला का एक दुर्लभ प्रकार माना जाता है। यह बीमारी देश के पूर्वी प्रांतों में लगातार फैल रही है। WHO ने 17 मई को इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित किया था, जिसके बाद अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने भी इसे महाद्वीपीय सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा आपातकाल घोषित कर दिया।

मुख्य घटनाक्रम: टेड्रोस की किंशासा यात्रा

टेड्रोस गुरुवार देर रात किंशासा पहुँचे और पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे प्रभावित लोगों को यह आश्वासन देने आए हैं कि 'वे अकेले नहीं हैं' और WHO उनके साथ पूरी तरह खड़ा है। उन्होंने बताया कि WHO की टीमें पहले से ही पूर्वी इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में काम कर रही हैं और वे स्वयं शुक्रवार को वहाँ जाकर ज़मीनी हालात का जायजा लेंगे।

गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब प्रभावित इलाकों में हथियारबंद हमलों की खबरें लगातार आ रही हैं। टेड्रोस ने एक बार फिर सभी सशस्त्र पक्षों से युद्धविराम की अपील की, ताकि स्वास्थ्यकर्मी निर्बाध रूप से काम कर सकें।

यात्रा प्रतिबंधों पर WHO का रुख

कुछ देशों द्वारा DRC से आने वाले यात्रियों पर लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में पूछे जाने पर टेड्रोस ने स्पष्ट किया कि WHO ऐसे प्रतिबंधों की सिफारिश नहीं करता। उनके अनुसार, यात्रा प्रतिबंध संक्रमण को केवल कुछ दिनों के लिए धीमा कर सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक समाधान नहीं हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई देश पारदर्शिता से बीमारी की जानकारी साझा करे और बदले में उस पर यात्रा पाबंदियाँ लगा दी जाएँ, तो भविष्य में देश समय पर सूचना देने से हिचकिचाएंगे — जो वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कहीं अधिक खतरनाक होगा। उन्होंने कहा, 'सबसे अच्छा तरीका यह है कि बीमारी जहाँ से फैल रही है, वहीं पर रोकथाम के उपाय मज़बूत किए जाएँ और लोगों को मदद दी जाए।'

आम जनता और स्वास्थ्यकर्मियों पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार, संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में इबोला नियंत्रण इसलिए और कठिन हो जाता है क्योंकि विस्थापित आबादी को ट्रेस करना, संपर्क अनुरेखण (contact tracing) करना और टीकाकरण अभियान चलाना लगभग असंभव हो जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब DRC पहले से ही कई मानवीय संकटों से जूझ रहा है।

आगे क्या

WHO प्रमुख की बुनिया यात्रा के बाद संगठन की ओर से ताजा आकलन और संसाधन जुटाने की घोषणा अपेक्षित है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अतिरिक्त वित्तीय और तकनीकी सहायता की माँग बढ़ रही है, क्योंकि 'बुंडीबुग्यो' स्ट्रेन के लिए उपलब्ध टीकों की प्रभावशीलता को लेकर अभी और शोध की आवश्यकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे आपातकाल की घोषणाएँ कितनी भी जल्दी हों। 'बुंडीबुग्यो' स्ट्रेन के लिए उपलब्ध टीकों की सीमित प्रभावशीलता और सशस्त्र गुटों की मौजूदगी मिलकर एक ऐसा संकट बनाती हैं जिसे केवल चिकित्सा उपकरणों से नहीं सुलझाया जा सकता। यात्रा प्रतिबंधों पर टेड्रोस की चेतावनी सही दिशा में है, लेकिन यह भी देखना होगा कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय केवल बयानबाज़ी से आगे बढ़कर वास्तविक संसाधन जुटाता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DRC में इबोला का मौजूदा प्रकोप कितना गंभीर है?
यह DRC में इबोला का 17वाँ प्रकोप है और अब तक 1,000 से अधिक संदिग्ध मामले तथा 238 संदिग्ध मौतें दर्ज हो चुकी हैं। WHO ने 17 मई 2026 को इसे अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।
'बुंडीबुग्यो' इबोला स्ट्रेन क्या है?
'बुंडीबुग्यो' इबोला वायरस का एक दुर्लभ प्रकार है जिसकी पुष्टि इस प्रकोप में प्रयोगशाला जाँच से हुई है। यह सामान्य 'ज़ैरे' स्ट्रेन से अलग है और इसके लिए उपलब्ध टीकों की प्रभावशीलता पर अभी और शोध आवश्यक है।
WHO यात्रा प्रतिबंधों का विरोध क्यों करता है?
WHO के अनुसार, यात्रा प्रतिबंध संक्रमण को केवल कुछ दिनों के लिए धीमा कर सकते हैं और दीर्घकालिक समाधान नहीं हैं। इससे भी बड़ा खतरा यह है कि पाबंदियों के डर से देश भविष्य में प्रकोप की जानकारी समय पर साझा करने से हिचकिचाएंगे।
कांगो में इबोला की रोकथाम इतनी कठिन क्यों है?
पूर्वी DRC में चल रहे सशस्त्र संघर्ष, जनपलायन, खाद्य संकट और सामुदायिक अविश्वास के कारण संपर्क अनुरेखण, टीकाकरण और स्वास्थ्यकर्मियों की पहुँच गंभीर रूप से बाधित है। WHO प्रमुख ने इन्हें रोकथाम में 'सबसे बड़ी रुकावट' बताया है।
WHO प्रमुख की DRC यात्रा का उद्देश्य क्या है?
टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस 29 मई को किंशासा पहुँचे और शुक्रवार को इतुरी प्रांत के बुनिया जाने की योजना है। वे प्रभावित समुदायों को WHO का समर्थन सुनिश्चित करने और ज़मीनी हालात का आकलन करने के लिए वहाँ गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले